(पढ़कर ही लाईक,रीट्वीट करें अन्यथा रहने दे)
#देवी_सिंह_महार साहब की लाईन मुझे झकझोंर देती हैं।
"जब किसी समाज का पतन होता है तो वो सबसे पहले अपने स्वधर्म को भूलता हैं।"
स��वधर्म क्या है इसको पहचानें की कोशिश नहीं करता और पाखंडी धर्मो के जाल में फंस जाता हैं।
राजपुत समाज के पास विचारकों की कभी कमी नहीं रहीं, कमी रहीं तो सिर्फ उन विचारकों के विचारों पर अमल करने वालो की।
आजादी के बाद भूस्वामी आंदोलन जैसे बड़े आन्दोलन ��िए गए उस आंदोलन ने समाज को कई रत्न दिए जिन्हे लगा की इस लोकतंत्र में हमारे समाज को उबारने और उसे मुख्य धारा में लाने के लिए कुछ प्रयास जरूरी हैं।
इस नए-नए लोकतंत्र में बढ़ने और इसमें अपने हक अधिकारों के साथ जीने की बात करने वाले कई महापुरुष हुए, बस समस्या ये आई की कभी हमने उनकी कदर नहीं की।
हम ने ऊन विचारों की महत्ता और उसके दूरगामी सुखद परिणामों को कभी समझने की कोशिश नहीं की हैं।
#आयुवान_सिंह_���ी_हुड़ील जैसे समाज सुधारक इस समाज में हुए जिनकी पीड़ा को उनकी लिखीं गई पुस्तकों में महसूस कर सकते हैं, समाज के प्रति उनके भाव एक मां के समान थे जो इस लोकतंत्र में अपने बच्चे को चलना,दौड़ना सिखाना चाहते थे।
आजादी के 75 वर्षों के बाद भी हम उस दिव्य आत्मा के विचारों को अपना नहीं सके और आज हमारी दुर्��शा सबके सामने हैं।
आयुवान सिंह जी तो ईश्वर को प्राप्त हो गए किंतु उनके विचार उनकी पुस्तको में उनके लिखे वाक्यों में आज भी जिंदा है।
(राजनैतिक क्रान्ति के पूर्व,सामाजिक क्रान्ति आवश्यक है और सामाजिक क्रान्ति के भी पूर्व विचार-क्रान्ति आवश्यक है। विचार-क्रान्ति राजनैतिक क्रान्ति का प्रथम सोपान हैं।
जो इन दोनों अवस्थाओं को पार किये बिना ही राजनैतिक-क्रान्ति का प्रयास करते है,उनकी असफलत�� निश्चित समझनी चाहिए।
(जिसी वाही जातडी,जो लडसी झाड़ो झाड़।
लड़ पड़े , पड़ पड़ लड़े पटके अंत पछाड़।।)
देवीसिंह जी महार साहब जैसे बौद्धिक क्षमता के धनी पुरूष आज भी हमारे बीच उपस्थित हैं।
उनके विचार इतने प्रबल है कि मरे हुए समाज को भी रास्ता दिखा दें,किंतु हमारी विडम्बना देखिए हम में से कितने लोग उनके विचारों को सुन पाएं है?
कितने लोग उनके विचारों को ग्रहण करके उस पर अमल कर पाएं हैं?
इस वीडिय�� में उनकी ये ओजस्वी वाणी आपके अंतर्मन को न झकझोंर दे तो कहिएगा।
इन महापुरुषों के द्वारा दिए गए विचारों का भंडार गृह हमारे पास उपस्थित है,जो समाज की प्रगति सुनिश्चित करने का सम्पूर्ण उपाय है।
लेकिन हम मूर्खों की भांति अपना ही नहीं अपने समाज का भी नाश कर रहे हैं।
दिव्यराज जडेजा ✍🏻
राजपूत सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी के सेनानायक तथा मोहम्मद गौरी को बंदी बनाने वाले वीर योद्धा "धीर सिंह पुंडीर" जी की जयंती पर नमन ��🎉
#RajputDheerSinghPundhir
"तारीफ की चाहत तो, नाकामों की फितरत है,
काबिल के तो, दुश्मन भी कायल होते है...."
