Conheça os terroristas israelenses que as mídias dizem que são colonos. Armados como selvagens para atacar as famílias palestinas e roubar suas terras. É assim que espalham terror, violência e medo.
Horrorosos, Fedorentos!
मौलाना तौकीर रज़ा खान साहब की गिरफ्तारी को आज एक साल पूरा हो गया, लेकिन अब तक उन्हें ज़मानत नहीं मिल सकी। मौलाना का कसूर सिर्फ़ इतना था कि जब देश भर में “आई लव मुहम्मद ﷺ” कहने पर गिरफ्तारियाँ हो रही थीं और मुसलमानों को जेल भेजा जा रहा था, तब उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने और राष्ट्रपति को ज्ञापन देने का ऐलान किया था। उनका सवाल था कि “आई लव मुहम्मद ﷺ” कहना आपत्तिजनक कैसे हो सकता है? यह कहने पर किसी को गिरफ्तार कैसे किया जा सकता है?
लेकिन पहले मौलाना को घर में नज़रबंद किया गया और फिर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ज़रूरत है कि मौलाना तौकीर रज़ा खान साहब के हक़ में आवाज़ उठाई जाए और उनकी तत्काल रिहाई की माँग की जाए।
#MobLynching | #Book |
2014 में राजनीतिक वेव के साथ-साथ एक रैडिकल वेव खड़ी की गई। उसका उरूज 2019 में देखने को मिला।
कोशिश थी कि भारत को एक मोनोलिथिक देश बनाया जाए। जैसे इज़राइल। और बनाया भी जा सकता था।
पर हमारे संविधान, हमारे मूल्यों और हमारी विविधता की जड़ें इतनी मज़बूत हैं कि उस कट्टरपंथी आंधी को न सिर्फ़ शॉक एब्जॉर्बर की तरह झेल लिया, बल्कि
जिस समुदाय को वे कट्टर बनाना चाहते थे, उसी समुदाय से प्रतिरोध आया।
उसका एक उदाहरण @DayashankarMi जैसे लोग हैं, जिन्होंने अपना करियर दाँव पर लगाकर मॉब लिंचिंग जैसे विषय पर “अख़लाक़” किताब लिखी।
ऐसे प्रतिरोध के लाखों उदाहरण हैं। कईयों ने अपनी जानें दी।
इसी तरह के प्रतिरोध ने आज उस कट्टरपंथी आंदोलन को न सिर्फ़ कमज़ोर कर दिया, बल्कि उसे एक धुंध में तब्दील कर दिया।
भोपाल में “अख़लाक़” पर चर्चा।
जय हिन्द।
अब @Uppolice को यही काम रह गया है, कि वह मस्जिदों में जाकर कुएं तलाश करती फिरे। जबकि यह सर्वविदित है कि नमाज़ से पहले वुज़ू किया जाता है, और वुजू पानी से ही होता है, जब नल नहीं थे, तब कुएं थे, अब नल के बजाय टंकी सिस्टम है। लेकिन ‘जागा हुआ हिंदू’ कुएं का मतलब मंदिर बताता है और @dgpup की पुलिस कुआं तलाशने मस्जिद पहुंच जाती है। मानो अब यूपी पुलिस को यही सब काम रह गया है।
When 12 people were killed in Charlie Hebdo attacks, world leaders thronged to Paris for a solidarity march
But no world leader has organised a march to protest killing over 100,000 people—25,000+ children, 300+ journalists, 2000+ health workers, 405 UN staff—in Gaza and Lebanon
Location: Chopda, Jalgaon, Maharashtra
During the Ganesh procession, a police officer named Pawan Desale was seen celebrating with BJP workers while brandishing a lathi in front of a mosque.
It is worth noting that a Muslim IPS officer, Bushra Bano, faced complaints and a transfer for using phrases like "Assalamu Alaikum," "Inshallah," and "Jazakallah."
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिस तथाकथित मीडियाकर्मी ने हंगामा किया है, वो @SureshChavhanke के चैनल में कार्यरत है। @Jour_Nadeem ने उस नफ़रती रिपोर्टर को मौके पर ही Expose कर दिया।
Ofcourse Dara Singh will always be your Hero to you and people like you. The one who K!||€d people and bu₹nt alive children from the minority community will always remain your Hero.
