���ुम्हें भूलने की कोशिश में हो रहा है वक्त जाया मेरा
कभी खुशियां, कभी हंसी, कभी बर्बाद हो रही नींद आंखों की
तुम भी बताना जरा,,, इन सब में क्या जा रहा तेरा।
---Akankssha Siingh
#kacchikalam
तुझे सोचूँ फिर एक बात लिखू
जज्बात लिखू या हालात लिखू.!
तेरे इश्क को अ���ने साथ लिखू
या तुझको अपनी बुनियाद लिखू.!
तुझे देखूं फिर ��ेरी याद लिखू
तारीफ लिखू या फरियाद लिखू.!
तेरा साथ अपने साथ लिखू
या हम साथ नही अब,
कहो,अधूरे ही वो सारे
अपने खयालात लिखू.!
ख़ैर,
तुम ही कहो क्या लिखू
किस��� की मौत से अधिक दुखद होता है, उसका हमारे लिए मर जाना क्योंकि तब उस शख़्स से इतनी नफ़रत हो जाती है कि हम उसे अपने ख्यालों में भी जिंदा नहीं रखना चाहते हैं।
#✍️✍️✍️
आत्मबोध😐
---Akankssha Siingh
#kacchikalam