लक्ष्मण देव सिंह मिन्हास उर्फ बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के शहाद��� दिवस पर उन्हें शत् शत् नमन....
#RajputBandaSinghBahadur
अदम्य साहस और स्वाभिमान के प्रतीक, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
माँ भारती को गौरवान्वित करने वाली आपकी राष्ट्रप्रेम एवं पराक्रम से भरी वीर गाथाएं सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।
#महाराणा_प्रताप
‘जो दृढ़ राखै धर्म को तिहि राखै करतार’
उगता हुआ सूरज अंधेरी रात के अंत और एक उज्ज्वल नए दिन की शुरुआत का प्रतीक है। महाराणा प्रताप हमेशा सूर्य की वह पहली किरण है, जो मेवाड़ के गौरवशाली साम्राज्य पर पड़ती है।
आज, ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को, हम अपने राष्ट्र के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाते हैं।
जय महाराणा प्रताप!
जय मेवाड़!
जय हिंद!
क्या महाराणा प्रताप के योगदान के बिना हमारा इतिहास पूरा हो सकता है?
‘The Almighty protects those who stand Steadfast in upholding righteousness.’
The rising sun signifies the end of the dark night and the beginning of a bright new day. Maharana Pratap will always remain that first ray of sunlight, that falls on the proud kingdom of Mewar.
Today, on the Jyeshtha Shukla Tritiya, we celebrate the birth of the first freedom fighter of our nation Veer Shiromani Maharana Pratap.
Jai Maharana Pratap!
Jai Mewar!
Jai Hind!
Would our history be complete without the contributions of Maharana Pratap?
महाराणा प्रताप स्मारक समिति उदयपुर के अध्यक्ष के रूप में, मुझे देश भर में विभिन्न स्थानों पर महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का उद्घाटन करके उनके जीवन और मूल्यों को दुनिया के साथ साझा करने का सौभाग्य मिला है।
1. दिनांक: 7 दिसंबर 2019
स्थान: मंगलवाड़, चित्तौड़ग���़, राजस्थान।
2. दिनांक: 10 मई 2022
स्थान: सुनेल, झालावाड़, राजस्थान।
3. दिनांक: 23 मई 2023
स्थान: नाथद्वारा, राजसमंद, राजस्थान।
4. दिनांक: 2 अक्टूबर 2023
स्थान: भोपाल चौराहा, देवास, इंदौर, मध्य प्रदेश���
5. दिनांक: 3 जनवरी 2024
स्थान: पोसिंतरा, रेवदर, सिरोही, राजस्थान।
6. दिनांक: 11 फरवरी 2024
स्थान: कन्नौज, चित्तौड़गढ़, राजस्थान।
7. दिनांक: 25 फरवरी 2024
स्थान: खातेगांव, देवास, इंदौर, मध्य प्रदेश।
8. दिनांक: 1 मार्च 2024
स्थान: राजोदा, देवास, मध्य प्रदेश।
9. दिनांक: 11 मार्च 2024
स्थान: खण्डवा, मध्य प्रदेश।
10. दिनांक: 2 जून 2024
स्थान: फिनिक्स टाउन देवास नाका, इंदौर, मध्य प्रदेश।
As the President of Maharana Pratap Smarak Samiti Udaipur, I have been fortunate to share the life and values of Maharana Pratap with the world by inaugurating the statues at various locations across the country.
1. Date: 7th December 2019
Venue: Mangalwad, Chittorgarh, Rajasthan.
2. Date: 10th May 2022
Venue: Sunel, Jhalawar, Rajasthan.
3. Date: 23rd May 2023
Venue: Nathdwara, Rajsamand, Rajasthan.
4. Date: 2nd October 2023
Venue: Bhopal Chauraha, Devas, Indore, Madhya Pradesh.
5. Date: 3rd January 2024
Venue: Positara, Revdar, Sirohi, Rajasthan.
6. Date: 11th February 2024
Venue: Kannoj, Chittorgarh, Rajasthan.
7. Date: 25th February 2024
Venue: Khategaon, Devas, Indore, Madhya Pradesh.
8. Date: 1st March 2024
Venue: Rajoda, Devas, Madhya Pradesh.
9. Date: 11th March 2024
Venue: Khandwa, Madhya Pradesh.
