आफताब आलम भैया जब से प्रोटेस्ट हो रहा तमाम सोशल मीडिया कंसार में जाकर जला दिए हैं।
हम उन्हें खोजने में अथाह प्रयास कर रहें हैं। हमारी टीम का कहना एक बार आकर आप कह दीजिए आप ईमानदार हैं।
जय जोहार 🔥
बच्चों पर लाठी चार्ज मंत्री Sudivya कुमार सोनू के कहने पर हुआ है इसका दोहरा चरित्र बिल्कुल सामने आ गया है हेमंत सोरेन भी परीक्षा रद्द करने के मूड में है लेकिन Sudivya कुमार ना जाने क्यों सुधीर गुप्ता को बचाने पर लगा हुआ है
#Cancel_jssc_cgl
I support the demands of the protesting students in Jharkhand and appeal to the govt to resolve their issues immediately. Violence against students is simply unacceptable
अगर @RahulGandhi रांची आ कर इन छात्रों के बातचीत करके फिर झारखंड सरकार के साथ बैठकर छात्रों की सभी मांगों पर सहमति पत्र तैयार करवा लेते हैं तो पूरी @INCIndia की राजनीति में यह टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता हैं।
इस फैसले के बाद "छात्रों की गूँज" प्रोग्राम का प्रभाव दुगुना हो जाएगा
छात्रों की साथ इस समय पूरा भारत देश खड़ा है।
#Jharkhand
हेमंत सोरेन ने नौकरी बेच कर बिल आपके माथे मढ़ दिया है। खुद दुबक गए हैं और आपको तथा आपकी पार्टी कांग्रेस को बदनाम करवा कर रहे हैं।
छात्रों के हक में तुरंत समर्थन वापस लेने की घोषणा करिए।
अपनी सरकार के खिलाफ ऐसा लिखने के लिए बहुत जिगरा चाहिए होता है दोस्त।
वाकई राहुल गांधी जी 56 इंच वाले हैं।
छात्रों को अपनी सरकार पर पूर्ण विश्वास है.... हेमंत दा हमारे अपने हैं इसलिए उम्मीद भी इनसे ही है।
हिम्मत दिखाइए हेमंत दा.... रद्द कीजिए CGL
@RahulGandhi@HemantSorenJMM
एक विवादो से भरी परीक्षा रद्द नहीं हो पा रही है, ऐसी क्या मजबूरी है, जहां पेपर लीक करने वाला ही बोल रहा है कि उसने JSSC CGL पेपर लीक किया है फिर भी ऐसी जिद्द की उसके लिए अपने राज्य के बच्चो को मार रहे हैं आप!! @HemantSorenJMM
झारखंड के छात्रों और अभ्यर्थियों की माँगें तर्कसंगत हैं और उनका असंतोष भी स्वाभाविक है। वे पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता की माँग कर रहे हैं। छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के जवाब में किसी भी प्रकार का बल-प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित रास्ता नहीं हो सकता।
झारखंड सरकार को आंदोलनकारियों के साथ सार्थक संवाद कर इन माँगों पर ठोस, समयबद्ध और छात्रों को स्वीकार्य समाधान जल्द से जल्द निकालना चाहिए।
झारखंड के मुख्यमंत्री अपने राज्य में सत्ता में हैं और केंद्र में विपक्ष में हैं. उनके पास ये मौक़ा था दिखाने का कि अपने युवाओं की अपेक्षाओं को कैसे ठीक से डील किया जाता है. आवाज़ उठाना लोगों का, पत्रकारों का काम है. नेता से तो हल की उम्मीद है, जहाँ वो सत्ता में है. 15 दिन हो चुके हैं. लोग भूख हड़ताल पर हैं. पेपर लीक, भर्ती में गड़बड़ी, नौकरियाँ वक़्त से ना निकलना कोई आज की दिक़्क़त नहीं है. सभी को पता है लेकिन एक्शन के लिए क्या हर बार अनशन ही करना पड़ेगा?
कोई नहीं भटका रहा। छात्र के पास बुद्धि है। सबसे बड़ा सवाल है कि आपकी सरकार छात्रों को उकसाने का काम कर रही । सीधे जाने देते कुछ नहीं होता। लेकिन आपलोग का दोहरा चरित्र है ये जो छात्रों के प्रति दिख रहा
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: JPSC-JSCC aspirants' protest | Student leader Sanjay Mehta says, "To all the aspirants who are steadfastly continuing this movement: even after three rounds of talks, the government has not conceded to 100% of our demands. Regarding the march to the Legislative Assembly scheduled for tomorrow, aspirants and our fellow supporters from all districts of Jharkhand—are extending our moral support. We will march in large numbers from the old Assembly building to the new one, conducting this as a completely peaceful march... Our crucial demands are that the CGL exam must be cancelled, a CBI inquiry into the CGL matter must be conducted, the government must accept the reform model we have proposed, and it must adhere to the recruitment calendar we have suggested. If the government fails to meet even a single one of these demands, the movement will continue until they are fulfilled..." (09.08)