पहले पुलिस कस्टडी में अतीक और अशरफ की हत्या और आज लखनऊ कोर्ट के भीतर अपराधी संजीव जीवा की हत्या..ऐसा लग रहा है जैसे यूपी फिर से 90 के दशक वाले..गैंगवॉर वाले दौर में लौट गया है..अपराधियों का एक धड़ा कमजोर हुआ है..दूसरा धड़ा इतना मजबूत हो गया है कि पुलिस हिरासत तो छोड़ दीजिए..जेल में हत्याएं तो छोड़ दीजिए..कोर्ट कचहरियां गोलियों की आवाजों से गूंज रही हैं.. #lucknowCourt
ट्रेन अप हो या डाउन। राजधानी एक्सप्रेस में एसी फ़र्स्ट क्लास H का डब्बा हमेशा बीच में होता है। वैसे ही सामान्य ट्रेनों में जनरल कंपार्टमेंट हमेशा इंजन के बाद और सबसे आख़िर में लगता है।
ये है कवच! ये भारत की यूनिक खोज है। हमारा आविष्कार है। हम Homo Hierarchicus हैं।
ओड़िसा ट्रेन एक्सीडेंट के बारे में सोचिए।
आप पार्टी के राज्य सभा मेंबर डा0 संदीप पाठक जी की बात को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए जब उन्होंने रेलवे की मीटिंग में सुरक्षा और तकनीक को लेकर अगाह किया था उस पर रेलवे ध्यान क्यों नहीं दिया।उच्च स्तरीय और ईमानदारी से जांच करानी चाहिए...दोषियों को दंड मिले।
@anjanaomkashyap जनता जनार्दन के इस निर्णय पर अपना शो करेंगी अथवा समाचार में ब्रेकिंग बनाएंगी ??
नहीं ना, इन्हीं बातों से लगता है कि आप सब समाज के चौथे स्तंभ न होकर प्रचलित नाम ....मीडिया हो।
@Aamitabh2 आप से ऐसी उम्मीद तो कतई नहीं थी...कितने ट्वीट और शो करेंगे आप।एक बार बताना काफी था आपके लिए।आपकी सोच और समझ जानने के लिए।बार बार पीछे पड़ना तो...जिस मीडिया की आजकल हर जगह चर्चा हो रही है कृपया अपना नाम उसमे शामिल न कराएं।
@Aamitabh2 गलतियां दोहराई जाएं ये आप भी चाहते हैं।नाम नहीं है तो इसका मतलब है कि ये देश के राष्ट्रपति का सम्मान नहीं करेंगे और क्या हो जाता उनको भी बुला लिया जाता?
@RubikaLiyaquat तो ये कहा जाय कि जो गलतियां पहले हो चुकी हैं उनके आधार पर सुधार न किया जाय बल्कि आप जैसे पत्रकार उसको बढ़ावा दें...अब स्पष्ट होने को बचा क्या है की आप बीजेपी की कितनी बड़ी चापलूस हैं न कि एक पत्रकार।