10. Date: 2nd June 2024
Venue: Finix Town Devas Naka, Indore, Madhya Pradesh.
#MaharanaPratap
#JaiMewar
#Legacy
#Mewar
#Honour
#LRSM
#Udaipur
#SaveWater
कानूनी सूचना
सामाजिक संगठन अखंड विश्व उन्नति सेवा संघ की ओर से जनता को यह सूचित किया जाता है की इस संगठन के पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि राजपूत राजा जयचंद गहरवार बहुत बड़े देशभक्त और सनातन धर्म के रक्षक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रमण काल के दौरान अखंड भारत के युग मे देश भर में अन��िनत महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिरों का निर्माण और संरक्षण किया था।
ध्यान दें, यदि कोई व्यक्ति, राजनीतिक दल या कोई सरकारी या गैर सरकारी संगठन या कोई सोशल मीडिया अकाउंट राजपूत राजा जयचंद गहरवार की प्रतिष्ठा और सम्मान को धूमिल करने का प्रयास करेगा तो ऐसी स्थिति में मुझे तत्काल सख्त आपराधिक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। कानूनी नोटिस भेजने की आवश्यकता के बिना ऐसे लोगों के खिलाफ सीधे अदालत में मामला दर्ज होगा ।ध्यान दें कि ऐसे लोग कानूनी लागत और क्षति के लिए भी स्वयं जिम��मेदार होंगे।
रीना एन सिंह , अधिवक्ता
#Jaichand #Rajput
#HistoryDistortion #Rajput #KshatrityaSamaj
LEGAL NOTICE
This is informed to the public at large on behalf of Social Organisation Akhand Vishw Unnati Sewa Sangh, that this organisation is having enough evidence to prove that Rajput Raja Jaichand Gaharwar was one of the biggest patriot and protector of Sanatan Dharam who during the Foreign Invasion Period that too in the era of Akhand Bharat had constructed and protected various important temples throughout the country .
Note: that if any person, political party or any government or non-government organization or any social media account will try to malign the reputation and respect of Rajput Raja Jaichand Gaharwar, then in such a case I am directed to take immediate strict criminal legal action by filing a case directly in the court against such people without sending a legal notice. Further note that such people will themselves be responsible for the legal costs and damages as well.
Sd/- Reena N Singh, Advocate
07-06-2024
#HistoryDistortion
#Jaichand
#kshatriya
#Rajput
बिहार का राज्यपाल राजेन्द्र आर्लेकर आरएसएस जैसे संगठन का व्यक्ती है।
बिहार के राज्यपाल ने सभी सीमाएं लांघ दी।
बिहार के राज्यपाल ने तथागत बुद्ध का अपमान किया है।
उसे तुरंत प्रभाव से राज्यपाल पद से हटाना चाहिए और उसे जेल में डालना चाहिए।
नही तो बिहार में करेंगे उग्र आंदोलन।
बिहार के राज्यपाल के साथ आतंकवादी गतिविधि में सहभागी इंद्रेश कुमार भी था।
बोधगया महाविहार में महंत ब्राह्मण ने शिवलिंग स्थापित किया है। आरएसएस का मोहन भागवत ने बिहार के राज्यपाल को और आतंकवादी इंद्रेश कुमार को आगे करके बोधगया महाविहार पर कब्जा करने के दुष्ट इरादे से ही उन्हे वहा भेजा है। शंकराचार्य का मठ जिसे कहते है वह जगह महाबोधि महाविहार से लगकर है वह भी महाविहार की जगह है।साथ में जगन्नाथ टेंपल जो है वह महाविहार की जगह पर अतिक्रमण करके मंदिर बनाया है।
