बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर से बड़ा शायद ही दुनिया में कोई स्वतंत्रता सेनानी हुआ होगा। मोहनदास करमचंद गांधी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला से भी बड़े स्वतंत्रता सेनानी बाबासाहेब हैं, जिन्होंने करोड़ों लोगों को गुलामी से आज़ाद किया है।
1. गुजरात राज्य के ज़िला गिर सोमनाथ के ऊना में सन् 2016 में हुये दलितों पर जघन्य अन्याय-अत्याचार काण्ड के लगभग सभी अभियुक्तों को मार्च में स्थानीय कोर्ट द्वारा बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर न्याय पाने के लिये पीड़ित दलित परिवारों को वित्तीय आदि का भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी विचलित करने वाली कड़वी सच्चाई से ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों में भारी चिन्ता व्याप्त है।
2. इसको लेकर मेरी चिन्ता का विशेष कारण यह भी है कि इस काण्ड के पीड़ितों से मिलने मैं खु़द भी वहाँ गयी थी और वहाँ सच्चाई का पूरा पता करने के बाद राज्य सरकार से सभी दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करने की माँग की थी, किन्तु देश भर में इसके ख़िलाफ रोष व आक्रोश आदि होने के बावजूद 40 में से 35 आरोपी के मार्च महीने में बरी हो जाने की ख़बर कुछ और नहीं बल्कि दलितों के प्रति सरकारी द्वेष, उनके हित व सुरक्षा के प्रति लापरवाही व उदासीनता आदि का ही परिणाम ज़्यादा लगता है।
3. वैसे अभी भी मौक़ा है जब गुजरात सरकार अपनी इस ग़लती में सुधार करते हुये इस मामले की हाईकोर्ट में उचित पैरवी करके सभी दोषियों को सख़्त सज़ा दिलवाये ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और दूसरों को सबक।
4. साथ ही, राज्य सरकार पीड़ित परिवार वालों के संतोष के मुताबिक वकील सरकारी ख़र्च पर उसी तरह मुहैया कराये, जिस प्रकार बी.एस.पी. की यूपी में मेरी रही सरकार ने ग़रीबों के लिये फ्री में क़ानूनी सहायता का क़ानूनी प्रावधान किया था।
बीस साल बाद मायावती की सोशल इंजीनियरिंग फिर कामयाब होगी क्या? मायावती उत्तर प्रदेश में एक बार फिर दलित और ब्राह्मण वोटर की सोशल इंजीनियरिंग आजमाने जा रही हैं. ब्राह्मणों को बीएसपी का उम्मीदवार बनाया जाने लगा है, और एक ही शर्त है, 'जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी भागीदारी’. मायावती का दावा है कि ब्राह्मण समाज को मान-सम्मान और सुरक्षा सिर्फ बीएसपी शासन में ही मिल सकता है.
पूरी खबर https://t.co/KhKv4t5Yzh
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दैनिक भास्कर (DB Corp Limited) की सच्चाई 👇
भारत के सबसे बड़े मीडिया और बिजनेस घरानों में से एक है। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश से हुई थी, लेकिन आज इसका साम्राज्य देश के कई राज्यों में कई तरह के बिजनेस में फैला हुआ है।
आपके सभी सवालों के विस्तृत जवाब नीचे दिए गए हैं:
## 1. दैनिक भास्कर ग्रुप का बिजनेस साम्राज्य और राज्य
दैनिक भास्कर का मुख्य बिजनेस **प्रिंट मीडिया (अखबार)** है, लेकिन इसके अलावा यह डिजिटल मीडिया, रेडियो और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है।
* **मुख्य अखबार:** दैनिक भास्कर (हिंदी), दिव्य भास्कर (गुजराती), दिव्य मराठी (मराठी) और सौराष्ट्र समाचार।
* **कितने राज्यों में उपस्थिति:** यह ग्रुप भारत के **12 राज्यों** में फैला हुआ है, जिसके **61 एडिशन्स (Editions)** प्रकाशित होते हैं। इनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र शामिल हैं।
* **अन्य बिजनेस (मीडिया और गैर-मीडिया):**
डिजिटल मीडिया: 'दैनिक भास्कर' ऐप और वेब पोर्टल्स (Home & Digital News)।
