आज जयपुर में महिपाल सिंह मकराणा कि UGC Roll Back कि रैली में लाखों कि भीड़,
यह शिक्षित, सभ्य व संस्कारित लोगों कि भीड़ है,
न ही किसी को गा’ली दिया जा रहा न ही किसी पर अभद्र टिप्पणी |
शायद इसलि�� न ही मिडीया कवरेज मिल रहा
और न ही राजस्थान भवर लाल शर्मा सरकार कि आंखें खुल रहा ।
#UGC #UGCProtest
अजीब ड्रामा है! पूरे राजस्थान और गांव की हर जाति देवेंद्र सिंह जी की निशुल्क व्यवस्था से खुश है, लेकिन एक विशेष गुट को रात-दिन मिर्ची लगी हुई है। का���ण साफ है—मुफ्त और शुद्ध प्रसाद मिलने से मिलावटी सामान बेचने वालों की दुकानें जो बंद हो गई हैं
#बुटाटी_धाम
बुटाटी धाम मंदिर में कुछ लोगों की मिलीभगत से ऐसी चोरी की वारदातें सामने आने लगी जिस कारण देवेंद्र सिंह बुटाटी ने cctv कैमरे लगाए।
अब इनकी मांग है कि cctv हटाओ।
#बुटाटी_धाम@Butati_Dham_@DevendraButati
पंचायत राज - स्थानीय निकाय चुनावों में आर्थिक पिछडे EWS वर्ग को आरक्षण दिया जाए, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में समानता के अधिकार के तहत लागू हो.
जब देश में लागू सभी तरह के आरक्षित वर्गों को पंचायत राज में आरक्षण दिया गया है तो EWS वर्ग को ��स अधिकार से वंचित क्यो रखा गया है.
चूरू जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष, यूथ हॉस्टल एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व युवाओं के प्रेरणा स्रोत भाईसाब पराक्रम सिंह राठौड़ को जन्मदिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं 🎂🎂
@Parakram4BJP
RSS के इशारों पर लिखा जा रहा है इतिहास!
1200 साल तक हिंदुस्तान की सरहदों की रक्षा करने वाले
राजपूतों के बलिदान और शौर्य को
@ncert ने सिर्फ 2 पेज में निपटा दिया...
और
सिर्फ 144 साल राज करने वाले मराठों को
22 पेज में महिमामंडित किया गय��!
मतलब जिनके पूर्वज मुगलों के आगे नतमस्तक हुए,
उनका इतिहास छपवाओ,और जिन्होंने मुगलों को रोका, लड़ते-लड़ते खप गए, उन्हें “defaming lines” में समेट दो ?
इतिहास को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही है सरकार!
ये बेइज्जती है उन वीरों की,
जिन्होंने जौहर किया, शाके किए,
सर कटवा दिए लेकिन झुके नहीं।
👉 अब बहुत हो गया!
सरकार को अब ये समझाना प��़ेगा
कि इतिहास किसी की प्रॉपर्टी नहीं,
ये हमारी अस्मिता है!
#राजपूतइतिहास_को_न्याय_दो
#NCERT_से_साज़िश_हटाओ
#राजपूतगौरव_की_अवहेलना
#HistoryNotAgenda
#RSS_Maratha_प्रोपेगैंडा
जितना फैला सको फैलाओ, ये अब सिर्फ बात नहीं – आंदोलन है।
@RSSorg @ncert @EduMinOfIndia
पहले मुगलों और अंग्रेजों के अधीन, अब मराठों के अधीन बताकर इतिहास को निरन्तर गलत तरीके से प्रस्तुत जा रहा है .