महाबोधि महाविहार में जो बम ब्लास्ट हुआ थ�� उसकी जांच को सही ढंग से पूरा नहीं किया।जो डायरी और फोन नंबर मिले थे वह आरएसएस के साथ जुड़नेवाले हो सकत��� है।लेकिन सबूत मिलने के बावजूद जांच कार्य ठीक से नही कराया।और अब इंद्रेश कुमार जिसने देशभर में बम ब्लास्ट करवाए है उस व्यक्ति का महाबोधि महाविहार में जाना अत्यंत गलत है।
महाबोधि महाविहार पर विदेशी ब्राम्हणों का कब्जा है और देश पर आतंकवादी ब्राम्हणों का कब्जा है।उसे हटाने के लिए जनांदोलन करना होगा।
महाबोधि महाविहार को बचाने हेतु बड़े आंदोलन की तयारी करनी होगी। आंदोलन की जल्द ही घोषणा ���रेंगे।
: डा. विलास खरात
राष्ट्रिय प्रभारी, बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क,नई दिल्ली।
एक छोटी सी भूल बहुत बड़ी चिंगारी के रूप में सामने आई: पूरन सिंह
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में बीजेपी कमज़ोर पड़ गई, इसी बीच चुनाव से पहले बीजेपी को वोट न देने की कसम खाने वाले राजपूत नेता पूरन सिंह ने यूपी Tak के साथ बातचीत करते हुए बड़ी बात कह दी।
#UttarPradesh#BJP #LokSabhaElections
योगी जी व राजनाथ सिंह जी को नजरअंदाज किया जाना व अमित शाह की टिकट दे���े की मनमानी ने उ.प्र.में डूबाई बीजेपी की नैय्या - रीना एन सिंह
@mreenasingh @office_reena
राजपूत समाज ने साथ दिया 2014 और 2019 में सरकार बनाई इस बार थोड़ा सा विद्रोह किया तो पूर्ण बहुमत भी नहीं ला पाए।अगर पूरे भारत का क्षत्रिय समाज बीजेपी का बहिष्कार कर दे तो 40 सीट भी नहीं जीत पाएंगे और यही 2029 में करके दिखाएंगे भाजपा अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएगी।
यह वो कारण थे जिनकी वजह से राजपूतों ने MODI का बॉयकॉट किया।
@randomsena जब तेरे अन्दर का हिंदू कहा मर गया था ।
1. राम मंदिर ट्रस्ट में सूर्यवंशी राजपूतो को नही रखा गया था।
2. जब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में सूर्यवंशी राजपूतों को नही बुलाया गया था।
3. गुजरात की बहन बेटियां आंदोलन कर रही थी स्वाभिमान के लिए।
4.Delhi University / Banaras Hindu University में महाराणा प��रताप जी की जयंती रुकवा दी थी जब तेरे अंदर का किरयाए पर रहने वाला हिंदू मर गया था क्या??
5.जब पृथ्वीराज चौहान की जाति बदली जा रही थी जब तेरे अंदर का हिंदू कहा मर गया था।
अगर असली हिन्दू है तो जवाब जरूर दियो जब कहा मर गया था हिन्दू तेरे अंदर का।
400 पार के नारे के हवा होने कि मुख्य वजहें:
- EWS सरलीकरण ना करना
- रूपला, बालियान, अमित शाह, शुभकरण, राजभर, अनुप्रिया कैसे नेताओं का बड़बोलापन
- बीजेपी IT सेल का क्षत्रिय विरोध
- इतिहास विकृतिकरण
- राम मंदिर में क्षत्रियों को दरकिनार करना
- क्षत्रिय बाहुल्य सीटों पर क्षत्रियों के टिकट काटना
- प्रदीप चौ���री, संजीव बाल्यान, शुभकरण, कैलाश चौधरी, अनुप्रिया, रायभर जैसे नेताओं का अखंड जातिवाद
#क्षत्रिय_स्वाभिमान_सर्वोपरि
रविंद्र सिंह भाटी का राजनीतिक कैरियर कुछ इस प्रकार से....
