कबीरदास जी का जो भी दोहा पोस्ट किया जाएगा उस दोहे का हिंदी अनुवाद आप उसी दोहे के comment box या reply में देख सकेंगे..😊😊
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#kabir#kabirkedohe
अर्थ - कबीर दास जी कहते हैं कि जो इंसान दूसरे की पीड़ा और दुःख को समझता है वही सज्जन पुरुष है और जो दूसरे की पीड़ा ही ना समझ सके ऐसे इंसान होने से क्या फायदा..!
अर्थ-कबीर दास जी कहते हैं कि इंसान को ऐसी भाषा बोलनी चाहिए जो सुनने वाले के मन को बहुत अच्छी लगे। ऐसी भाषा दूसरे लोगों को तो सुख पहुँचाती ही है, इसके साथ खुद को भी बड़े आनंद का अनुभव होता है।
गुरु गोविंद दाऊ खड़े काके लागू पाय
बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताया
समाज में व्याप्त कुरूतियो, विषमताओ अज्ञानताओं और धार्मिक रूढ़ीवादी मान्यताओं व परंपराओं को तार्किक चुनौती दे कर समरस समाज निर्माण के लिए आजीवन संघर्षरत महान कवि संत कबीर दास जी की जयंती पर उन्हें कोटिश: नमन
साखी, सबद और दोहों के माध्यम से सत्य, प्रेम और सामाजिक जागरूकता का मार्ग दिखाने वाले संत शिरोमणि कबीरदास जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
आइए, इस पावन अवसर पर उनके विचारों को आत्मसात करें और समाज में प्रेम, भाईचारा और सत्य का संचार करें।
कबीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!
अर्थ-कबीर कहते हैं – प्रेम का बादल मेरे ऊपर आकर बरस पडा – जिससे अंतरात्मा तक भीग गई, आस पास पूरा परिवेश हरा-भरा हो गया – खुश हाल हो गया – यह प्रेम का अपूर्व प्रभाव है ! हम इसी प्रेम म��ं क्यों नहीं जीते !
अर्थ -
कबीर दास जी कहते हैं कि ऊँचे कुल में ज��्म तो ले लिया लेकिन अगर कर्म ऊँचे नहीं है तो ये तो वही बात हुई जैसे सोने के लोटे में शराब भरी हो,तो इसकी चारों ओर निंदा ही होती है।
साधो, सो सतगुरु मोंहि भावै।
सत्त प्रेम का भर भर प्याला, आप पिवै मोंहि प्यावै।
- संत कबीर
#कबीरपंथ#कबीरदास
अर्थ :
साधु, मुझे तो वह सच्चा ��ुरु प्यारा है जो सच्चाई के प्याले भर-भरकर ख़ुद भी पीता है और मुझे भी पिलाता है।
अनुवाद:
जैसे तिल के अंदर तेल होता है,
और आग के अंदर रौशनी होती है ठीक वैसे ही हमारा ईश्वर हमारे अंदर ही विद्धमान या उपस्थित है,
अगर आप ढूंढ सको तो ढूढ लो।
अर्थ:
शरीर में भगवे वस्त्र धारण करना सरल है, पर मन को योगी बनाना बिरले ही व्यक्तियों का काम है। यदि मन योगी हो जाए तो सारी सिद्धियां सहज ही प्राप्त हो जाती हैं।