मुस्लिम युवक किराये के मकान में रहता है, हिंदूवादी व्यक्ति आता है, मकान खाली करने को कहता है, मुस्लिम इलाके में जाने को कहता है, कह रहा है कि इससे लव जिहाद हो सकता है, सामने खड़ी भीड़ हाँ में हाँ मिलती है, युवक को अली खामेनई का भतीजा कहा जाता है, पता नहीं ये अधिकार किसने दिया…🤔
भारत सरकार का नया Immigration Act 2025, 31 दिसंबर 2024 तक आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई बिना डॉक्यूमेंट्स रह सकते हैं। लेकिन मुसलमानों को फिर बाहर रखा गया। सवाल यही है धर्म देखकर इंसाफ़ क्यों?