रविंद्र एबीवीपी से जुड़ा था और इसने जोधपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में टिकट मांगा लेकिन इसे टिकट नहीं दिया गया।रविंद्र लड़ा और निर्दलीय ही चुनाव जीत गया।
कोई भी संगठन जीतने वाले कैंडिडेट पर दाव लगाती है लेकिन एबीवीपी के टिकट बाटने वाल�� को रविंद्र की स्वीकार्यता समझ नही आई।
फिर अगले चुनाव में रविंद्र के पसंदीदा कैंडिडेट ने एबीवीपी से टिकट मांगा ।लेकिन उसे भी टिकट नहीं दिया गया।यह ध्यान देने की बात है की पहली बार रविंद्र को टिकट नहीं दिए जाने पर हम यह तर्क स्वीकार कर सकते हैं की टिकट देने वालो को उसकी छमता का अंदाजा नहीं था।लेकिन जब रविंद्र के कैंडिडेट ने टिकट की मांग की तब तक रविंद्र अपनी छमता दिखा चुका था।लेकिन फिर भी टि���ट नहीं दिया गया ।अब यहां वजह साफ दिख जाती है की संगठन रविंद्र को स्वीकार करना नही चाहता।रविंद्र अपने कैंडिडेट को एसएफआई से चुनाव लड़ा उसे जितवा देता है।
फिर वो विधानसभा चुनाव से कुछ समय पूर्व बीजेपी में शामिल होता है टिकट मिलने के आश्वासन के बाद लेकिन उसे फिर से टिकट नहीं दिया जाता।रविंद्र एक बार फिर निर्दलीय लड़ गया और विधान सभा का चुनाव भी जीत लिया।
अभी तक रविंद्र ने बीजेपी और उसके शीर्ष नेताओं के विरुद्ध कुछ नही बोला था।विधायक बनते ही ओरण संरक्षण ,स्थानीय लोगो को रिफाइनरी में रोजगार सहित कई मांग उसने सीएम भजनलाल के सामने रखी और इसके साथ ही पानी की किल���लत वाले अपने इलाके के लिए हैंडपंप की भी मांग की ।लेकिन रविंद्र जो विधायक था उसे दो हैंडपंप की स्वीकृति दी गई वही उसी क्षेत्र के एक बीजेपी से जुड़े व्यक्ति को इक्कीस हैंडपंप उसकी सिफारिश पर दिया गया और इसका खूब प्रचार हुआ।कोई भी सामान्य समझ का व्यक्ति भी इसके पीछे छिपी सोच समझ सकता था।रविंद्र को समझ आ गया की ये मुझे काम नही करने देंगे।फिर इसने लोक सभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
रविंद्र के ���ुनाव लड़ने क��� घोषणा के साथ ही राजपूत ही नही मूल ओबीसी जो की बीजेपी का वोटर था वो बीजेपी से दूर जाने लगा ।रविंद्र ने कांग्रेस के वोट बैंक मुस्लिम में भी सेंध लगानी शुरू कर दी ।रविंद्र बीजेपी और कांग्रेस दोनो के कोर वोटर को अपने पक्ष में करने लगा और यह देख दोनों पार्टी ने इसका पुरजोड़ विरोध करना शुरू कर दिया।
क्षेत्र में जिस तरह अमीन खान ,केके विश्नोई को घेरा गया और बीजेपी के कैंडिडेट को हरा प्रियंका चौधरी को जिताया गया वो विश्नोई और मुस्लिम मतदाताओं के लिए भी खतरे की घंटी थी ।लोग समझने लगे की क्या हो रहा है और इसी लिए गुड़ा मलानी में विश्नोई वोट और शिव में मुस्लिम वोट रविंद्र को गया।
जिस तरह से पश्चिम राजस्थान में नए समीकरण बन रहे हैं वो राजस्थान की राजनीति को बदलने की कुबत रखता है।
पक्ष और विपक्ष दोनो ही छटपटा रहे हैं अभी और उसी का परिणाम है रविंद्र के खिलाफ हुई एफआईआर।लेकिन राजनीति में रविं��्र जिसकी अभी शुरुआत ही हुई है उसके लिए इस तरह की करवाई वरदान ही है।
इसे छात्र संघ के चुनाव से मैं नोटिस कर रहा हूं।यह लड़का पश्चिमी राजस्थान में धार्मिक विवाद कभी खड़ा नहीं होने देगा और आपको पढ़ के आश्चर्य भले लगे आज की स्थिति को देख लेकिन ये जातीय टकराव को भी कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।यह महत्वकांछि है और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहता है।छात्र संघ चुनाव से अभी तक इसने खुद को पहले से बेहतर ही बनाया है।
राजपूत समाज को ऐसे लोगो के पीछे ह�� खड़ा होना चाहिए जो जनता के बीच में जाकर समर्थन मांगता हो ।जो पार्टी का मोहताज नहीं वही लीडर कहलाने लायक होता है।
@RavindraBhati__