X अब Youtube को टक्कर देने के लिए तैयार है
ओरिजिनल वीडियो 15 दिन लगतर बनाओ X $5000 Approx 5 Lakh रुपये देगा ,,
Video पर View's कितना है कोई जरूरी नहीं है आपको सिर्फ Continue 15 वीडियो डालना है
ताऊ तो भविष्यदर्शी निकले
पता नहीं कितने टाइम पहले प्रेमानंद जी महाराज को लेकर यह आशंका जताई थी और सच भी हो गई। कुछेक ग़लत लोगों के कारण किसी भी साधु-संत को बदनाम करना बहुत आसान हो गया है।
न फूल, न माला... दिलफेंक समर्थक ने अपनी मूंछें पहनाकर किया निर्दलीय विधायक रविंद्र भाटी स्वागत, रातभर सड़कों पर जनसैलाब
#RavindraBhati#RavindraBhatiWelcome#SheoMLA
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दशकों से सुषुप्त पड़े, मृतप्राय हो चुके और काई जमे समाज में पत्थर मारकर हिलोरे पैदा करने का काम कर रहे 26 साल के लड़ाके रवींद्र भाटी कि लोकप्रियता का आलम, भारी व अनुशासित भीड़ को देखकर लगता है ये भारी भीड़ अगर भयंकर भीड़ बनकर वोटो में तब्दील हो जाएगी तो तथाकथित दलों को सत्ता नहीं सीटों के लिए भी तरसा सकता है...
खैर Ews सरलीकरण जैसे लोकतांत्रिक और ज्वलंत मुद्दे को लेकर यात्रा कर रहे भाटी कि जनसभा का दृश्य आधी रात का है
#ravindrasinghbhati
नागौर !
भाटी के लिए आपके इस प्यार को किन शब्दों में वर्णित करूँ...
निशब्द हो गया हूँ...
"नागौर की धरती.. आज दीपों सी जगमगाई है..
भाटी के स्वागत में मानो फिर दीवाली आई है..
जयकारों से गूंजा आकाश..उमड़ा वीरों का सैलाब हैं..
ये सिर्फ स्वागत नहीं.. जन जन के दिलों का जवाब हैं..!"
अवर्णनीय नागौर... ! अकल्पनीय नागौर.. ! अविस्मरणीय नागौर... !
"हाथी की सवारी... शौर्य की हुंकार.... भाटी का अंदाज़ निराला है...
जिस ओर कदम बढ़े भाटी के... उस ओर जनसैलाब मतवाला है...."
नागौर की वीर धरा के इस स्नेह को सदा याद किया जाएगा...
रविंद्र सिंह भाटी का प्रभाव देखकर…
बड़े बड़े नेता गश खाते होंगे…
और सबसे बड़ी बात ये है कि ये केवल एक जाति के लोग नहीं है…
और उससे भी बड़ी बात ये है कि ये केवल एक सीमित क्षेत्र की बात नहीं है…
जहाँ जहाँ बंदा जा रहा है…
वहाँ वहाँ इस तरह का क्रेज़ देखने को मिल रहा है…
राजस्थान वालों ने एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा की घुट्टी पी रखी है…
वरना तीसरा मोर्चा खड़ा करना और उसे सफल करने की कूवत रखता है ये बंदा….!!
@Abhinavpinch जी.....
आप पर किसका दवाब हैं, बताइए
हम आपको एक बेदाग छवि वाला पत्रकार मानते हैं, इसलिए सवाल भी आपसे ही है—राजस्थान में EWS सरलीकरण को लेकर इतना बड़ा जनआंदोलन चल रहा है,आपकी ओर से इस मुद्दे को कवरेज क्यों नहीं मिल रही?
#MediaMustCoverSimplification@TheNewspinch
सामान्य से लेकर मूल OBC तक… क्या अब रविंद्र सिंह भाटी में अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं?
पंचायतीराज चुनावों की घोषणा हो चुकी है। इसी बीच श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर से सामने आया यह दृश्य बहुत कुछ कहता है। इतनी बड़ी भीड़, बिना किसी बड़े संसाधन और बिना किसी स्थापित संगठन के इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। यह जनाधार भाटी के लिए सिर्फ उपलब्धि नहीं, उससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी है। क्योंकि अगर जनता राष्ट्रीय दलों के पारंपरिक विकल्पों से इतर किसी नए चेहरे में उम्मीद तलाश रही है, तो उस उम्मीद की कीमत समझनी होगी और उसका सम्मान भी करना होगा।
मैंने कई मौकों पर रविंद्र सिंह भाटी की खुलकर आलोचना की है। जहां असहमति जरूरी लगी, वहां लिखी भी लेकिन पत्रकारिता का अर्थ सिर्फ आलोचना करना नहीं है। जब किसी मुद्दे पर कोई नेता बिना बड़े संसाधनों और बिना किसी मजबूत संगठनात्मक ढांचे के इस तरह जनता को जोड़ता दिखाई दे, तो उसकी तारीफ भी बनती है।
रविंद्र, यह जनता की कमाई है। इसका ख्याल रखना।
“ये भीड़ नहीं, उम्मीदों का समंदर है, इसे संभालकर रखना,
जो भरोसा मिला है जनता से, उसे दिल में उतारकर रखना।
रास्ते रोकेंगे, सियासत दबाएगी, तूफ़ान भी आएंगे,
मगर जो चल पड़े हैं लोगों के लिए… वो मंज़िल भी बनाएंगे।
आज कारवां तुम्हारे साथ है, कल इतिहास गवाह होगा,
अगर जनता का भरोसा निभा लिया… तो ये आसमान भी तुम्हारा होगा।”
@RavindraBhati__