का नू न अ व्य वस्था!!!
पहले हमला हुआ फिर इलाज के लिए ले जाते वक्त आटो से खींचकर मौत के घाट उतार दिया गया! पहला हमला होने और आटो से ले जाने के बीच के वक़्त में पुलिस तंत्र अवकाश पर पर तो नहीं रहा होगा, क्या कहते हैं आप??🤔🤔
बांकीपुर के बांका बने ‘पीके’। वैसे जो अपनी छोड़ी सीट पर उतारे गए उम्मीदवार को जीत न दिला सके उसे बहुत बड़ी पार्टी का बड़ा ओहदा देने वालों को अपनी ‘बांकी रणनीति’ पर ‘नवीन’ सिरे से आत्ममंथन करना चाहिए। नरोत्तम मिश्रा के दांत तोड़ने निकले मोहन यादव एंड टीम को दतिया की जनता ने ‘दंतिया’ से कटकटा कर पंजा दिखा दिया। बाकी गुजरात अभी भी मोदीमय है। सत्ता के मद में चूर भगवा खेमे के क्षत्रप आम जनता के मन की सुनेंगे कि नहीं कहना अभी भी मुश्किल है।
#प्रशांत_किशोर
#datiaresult
भगवा से करोड़ों सनातनियों की आस्था जुड़ी है। भगवा भाजपा नहीं है!!
मेरे ट्वीट को अपने सम्मानित मंच पर जगह देने के लिए @JagranNews@ashutoshvshukla@Rajeev121976 एवं डेस्क टीम का आभार🙏
दद्दा कह रहे हैं कि हुई सकत हय कि पसंदगी का मापदंड जांच ही हो, संवेदनशील जगहों पर रहेंगे तो अपना भी भला करेंगे-ऊपर भी ख्याल रख सकेंगे!!!!🤔🫣
वैसे भी आर्थिक मामलों के आरोपी ‘अर्थ प्रबंधन’ से बरी हो जाते हैं!!
यूँ तो आम नागरिकों ग़रीबों वंचितों के लिए सरकारी अस्पताल ही एकमात्र सहारा होते हैं, निःशुल्क इलाज के लिए सरकारी ख़ज़ाने से भरपूर बजट भी दिया जाता है पर तंत्र के धनलोलुपों को रकम चाहिए ही चाहिए!
एक वायरल वीडियो पोस्ट कर रहा हूँ जो मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का है। जहां मुसहर जनजाति के एक निर्धन व्यक्ति के बच्चे की टूटी हड्डी का ऑपरेशन होना था पर डॉक्टर साहेब ने रकम माँगी। चूँकि डॉक्टर ‘महादयालु’ थे तो चौदह हज़ार बताकर जबराना चार हज़ार कर दिया। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कार्रवाई की रस्म अदायगी की गई, पर ऐसी कार्रवाइयों का हश्र क्या होता है पब्लिक जानती है। जो ग़रीब भुगतते हैं उनके पास इतनी ताक़त व हैसियत नहीं होती है कि लखनऊ या दिल्ली जंतर मंतर जाकर विरोध दर्ज कर सकें!😢
@brajeshpathakup जी गहन जांच करवाकर नजीर लायक ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कर दें🙏
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को पढ़िए, जिसका पालन दो स्थितियों में ही संभव हो सकता है,
१- या तो कानून Retrospectively यानी अतीत ( बीते हुए समय) से लागू होता हो। या फिर
२- संबंधित अफसर के पास टाईम मशीन हो जिसमें बैठकर भविष्य के आदेशों को जाना जा सके।
यूपी की पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था को घेरते हुए यूपी कैडर के आईपीएस #अजयमिश्रा को लेकर हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने कड़ी टिप्पणी की, उन्हें 12 फ़रवरी, 2023 को दर्ज गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में दोषी क़रार दिया गया।
-आरोप है कि इस आईपीएस अफसर ने गृह विभाग द्वारा जारी उन सर्कुलर से का पालन नहीं किया जो इन तारीख़ों में जारी हुए
-24.7.23 का सर्कुलर.
-24.9.24 का सर्कुलर.
- 2.12.24 का सर्कुलर
ग़ौर कीजिएगा कि ये तीनों सर्कुलर 12 फ़रवरी, 2023 को मुकदमा दर्ज होने के बाद जारी हुए।
कृपया ज्ञानवर्धन करिएगा कि भविष्य के सर्कुलर का कोई अभी कैसे पालन कर सकता है??
