पत्रकार: राजस्थान में दो महीने में 18 गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, सरकार क्या कर रही है?
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री: मिलते हैं ब्रेक के बाद!
यह कहने के बाद मंत्री जी भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूहड़ता से हँसने लगे
यह BJP वाले इतने क्रूर और बेशर्म क्यों होते हैं?
What kind of 'terrorist' fasts for 16 days to attract govt's attention?
What kind of 'anti-national' puts his life at risk to make education minister accountable?
It's shocking to see that this govt isn't even responding to Sonam Wangchuk's near-death situation. #SonamWangchuk
‘हवा में उड़ते हुए’ सड़क परिवहन मंत्री का इंटरव्यू
सवाल : आपने जो आम दिए हैं वे खट्टा है।
जवाब : आप इमली की बात मत कीजिए।
इथेनॉल के मुद्दे पर नितिन गडकरी के इस इंटरव्यू का एक पंक्ति में सा सार यही है।
पूरा इंटरव्यू सुन लीजिए। अगर आप अपना माथा नहीं पकड़ लेंगे तो फिर कहिएगा!
मेघा ने माइलेज के मुद्दे पर पहले सवाल से ही घेरा। अपनी गाड़ी की माइलेज का भी उदाहरण दिया। पर गडकर ने कहा, माइलेज मापने की मशीन घर में नहीं होती, डीलर से जांच कराइए! दिक़्क़त हो तो कंज़्यूमर कोर्ट जाइए!
मतलब कुछ भी!
माइलेज बताने का मीटर घर में नहीं होता पर हर गाड़ी में तो होता ही है। इसको नकार दिया गडकरी ने!
कार कंपनियों के लिए ये बहुत ही आपत्तिजनक बात है कि दशकों से हर कार के साथ बनाए गए उनके माइल-मीटर पर गडकरी ने सवाल उठा दिया है!
पर शायद कार कंपनियाँ गडकरी की इस बात के ख़िलाफ़ फिर भी ना बोलें! संभवतः कोई डर या दबाव होगा! नहीं तो कार कंपनियों को सामने आकर स्वीकारने चाहिए कि कार में फिट माइल-मीटर धोखा है!
बात इतनी भर नहीं है।
क़रीब आधे घंटे के इस इंटरव्यू में गडकरी ने किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया है। गोल गोल घुमाया है। ज़्यादा कुरेदने पर अपरोक्ष रूप से FIR और परोक्ष रूप से Defamation केस तक की धमकी दी है!
सवाल पूछा जा रहा है E10 वाली गाड़ियों में E20 डाले जाने की और जवाब दे रहे हैं 100% इथेनॉल या पेट्रोल से चलने वाले फ़्लेक्सी फ़्यूल इंजन की!
इथेनॉल के बाद भी पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
जवाब : आयं बाएँ साएं
जब एक सवाल का जवाब न सूझा तो पेट्रोलियम मिनिस्ट्री पर बात टाल दी!
इस पूरे इंटरव्यू पर एर रिसर्च पेपर लिखा जा सकता है। रिसर्च पेपर इस बात पर कि जब तर्क और तथ्य न पेश कर पा रहे हों तो अपनी ज़िद को सही साबित करने के लिए इंटरव्यू नहीं देना चाहिए।
बहुत लंबा लिखा जा सकता है। लेकिन निचोड़ ये कि अगर प्रधानमंत्री @narendramodi अपने मंत्री @nitin_gadkari की इन तमाम बातों को सुनने के बाद भी इन पर समुचित ‘नीतिगत’ कार्रवाई नहीं करते हैं तो फिर समझ लीजिए कि ईश्वर नहीं, अब इथेनॉल ही सबका मालिक है 🙏
और अंत में @MeghaSPrasad के लिए एक शब्द
Superb 🙌
Video Credit @ABPNews YT
भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान - ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
और सच यही है - भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।
जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है।
इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया - जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है।
यहां दोषी vendors और अधिकारियों को मिलती है tender और तरक्की। और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है।
मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं। पर उन्होंने चुप्पी चुनी है - जवाबदेही से मुँह मोड़ लिया है। और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा।
अब बहुत हुआ - अब वक़्त है शिक्षा में Revolution का।
17 जुलाई, देहरादून - मेरे साथ आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को और बुलंद करें।
यहां जुड़ें: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
A Muslim man was brutally assaulted by a group of right-wing vigilantes in Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, after he was seen with a Hindu woman. The woman was also assaulted assaulted by the right wing goons as she repeatedly tried to shield and save the man from the attackers. Police rescued the couple and took them to the police station. The goons are yet to be identified and arrested despite them giving media statements of the bravery. Let's hope the authorities don't end up taking action against the couple instead of those responsible for the assault.
