चंद्रचूड़ का बाप चीफ़ जस्टिस था। कोलिजियम सिस्टम के कारण अब वह चीफ़ जस्टिस बन गया। परंपरा के अनुसार, इसके बाद वह अपने बेटे अभिनव या चिंतन या दोनों को चीफ़ जस्टिस बनवाएगा।
क्रीमी लेयर लगाना है तो पहले हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगाओ कि जज के बेटे को जज बनाने की सिफ़ारिश पापा या पापा के दोस्त नहीं करेंगे।
परीक्षा से इंडियन ज्यूडीशरी सर्विस बनाकर जज की नियुक्ति करने में डर क्यों लगता है?
#SaveReservation
क्या आप इससे सहमत है ?
सुप्रीम कोर्ट के SC, ST लिस्ट में उप-वर्गीकरण के फैसले पर बोले वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल, "आरक्षण और संविधान को ख़तरा कोलिजियम जजों से है।"
@Profdilipmandal | #SupremeCourtOfIndia | #Reservation
इस वीडियो के माध्यम से मैं आज आपको वो सच बताने जा रहा हूँ जो आपसे दबाया और छुपाया जा रहा है।
सच ये है कि इस लोकसभा चुनाव ने करवट ले ली है।
वीडियो पूरा देखिएगा और शेयर ज़रूर करिएगा!
#LokSabhaElctions2024
खतरनाक: मध्य प्रदेश सरकार ओबीसी विरोधी कार्य कर रही है. ओबीसी के 27% आरक्षण पर कोई रोक नहीं है. पर शासन बदमाशी कर रहा है. 14% ही ओबीसी को दिया जा रहा है और 13% को शासन के आदेश से खाली रखा जा रहा है. बीजेपी जवाब दे. ओबीसी से गद्दारी न करे. @DrMohanYadav51
राजस्थान : शिक्षा मंत्री द्वारा दलित शिक्षिका हेमलता बैरवा के निलंबन के आदेश पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी, दलित शिक्षिका हेमलता बैरवा ने माता सावित्री बाई फुले को बताया था शिक्षा की देवी...
@Hemlata_bairwa5
खुद को बहुजन समाज बताने वाली कुछ ओबीसी जातियां दलितों से इतनी नफरत क्यों करती हैं? आखिर ओबीसी समाज की ये जातियां जातिवाद करना कब छोड़ेंगी? आखिर कब तक दलितों के बच्चे यूं जातिवाद का शिकार होते रहेंगे?
जिस क्लासरूम में बैठकर सचिन रैगर पढ़ाई करता था, उसी क्लास में उसने फांसी लगा ली। आरोप है कि राजकुमार यादव और विवेक यादव नाम के शिक्षकों ने उसे जातिवादी गाली दीं और सबके सामने बेइज्जत भी किया जिससे आहत होकर सचिन रैगर ने अपनी जान दे दी। #JusticeForSachinRegar
रिट्वीट करें: मध्य प्रदेश पेशाब कांड में पीड़ित बच्चे के आंसू पोंछने के लिए @narendramodi और @RahulGandhi दोनों को जाना चाहिए और पीड़ित को आश्वस्त करने चाहिए कि पूरा राष्ट्र आदिवासियों के साथ है। राष्ट्रीय एकता के लिए यह बहुत ज़रूरी है।
मध्य प्रदेश में एक गरीब आदिवासी लड़के पर पेशाब करने का बेहद अमानवीय और घिनौनी वीडियो सामने आया है।
ये घटना एमपी की कानून व्यवस्था का हाल बयां करती है। जहां कमजोर की कोई सुनवाई नही।
आरोपी व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित को स्वास्थ्य जाँच और संरक्षण प्रदान किया जाए।
मामा के दो रंग आपके सामने हैं।
मामा सत्ता में हैं तो अतिथि विद्वान भोपाल में मूसलाधार बारिश में प्रदर्शन करने को मजबूर।
मामा विपक्ष में थे तो अतिथि विद्वानों से कहते हैं, आपका संपूर्ण समर्थन है।
कांग्रेस अध्यक्ष @kharge जी ने केंद्र सरकार में ख़ाली पदों का ये आँकड़ा जारी किया है। ये बेहद गंभीर मामला है। केंद्र सरकार को तत्काल white paper जारी करके बताना चाहिए कि किन अफ़सरों की बदमाशी से ये स्थिति पैदा हुई और ऐसे अफ़सर जेल में क्यों नहीं हैं जो संविधान को नहीं मानते।