अदालती आदेश के संबंधित हिस्से👇👇
अवधी में कहावत है, “दरवाजे आई बरात तो पखरैतिन के लागे $गास”
किसी भी विद्यार्थी की क़ाबिलियत की जाँच का पैमाना परीक्षा होती है, परीक्षा के वक्त छात्र उछलकूद करता दिखे तो सवाल उठेंगे। वैसे ही किसी मंत्री और उसके मंत्रालय के कामकाज का आकलन आपात स्थिति के दौरान तय होता है। दशकों से सब वाक़िफ़ हैं कि बिजली की सर्वाधिक खपत गर्मियों में होती है, इसके लिए तैयारी साल भर से करनी होती है-पर वक़्त रहते जब कदम नहीं उठाए जाते हैं तो हालात वैसे ही हाहाकारी होते हैं जैसे इन दिनों यूपी में बने हुए हैं। अब ऊर्जा महकमे के हाकिम से लेकर अफसर तक हरकत में नज़र आ रहे हैं-निरीक्षण की तस्वीरें जारी हो रही हैं-कागज़ी आँकड़ों के जरिए हवाहवाई बयान जारी हो रहे हैं-खुद की पीठ आपस में ही थपथपा ले रहे हैं! नाकामी बिजली महकमे की-सरदर्द सहना पड़ रहा है पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को!
जनता और जनप्रतिनिधि त्राहि माम् त्राहि माम् करते फिर रहे हैं !!!!😢
बीते डेढ़ वर्षों से हर रविवार श्रमसाधकों संग चाय-नाश्ते का रूटीन बना था पर कालचक्र के सम्मुख मातृशोक के कारण असहाय हुआ तो स्वयं की उपस्थिति संभव न रही। सेवाकार्य बाधित होने की आशंका थी पर प्रिय अनुज @isaurabhhsinghh ने सेवा दायित्व संभाल लिया। आज दूसरा रविवार है जब मैं न जा सका पर सेवाकार्य का क्रम नहीं टूटा। सौरभ के साथ मेरी धर्मपत्नी हेमा और बिटिया आराध्या ने भी मनोयोग से सेवाकार्य किया। असहनीय दुख के इस समयचक्र में मन पुलकित हुआ-भावुकता से भर उठा। दरअसल, अपने को सदा के लिए खोना शोक की ऐसी दुरुह अवस्था है, जिससे न चाहते हुए भी जूझना-सहना-गुजरना होता है, ये दर्द देह रहने तक बना रहेगा पर स्वशोक के कारण सामाजिक दायित्वों का क्रम नहीं टूटना चाहिए ये संदेश सब तक पहुंचे इसलिए ये पोस्ट लिखने का मन किया।🙏🥹
मिर्जापुर : आंधी और तूफान के बाद नहीं हटवाया गया पेड़, मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग पर पेड़, आधे सड़क पर है पेड़, अबतक लड़ चुकी है दो गाड़ियां, पेड़ नहीं हटा तो रात्रि में हो सकती है घटना, घोर लापरवाही आई सामने, देहात कोतवाली के भिस्कुरी का मामला। @adgzonevaranasi@Uppolice
‘मातृ शोक’ के बेहद कठिन दौर से गुजर रहा हूँ। स्नेहिलजनों की आवाजाही-बातचीत के क्षण मनोव्यथा की तीव्रता घटा देते हैं। आज रविवार है और बीते डेढ़ वर्षों से हर रविवार सिविल अस्पताल के एक कोने पर श्रमसाध्य साथियों के संग चाय-नाश्ते का आयोजन करता रहा हूँ। पर इस समय अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रक्रियाओं के पालन के क्रम में बाहर निकलना नहीं हो सकता है। इसलिए आज चिंता हुई कि रविवार के आयोजन का सिलसिला भंग हो जाएगा, पर अनुज @isaurabhhsinghh ने सिविल चौराहे पर पहुंचकर मेरी भूमिका का निर्वहन किया -सभी मेहनतकश साथियों को चाय-नाश्ता कराया, उनसे संवाद किया। बहुत-बहुत आभार सौरभ आपके नाम बजरंगी यूँ ही नहीं है आप भी बजरंगबली की भांति सबकी सहायता-सहयोग के लिए समर्पित रहते हैं। उच्चकोटि के दयावान- संवेदनशील इंसान हैं। आपके स्नेहिलभाव के सम्मुख नतमस्तक हूँ 🙏🙏🙏
यूपी पुलिस की पुलिसिंग के तेवर पश्चिम बंगाल में भी नजर आए!
आईपीएस अधिकारी @DripsAjaypal इन दिनों निर्वाचन आयोग की तरफ़ से पश्चिम बंगाल में ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में तैनात हैं। टीएमसी के विवादित नेता हुमायूं जहांगीर के ठिकानों पर पहुंचकर अपने अंदाज़ में समझाया, कानून के दायरे में रहने की ताकीद की।
शर्मनाक-पीड़ादायक-क्षुब्धकारी!!
