सवाल यह नहीं है कि मैंने क्रोध किया तो मैं पछता लूं।
सवाल यह है--कल मुझ से क्रोध हुआ था, मैं कल के ही जीवन तल पर आज भी हूं।
सवाल यह है कि मुझसे क्रोध हो सका तो मैं दूसरा आदमी हो जाऊं, ऐसा आदमी जिससे क्रोध न हो सके--प्रायश्चित का यही ���र्थ है।
🌼 महावीर वाणी
#ओशो 🪷
दुख को कोई जागकर भोगता है,
तो अनुभव हाथ आता है
कि दुख को मैंने ही पैदा किया था,
अब दुबारा वैसा न करूंगा।
समझ आ गयी।
समझ काफी है।
नासमझ प्रतिज्ञा लेते हैं। नासमझ व्रत लेते हैं। समझदार तो समझ से जीना शुरू कर देता है। वही उसका व्रत है, वही उसकी प्रतिज्ञा है।
🌼 जिनसूत्र
#ओशो 🪷
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हैं तरह-तरह के लोग यहाँ
सबकी अपनी-अपनी राहें
किस-किसको खुशियाँ बाँटोगे
सबकी अपनी-अपनी चाहें
तू औरों की परवाह न कर
अन्यथा घटित हो चाह न कर
संन्यासं शरणं गच्छामि
गोविंदं शरणं गच्छामि
प.बंगाल 2018पंचायत चुनाव मे TMC के 20,159 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए,
20हजार से अधिक सीटपर TMC के खिलाफ किसी को खड़ा नही होने दिया,
जिसने चुनाव लड़ने की कोशिश की उनके घर जला दिए,मार डाला गया,महिलाओं से रेप किया गया,जिंदा जला दियागया।
सत्ता जाने पर वही आज लोकतंत्र बचाने बैठी है?
8- प्रज्ञा शरणं गच्छामि-पद: 420
जितना जिसके है पास,
चाह उतनी ही बढ़ती जाती है।
धन,पद बन जाता कारा��ृह,
आत्मा गिरवी हो जाती है।
धनभागी जो कि अकिंचन है,
क्या मस्त फकीरी जीवन है।
अथ मस्ती शरणं गच्छामि
भज ओशो शरणं गच्छामि!!
@SiddharthAulia
🙏💚🙏
परमात्मा को जिन्होंने पाया है,
वे कहते हैं: दो दुख हैं।
एक तो उसे पाने के पहले का दुख।
वह कुछ भी नहीं है।
एक उसे पाने के बाद का दुख।
यह कोई ऐसी बात थोड़े ही है कि पूरी हो जाती है कभी।
परमात्मा कुछ ऐसा थोड़े ही है कि पा लिया, पा लिया।
यह तो सागर अंतहीन है।
🌼 जिनसूत्र ६
#ओशो 🪷