बहुत बुरी लग गई, जब बात ख़ुद पर आई
पर जब औरों पर कही, तो न हुई कार्रवाई
काश उनके साथ भी ऐसा ही होता जो विपक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और सरासर झूठे आरोप लगाते हैं।
पक्षपात अन्याय का ही एक रूप है।
आज न्यूज़ीलैंड में नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह 30 साल पहले न्यूज़ीलैंड आए थे
तब उन्हें कोई जानता नहीं था और वहाँ उनके एक साथी ने उन्हें एक मफलर, एक टोपी और एक जोड़ी दस्ताने गिफ्ट किए थे.
▪️30 साल पहले उनकी उम्र 45 साल थी
▪️उन्होंने पहले यह भी बताया है कि वह 17 साल की उम्र तक चाय बेचते थे
▪️और यह भी बताया था कि 35 साल तक उन्होंने भिक्षा मांगकर अपना जीवन चलाया
▪️तो मतलब 17 + 35 = 52 साल की उम्र तक उन्होंने अपना जीवन चाय बेचने और भिक्षा मांगने में बिताया
👉लेकिन उसी दौरान उन्होंने न्यूज़ीलैंड की यात्रा भी की
👉👉भाई जो भी कहिए - अच्छे दिन तो कांग्रेस सरकार में ही थे - भिक्षा मांगकर जीवनयापन करने वाले भी न्यूज़ीलैंड घूमने जाते थे
Tywin Lannister said in Game of Thrones: "Any man who must say, 'I am the king,' is no true king."
The same principle applies to popularity.
If it has to be manufactured, it is an unequivocal admission of insecurity, a deep inferiority complex, desperate wannabe syndrome, and an incessant need for validation 🥹
Get well soon, Modi Ji!
BJP वाले नरोत्तम मिश्रा के गुर्गे सड़क पर आतंक काटते रहे. पथराव किया, गाड़ियां जलाने की कोशिश की, जमकर बवाल काटा - पुलिस वाले घायल हो गए.
लेकिन..
DM बता रहे हैं कि उन्हें ख़ुशी है कि पुलिस ने बवालियों पर जरा भी बल प्रयोग नहीं किया, लाठीचार्ज नहीं किया.
नरेंद्र मोदी ने बताया कि वो 30 साल पहले न्यूजीलैंड गए थे, तब उनको गिफ्ट में मफलर, एक कैप और एक दस्ताना मिला था. उस वक्त उन्हें कोई जानता नहीं था.
मोदी ने इससे पहले ये भी बताया है कि वो 35 साल तक भीख मांगकर खाए हैं. उससे पहले 17 साल की उम्र तक चाय बेची है.
सोचिए... कांग्रेस की सरकार में भीख मांगकर खाने वाले भी इतने अमीर थे कि न्यूजीलैंड घूम रहे थे.
है ना कमाल की बात
दिल्ली में बीते कुछ हफ़्तों में यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण के ख़िलाफ़ दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाइयां तेज़ की हैं. निगमबोध घाट के पास यमुना बाज़ार में भी दशकों से रह रहे लोगों के घर अब मलबे में तब्दील हो चुके हैं. दक्षिणपूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर से लेकर उत्तरी दिल्ली के जगतपुर तक जगह-जगह ज़ोन- O के साइड बोर्ड और टूटे हुए मकान दिखाई देते हैं. यहां के लोगों का क्या कहना है? इनसे बात की बीबीसी संवाददाता @dilnawazpasha ने. देखिए दिल्ली से ये ग्राउंड रिपोर्ट.
वीडियो जर्नलिस्ट: प्रभात कुमार
जिसको देखो, वो खुलकर मज़ाक उड़ा रहा है - “पीएम मोदी ‘अनस्क्रिप्टेड प्रेस कॉन्फ्रेंस’ से बचते हैं, और जो भी होता है, वह पूरी तरह ‘स्टेज-मैनेज्ड’ होता है.”
भारत के कितने बुरे दिन आ गए हैं कि पूरे विश्व में हमारे पीएम का ‘महा मज़ाक’ बन गया है.