What is the reason, how did you cancel my order on your own without asking me @zomato and @zomatocare . Is this your service, you are 0 in the name of service. Secondly, what about my time that you wasted, who is responsible for my order not coming. You take the payment before the order. And you will give the refund only tomorrow, why brother, did you ask whom and did you do it on your own?
वैसे तो आपकी जानकारी के लिए अवग��� करा दु यह वो सीवर नहीं है जिसकी मैंने शिकायत की है विभाग के संबधित खंड ने आपको जानकारी ग़लत दी है किसी दूसरे सीवर की सफाई है ये।
लेकिन विभाग के लोगो आकर मुआयना किया है और सीवर का ढक्कन न खुलने की वजह से वापस आने का आश्वासन मौजूद निवासियों की दिया गया है।
कृपया कर @Noidatraffic पुलिस अवगत कराए की ये चालान किस जुर्म में किया गया है।
क्युकी हमारी तरफ़ से कोई भी गलती न हुई है और विवरण भी समझ नहीं आ रहा है मेरी तो ।
Kahi Target pure aese hi to nahi hote na.
@uptrafficpolice@Uppolice
��्रधानमंत्री जी और तमाम भाजपा प्रवक्ता रुबिका लियाकत से लेकर दीपक चौरसिया सारे आ जाएं एक दिन पूरी तैयारी करके
हम तैयार हैं डिबेट के लिए !
#FarmersCallPMforDebate
जो देश के किसानों के लिए लड़े वो #आन्दोलनजीवी
आज अलीगढ़ किसान-महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंच कर अपने ��क़ की लड़ाई में समर्थन दीजिए !
#KisanPanchayat
सच तो ये है कि ये सिर्फ किसान के हक़ की नहीं, हर एक भारतीय की लड़ाई है। अगर वक्त रहते इन काले कानूनों को रद्द नहीं करवाया गया तो ये भविष्य में हर एक भारतीय पर हावी हो जायेंगे।
6 फरवरी को अन्नदाताओं के चक्का जाम का @INCHaryana पूरा समर्थन करेगी।
महोदय मैं कभी मैं सरहद पर गया नहीं लेकिन ऐसी तस्वीरें वहां की भी कभी नहीं देखी हैं। आप किससे लड़ रहे हैं? किसान चांद नहीं मांग रहे हैं अपना हकूक मांग रहे हैं। हमसे बेहतर किसान जानते हैं कि उनकी भलाई किसमें है हमें समझाने की जरूरत क्यों पड रही है? : @manojkjhadu
संसद में किसान की बात रखी-
72 दिन से चल रहे आंदोलन से 194 किसानों के शव अपने घर लौट चुके हैं, क्या सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने गया? मिलते तो देखते उनके घरो को, देखते उनके बेसहारा परिवार के आंसुओं को और हिम्मत होती तो उनकी आँखों में आँख डाल कर कह देते की ‘वो आतंकवादी थे’
1/8
किसान बॉर्डर पर बैठने नहीं, रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण धरना देने चले थे।जैसे ही हरियाणा की सीमा आयी,सरकार बेक़सूरों पर हमलावर हो गई, सोचा रोक लो।
लेकिन ये उंही के भाई थे जो देश की सीमा पर दुश्मन के सामने छाती अड़ाएँ खड़े है- सरकारी लाठी,आंसू गैस,वाटर कैनन इन्हें कैसे रोकते?
2/8
��िल्ली, 26 जनवरी को जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था, बिन राजनीति किए हम माँग करते हैं कि उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जाँच के बाद दोषी पर कार्यवाही हो।
पर इस की आड़ में अपने ‘प्रचारतंत्र’ का उपयोग कर आंदोलन को कलंकित करने का प्रयास सरकार की मंशा स्पष्ट कर देता है।
ऐसा नहीं होने देंगे।
3/8
पूंजीपोषक सरकार को किसान क़ानूनों के मसले पर आज राज्यसभा में चर्चा के दौरान एक बार फिर आईना दिखाया।
तथ्यों के विपरीत बोलने और किसानों की माँगो को ख़ारिज करते हुए तीनों कृषि क़ानूनी को पूर्णतः किसान हित में बताने पर सदन के बीच में उठ कर कहा कि हम यहां सरकार का झूठ नहीं सुनेंगे।