वायरल वीडियो में नजर आ रही महिला हरदोई जिले के सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल हैं। स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के अभिभावक संग इनकी बदतमीज़ी सारी हदें पार कर कर रही है। अंग्रेज़ी बोलने का अर्थ कदापि नहीं कि आप सामान्य पृष्ठभूमि के नागरिकों संग अभद्रता पर उतर आएंगे। ऐसी प्रिंसिपल स्कूल के शिक्षकों व बच्चों संग क्या सुलूक करती होंगी ये सोचकर ही मन विचलित हो जाता है। मेरा @CMOfficeUP@UPGovt@dmhardoi से विनम्र अनुरोध है कि इनकी हरकतों का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करें ताकि सभ्य व संयमित आचरण का सबक इन्हें सिखाया जा सके
लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर रीफ़िल को लेकर @BPCLLPG से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई हैं। कपूरथला स्थित अशोक गैस सर्विस की हीलाहवाली के चलते खुद मेरे पारिवारिक सदस्य को परेशानी सहनी पड़ी। @AdminLKO के संज्ञान में लाने के बाद एजेंसी के लोग हरकत में आए और समस्या का त्वरित समाधान संभव हो सका।
अभिषेक शर्मा और सूर्य कुमार यादव : दो हीरो और सोशल मीडिया की नफऱत
पोस्ट लंबी है पर जरूरी है, 3 पोस्ट का थ्रेड है, पूरा पढ़ें।
दो तरह के अल्बर्ट पिंटो इस समय गुस्सा हैं, एक जो अभिषेक शर्मा को बेकार बता रहे हैं और दूसरे सूर्य कुमार यादव को कोस रहे हैं। ये लोग क्रिकेट को उतना ही समझते हैं जितना लिओ मेसी अंग्रेजी समझता है, मतलब समझ में तो आता है पर ज्यादा नहीं आता।और जो क्रिकेट की समझ होने के बाद भी निशाना बना कर दोनों में से एक की बुराई कर रहे हैं उनकी चिढ़ के "नॉन क्रिकेटिंग रीजन" हैं।
पहले अभिषेक की बात :
अभिषेक करीब 5 महीने से लगातार आईसीसी रैंकिंग में टी 20 का दुनिया का नम्बर 1 बल्लेबाज है। इस दैरान एक बार अभिषेक ने 931 अंक हासिल कर लिए थे जो क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा प्राप्त सबसे बड़ी रेटिंग है।
इंटरनेशनल टी 20 क्रिकेट में टीम इंडिया के लिए खेलते हुए अभिषेक का औसत 33 है, कल के मैच से पहले 34 था जो टी 20 में बहुत अच्छा है और ये तब है जब स्ट्राइक रेट 189 है, कल से पहले 190 था। करीब 190 पूरे करिअर का स्ट्राइक रेट। वो 45 मैच खेल कर 1386 रन बना चुका है कोई दो चार मैच के बल पर ये रिकार्ड नहीं है उसका।
हम अभी आईपीएल की तो बात ही नहीं कर रहे हैं। टी 20 में टीम इंडिया के लिए बंदा 2 शतक और 9 हाफ सेंचुरी बना चुका है। भारत के लिए टी 20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर 135 रन अभिषेक के नाम है जो उसने इंग्लैड के खिलाफ बनाया था, नामीबिया या नीदरलैंड के खिलाफ नहीं। ऐसे मैच विनर को टीम से हटाने को कह रहे हैं लोग।
अभिषेक किसी जुगाड़ से आया खिलाड़ी नहीं है, अपने टैलेंट के दम पर राह बनाई है। जूनियर लेवल से वो डोमिस्टिक टूर्नामेंट्स में रनों के अंबार खड़े कर रहा है। पहली बार अभिषेक नजर में तब आया जब अंडर 16 विजय मर्चेंट ट्राफी में उसने 7 मैचों में 1200 रन बना दिए।अगले सीजन में अंडर 19 एशिया कप अपनी कप्तानी में जिताया,2018 में अंडर 19 वर्ल्ड कप विजेता बनी टीम का अहम सदस्य था।
अपने पहले आईपीएल मैच में 19 गेंद पर 49 रन बना दिए थे जब उम्र सिर्फ 17 साल थी, बाद में सनराइजर्स के लिए जो किया वो सबको पता है। पंजाब को सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिता चुका है जब टूर्नामेंट में 180 के स्ट्राइक रेट से 2 शतक और 3 अर्धशतक ठोक दिए थे। ऐसे ही नहीं बन गया है वो अभिषेक शर्मा।युवराज सिंह जैसे खिलाड़ी ने बिना वजह उस पर अपना समय नहीं दिया.