Hindus are incredibly insecure people, lol.
A Muslim female IPS officer said "Assalamu alaikum" in a video and it rattled them so badly that she was transferred as disciplinary action.
Meanwhile, Hindu IPS officers openly participate in Hindu religious ceremonies and organise Hindu events inside their offices, with no comparable outrage.
This is Senior IPS officer C.V. Anand after taking oath as DGP Telangana, with Vedic chants being recited in his office. There are hundreds of similar examples but Muslims didn't outrage over them.
If a Muslim shot and killed a pregnant Israeli woman today, the entire world would be talking about the EVILS OF ISLAM.
But when Jews shoot and kill a pregnant woman, nobody says a word about Judaism. Why is this?
Am I wrong? Tell me where I'm wrong.
मेरठ के केसरगंज स्थित दाल मंडी में मस्जिद निर्माण का कार्य चल रहा था। इसे लेकर एक वर्ग ने विरोध किया, जिस पर मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद निर्माण का कार्य जहां तक पहुंचा था, उसे वहीं रोक दिया। उसके अगले रोज़ अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाला सचिन सिरोही नामी फ्रिंज एलिमेंट अपने साथ अपने ही जैसा फ्रिंज एलिमेंट ‘रिपोर्टर’ लेकर दाल मंडी पहुंचा, और वहां पहुंचकर मस्जिद में घुसने की कोशिश करते हुए मस्जिद को लेकर विवादित बयानबाज़ी भी की। विवाद हुआ, और मेरठ की महान एवं न्यायप्रिय निष्पक्ष @meerutpolice मस्जिद के इमाम को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
इस वीडियो को देखिए! इसमें वो फ्रिंज एलिमेंट सचिन सिरोही भी है, और नफ़रत बांटकर टुकड़ाखोरी करने वाला वो नफ़रती रिपोर्टर भी है। ये मस्जिद के सामने जाकर माइक लेकर वहां पर ‘वैध अवैध’ करने लगता है। इसी बीच सचिन सिरोही नामी नफ़रती विवादित टिप्पणी करता है, जिस इमाम साहब गुस्से में जवाब देते हैं, और उस नफ़रती के माइक को हटा देते हैं। बस फिर क्या था! नफ़रती रिपोर्टर भी तमतमा जाता है। सोचिए! माइक हटाए जाने पर नफ़रती रिपोर्टर लाल पीला हो गया। लेकिन मस्जिद में जारी निर्माण कार्य को रुकवाए जाने पर ‘दूसरे’ लोग नाराज़गी भी ज़ाहिर ना करें?
इस देश में मुस्लिम पहचान के खिलाफ खुले आम गुंडागर्दी हो रही है। इस गुंडागर्दी के खिलाफ @myogiadityanath सरकार @dgpup की @Uppolice एक्शन लेने के लिए भी तैयार नहीं है। मुसलमान किसी ‘दूसरे’ मोहल्ले में मकान खरीद ले तो वहां ये गुंडे पहुंच जाते हैं, और जाकर हंगामा करना शुरू कर देते हैं, मुसलमान कहीं मस्जिद बनाने लगें तो वहां ये गुंडे पहुंच जाते हैं, और जाकर हंगामा करना शुरू कर देते हैं। प्रशासन खुद ही बता दे कि आखिर गुंडों के इस झुंड को गुंडागर्दी करने का अधिकार किसने दिया है? क्या किसी मुसलमान ने भी इस तरह की गुंडागर्दी की है?
मेरठ की इस मस्जिद कमेटी को हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए। ताकि अपनी ही ज़मीन पर इबादतगाह के निर्माण में बाधा डालने वाले सचिन सिरोही नामी फ्रिंज एलिमेंट और इसके पिछलग्गू नफरती रिपोर्टर चेले चपाटों पर अदालत ढंग से कानून का पाठ पढ़ाए।
नौजवान पत्रकार सीमाब अख्तर को एक न्यूज़ चलाने के मामले में पटना पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। 12 घंटे गुजर जाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया है। यह पूरी तरह गैर-कानूनी है। पटना पुलिस को सीमाब अख्तर को फ़ौरन रिहा करना चाहिए।
@ShamsTabrezQ
This video is from 2018 rural Uttar Pradesh, where a Hindu woman was beaten by her Hindu husband on a village panchayat’s orders
Still no Community Note on this post?
