भाजपा के शासनकाल में, उप्र के सरकारी अस्पताल की दुर्दशा का हाल उजागर करनेवाले एक मीडियाकर्मी को स्वास्थ्यकर्मी द्वारा पीटे जाने की घटना को आपराधिक मामले की तरह देखा जाए। अगर हर ज़िले में एक भी ऐसा दुस्साहसी पत्रकार हो जाए तो उप्र की सच्चाई सबको पता चल जाए।
#अस्सी_हराओ_भाजपा_हटाओ
दलितों को सिर पर जूते-चप्पल रखकर चलवाते हैं दबंग: फरमान नहीं माना तो हाथ-पैर तोड़े; महिला का बच्चा छीनकर फेंक दिया
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