अब ये भी जान लें अभिषेक इतनी तेज खेलता कैसे है। वो कोई स्लागर नहीं है,उसके पास तेज गेंदबाज और स्पिनर्स दोनों को हिट करने की टेकनीक है। वो ऑन साइड और ऑफ साइड दोनों तरफ बराबर प्रभावशाली है जिस कारण जब वो शुरू हो जाता है तो गेंदबाज को रास्ता नहीं सुझाई देता कि गेंद डालें कहां। स्पिनर को हिट करने के लिए वो ज्यादातर बल्लेबाजों की तरह पूरी तरह गेंद की पिच पर नहीं जाता बल्कि गेंद को थोड़ी दूर से मारता है जिससे ज्यादा ऊंचा उछाल सकता है। इसी टेकनीक की वजह से वो लंबे छक्के मारता है,सौरव गांगुली स्पिनर के खिलाफ इसी टेकनीक का प्रयोग कर लंबे छक्के मारते थे. पर गांगुली तेज गेंदबाजों पर अभिषेक की तरह छक्के नहीं लगा पाते थे।
तेज गेंदबाजों पर छक्के मारने के लिए अभिषेक युवराज सिंह की तरह बैट स्विंग यूज करता है। तेज गेंदबाजों के खिलाफ विकेट छोड़ते हुए आगे निकल कर ऑफ साइड में जो शॉट वो शुरुआत से खेलता है वैसा बड़े बड़े बल्लेबाज तब खेलते हैं जब वो काफी रन बना चुके हों और अतिरिक्त जोखिम ले रहे हों पर अभिषेक के लिए वो अतिरिक्त जोखिम नहीं सामान्य स्ट्रोक है।
ये सब इतना आसान नहीं है,आसान होता तो सब कर लेते। बहुत तपस्या और टैलेंट चाहिए इसके लिए। गेंद को जल्दी पढ़ने की क्षमता, बॉडी का क्विक रिस्पांस और डिसाइसिव इंस्टिक्ट जब एक साथ होगी तभी कोई कर पाएगा ये।
ऐसे लाजवाब खिलाड़ी को जो जिस दिन चल गया सिर्फ पावर प्ले में ही मैच का परिणाम लिख देता है, ऐसा टैलेंट और जिगरे वाला बल्लेबाज जो बड़े से बड़े गेंदबाज पर मैच की पहली गेंद पर बाउंड्री मार देता है जिसके कारण विपक्षी टीम पहली गेंद से दबाव में रहती है, ऐसे बल्लेबाज को कुछ मैच में रन न बनाने पर टीम से हटाने को कह रहे हैं लोग. भाई उसका रोल ही टीम में यही है कि अपने रन की चिंता मत करो क्योंकि पर्याप्त बैक अप है टीम में, यही कॉन्फिडेंस सूर्य कुमार यादव ने उसे दे रखा है। लगातार आलोचना से उस पर दवाब बन गया है जिसके कारण पिछले कुछ मैच वो झिझक कर शॉट खेल रहा है और आउट हो रहा है। उम्मीद है फाइनल में पिछले मैच भूल कर पुराने अंदाज में बैटिंग करेगा।
मेरठ पुलिस इन सीओ के बचाव में भले ही कोई तर्क गढ़ रही हो पर इनके निर्देशों की भाषा में सभी पत्रकारों को शामिल किया गया था, एक लोकतांत्रिक देश में किसी पुलिस अफसर द्वारा इस तानाशाही शैली में दिए गए निर्देश अवांछनीय-निंदनीय हैं!!!
दरअसल, ब्रह्मपुरी की सीओ सौम्या अस्थाना का एक 29 सेकंड का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वे मातहतों को निर्देश देती सुनाई देती हैं कि अगर कोई पत्रकार थाने के अंदर वीडियोग्राफी करता है, तो उस पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। चहुंओर से रिझाने के सुर गूँजने के बाद मेरठ पुलिस को स्पष्टीकरण देना पड़ा है कि ये आदेश पोर्टल वालों के लिए दिए गए थे। हालाँकि की सीओ की भाषाशैली और पुलिस के स्पष्टीकरण में सामंजस्य नहीं दिखता।
कल वरिष्ठ पत्रकार स्व विधि सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सभी साथियों ने मिलकर किया, इस दौरान के कई भावुक पलों को पिरोकर हमारे सहयोगी पत्रकार @journo_man ने ये मर्मस्पर्शी वीडियो बनाया जिसे पूरा देख पाने की हिम्मत ही नहीं हो पा रही है, बस आंसू बह जा रहे हैं🙏🥲