هذه هي أشهر صورة يستخدمها مراحيض العلمانية ولا يعرفون أصلها.
الشخص الموجود في الصورة هو الناشط الكشميري شكيل أحمد بهات.
في عام 1990، وقت أن كان يبلغ من العمر 12 عامًا اقتحمت الشرطة الهندية منزله، وألقوا بأخته البالغة من العمر 18 عامًا من النافذة، ما أدى إلى كسر ظهرها، وتركتها الدولة من دون علاج لانها مسلمة حتى فارقت الحياة.
وقُتل والده بعد تعرضه للتعذيب والضرب، بينما تعرض شكيل نفسه لتعذيب شديد.
توفي شقيقه بسبب نزيف دماغي، ووالده أصبح طريح الفراش نتيجة الضغوط والانتهاكات المتكررة التي تعرضت لها العائلة.
وفي عام 2007، التُقطت له تلك الصورة الشهيرة أثناء مشاركته في احتجاجات ضد الرسوم المسيئة للنبي ﷺ
وتعرض للاعتقال مئات المرات وقضى سنوات بين السجون حتى خروجه في 2020.
الصورة التي لفت العالم لتشويه الإسلام ويراها البعض “رمزًا للتطرف ” خلفها إنسان عاش الظلم بكل ماتحمله الكلمة من معنى.
Same Old Pattern
Hindutva goons attack you and your home.
But when you defend yourself and respond in the same language, they will come with police and administration.
Haji Salman has been arrested from Chittaurgarh, Rajasthan.
No arrest of Sumit.
No arrest of Gaurav, who waved a pistol.
Why?
इंसाफ के दोहरे पैमाने हमेशा तबाही (विनाश) का रास्ता खोलते हैं। सरकारें डर, ज़ुल्म और भेदभाव से नहीं, बल्कि न्याय और इंसाफ, समानता और जनता के विश्वास से चलती और तरक्की करती हैं।
सांप्रदायिकता और धर्म के आधार पर नफ़रत को बढ़ावा देना किसी भी देश के लिए बेहद ख़तरनाक है। यह न केवल सामाजिक ताने-बाने को कमज़ोर करता है, बल्कि अमन, तरक्की और राष्ट्रीय एकता को भी नुकसान पहुँचाता है। इसके बावजूद मौजूदा हालात से मायूस होने की कोई ज़रूरत नहीं है। आज जो हालात हैं, वे हमेशा ऐसे नहीं रहेंगे। हर रात के बाद सुबह ज़रूर आती है, और वह दिन भी आएगा जब अमन, भाईचारे, प्रेम और न्याय का सूरज उगेगा और नफ़रत, भेदभाव और सांप्रदायिकता का अंधेरा छंट जाएगा।
इतिहास गवाह है कि ज़ुल्म और नाइंसाफी कभी स्थायी नहीं रहे। जब ज़ुल्म अपनी इंतिहा को पहुँचता है तो इंसाफ की सुबह करीब आ जाती है। एक दिन ज़ुल्म व ज़बरदस्ती का अंत होगा, ज़ालिमों को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा, और हमारा देश एक बार फिर प्रेम, भाईचारे, न्याय, समानता और इंसानियत के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
हम एक जीवित (ज़िंदा) क़ौम हैं, और जीवित क़ौमें हालात के रहमो-करम पर नहीं रहतीं,वे अपने चरित्र, हौसले और अमल से हालात का रुख़ बदल देती हैं।
#ArshadMadani
#JusticeAndEquality
#HumanityFirst
#PeaceAndUnity
#NoToHate
She was getting ready for her first day of school… but the occupation’s missiles got there first.
Curse a world that sees the charred bodies of our children and feels no shame for its silence.