एनसीईआरटी के शिक्षाविदों की ऐसी भूलें गंभीर सवाल उठाती हैं।
क्या ये विद्वान भारत के तथ्यात्मक इतिहास को सही रूप ��ें प्रस्तुत करने में सक्षम हैं? इस पर गहरा संदेह है।
यह सिर्फ संयोग नहीं बल्कि प्रयोग नजर आ रहा है,
देश भर में एक विचारधारा को स्थापित होने देने के लिए क्षत्रिय इतिहास को या तो दबाया गया या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया।”
हनुमान बेनीवाल ने जयपुर के पत्रकारों को स्टैंडअप कॉमेडियन बनाकर रख दिया है। और मजे की बात ये भी है कि अब पत्रकारों की भी एकमात्र यही कोशिश रहती है कि जैसे - तैसे दो चार चुटकुले और डायलॉग निकलवाकर अपना काम कंप्लीट कर लें।
हनुमान बेनीवाल के आगे माइक लेकर जाने वाले पत्रकारों से ���ैं कहना चाहता हूँ कि नेताजी आपके गंभीर से गंभीर सवाल को खुद की सनक में कुचल रहे हैं। और मसला ये भी है कि आप गंभीर सवाल कर भी नहीं रहे हैं। एक सनकी नेता आपको चाहे जैसे नचा रहा है और आप नाच रहे हैं। आप सिर्फ चुटकुले सुनने जा रहे हैं और चुटकुले सुनकर वापस आ रहे हैं। नेताजी आपको इतना हल्के में ले रहे हैं और आप है कि अभी तक उसी में मजा ले रहे हैं।
रिपोर्टिंग में सेंस ऑफ ह्यूमर अपनी जगह ठीक है लेकिन जब कोई नेता उसी ह्यूमर का नाजायज फायदा उठाकर आपकी गंभीरता क�� धज्जियां उड़ाने लग जाए तो तनिक सोचने की जरूरत है बंधुओं। आपके हाथ में माइक चुटकुले सुनने और जनता का मनोरंजन करवाने के लिए नहीं है। आज हनुमान बेनीवाल आपसे खेल रहा है कल यही आदत दूसरे नेताओं की लग जाएगी, क्योंकि इन सस्ते और अभद्र चुटकुलों के पीछे मीडिया का ये दीवानापन इस बात को पुष्ट कर देगा कि मीडिया को मुद्दे नहीं डायलॉग चाहिए और फिर दूसरे नेता भी उसी ट्रैक पर चल पड़ेंगे।
एक अंतिम बात अगर क��सी नेता को आप अपने कैमरे पर डिसिप्लिन में नहीं रख सकते तो कम से कम उस नेता के सामने अपना माइक डाउन कर दो, यकीन दिलाता हूँ 5 दिन में नेताजी डिसिप्लिन सीख जाएंगे।
विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम में जाते हैं, विराट कोहली आध्यात्म की ओर बढ़ चुके हैं मगर
फिर भी विराट कोहली ने नहीं समझ पाया कि आध्यात्म हमें किसी को भी नीचा दिखाना नहीं सिखाता है,
कल RCB बनाम PBKS मैच था, इस मैच में मुशीर खान ने कल अपना डेब्यू किया,
जैसे ही ���ुशीर खान बैटिंग करने के लिए आए वैसे ही पीछे खड़े विराट कोहली ने इशारा किया मानो वह कह रहे हों कि
"ये तो पानी पिलाता है" एक डेब्यूटेंट के लिए इस तरह से इशारा करना बे��द ही शर्मनाक है।
विराट कोहली एक महान और सीनियर खिलाड़ी हैं उनसे इस तरह का व्यवहार कोई भी एक्सपेक्ट नहीं करता है।
युद्ध हमेशा योद्धा ही लडते हैं व्यापारी केवल व्यापार का नफा-नुकसान देखता हैं.!
ये तीनो योद्धा हैं ।
१. जयपुर महाराजा सवाई भवानी सिंह
२.लेफ्टिनेंट जनरल हणुत सिंह जी जसोल
३. लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह जी
@TheTribhuvan पूरी भर्ती को रद्द करना कतई न्यायसंगत नहीं होगा l
जांच एजेंसीज दोषियों पर कार्यवाही करें
जो मेहनत करके लगे है उनका इसमें क्या दोष
सरकारों की लापरवाही तले योग्य व्यक्ती क्यों कुचला जाए...
भारतीय सेना के सर्वकालीन महानतम सेना नायक लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ थे
उच्च सैन्य अधिकारियों की आज्ञा नही मान ब्रिगेडियर सगत सिंह ने मेघना नदी को पार किया और ढाका क��� घेरा बंदी कर पाकिस्तानियों को समर्पण के लिए मजबूर कर दिया।
#ceasefire
#IndiaPakistanWar2025