रेडियो बिजनेस:** **94.3 MY FM** नाम से इनका बड़ा रेडियो नेटवर्क है, जो देश के करीब 30 शहरों में चलता है।
* **रियल एस्टेट और मॉल:** इस ग्रुप का रियल एस्टेट में भी बड़ा दखल है। यह ग्रुप शॉपिंग मॉल्स (जैसे भोपाल में DB सिटी मॉल) और आवासीय संपत्तियों के निर्माण के धंधे में शामिल है।
* **पावर और टेक्सटाइल:** ग्रुप के प्रमोटर्स पहले पावर (बिजली) और टेक्सटाइल (कपड़ा) सेक्टर में भी निवेश कर चुके हैं।
### साम्राज्य कितने अरब का है? (Net Worth & Turnover)
वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के ऑडिटेड नतीजों के अनुसार:
* **सालाना टर्नओवर (Total Income):** डीबी कॉर्प लिमिटेड की कुल वार्षिक आय लगभग **₹2,440 करोड़ (24.4 अरब रुपये)** रही।
* **कुल संपत्तियां (Total Assets):** कंपनी की कुल बैलेंस शीट और संपत्तियां करीब **₹3,198 करोड़ (लगभग 32 अरब रुपये)** आंकी गई हैं।
* **मार्केट कैप (Market Capitalization):** शेयर बाजार में लिस्टेड DB Corp Ltd का मार्केट वैल्यूएशन लगभग **₹3,640 करोड़ (36.4 अरब रुपये)** के आसपास है।
## 2. ग्रुप पर पड़े छापे और भ्रष्टाचार के आरोप
दैनिक भास्कर ग्रुप पर सबसे बड़ा और चर्चित छापा **जुलाई 2021** में पड़ा था।
* **कब पड़े छापे:** **22 जुलाई 2021** को आयकर विभाग (Income Tax Department) ने दैनिक भास्कर ग्रुप के देश भर में फैले करीब 30 से अधिक ठिकानों (भोपाल, इंदौर, जयपुर, अहमदाबाद, नोएडा और मुंबई) पर एक साथ छापेमारी की थी।
### कितने करोड़ के घोटाले और टैक्स चोरी के आरोप लगे?
छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने आधिकारिक बयान जारी कर ग्रुप पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए:
1. **₹700 करोड़ की टैक्स चोरी:** सरकार ने आरोप लगाया कि ग्रुप ने पिछले 6 वर्षों में करीब **700 करोड़ रुपये की आय** पर टैक्स नहीं चुकाया और टैक्स चोरी की।
2. **फर्जी कंपनियां (Shell Companies):** आरोप था कि ग्रुप ने अपने ही कर्मचारियों के नाम पर कई फर्जी कंपनियां खोल रखी थीं, जिनके जरिए बोगस खर्चे (जैसे ट्रांसपोर्ट, सिविल वर्क्स, मैनपावर आदि) दिखाकर मुनाफे को डायवर्ट (Siphon off) किया जा रहा था।
3. **₹2,200 करोड़ का बोगस लेनदेन:** आईटी विभाग ने दावा किया कि ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के बीच बिना किसी माल की डिलीवरी के करीब 2,200 करोड़ रुपये का चक्रिय (Cyclical) लेनदेन दिखाया गया था।
4. **₹408 करोड़ का लोन डायवर्जन:** रियल एस्टेट विंग को एक सरकारी बैंक से मिले ₹597 करोड़ के लोन में से ₹408 करोड़ रुपये मात्र 1% ब्याज पर अपनी दूसरी सहयोगी कंपनी को ट्रांसफर करने का आरोप भी लगा।
## 3. आरोपों पर भास्कर का पक्ष और वर्तमान स्थिति
### दैनिक भास्कर का क्या कहना था?
दैनिक भास्कर ग्रुप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। ग्रुप का दावा था कि यह छापेमारी **"डराने की राजनीति"** का हिस्सा थी। 2021 में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान दैनिक भास्कर ने गंगा नदी में तैरती लाशों और ऑक्सीजन की कमी से जुड़ी खबरों को बड़ी आक्रामकता और निष्पक्षता के साथ छापा था। ग्रुप का कहना था कि सरकार उनकी निर्भीक पत्रकारिता से नाराज थी, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
### आरोपों का क्या हुआ?
भारतीय टैक्स प्रणाली के तहत ऐसी छापेमारी के बाद मामले **लंबी कानूनी प्रक्रियाओं, असेसमेंट ऑर्डर्स (Assessment Orders) और टैक्स ट्रिब्यूनल्स (ITAT)** में चले जाते हैं।
* आयकर विभाग ने ग्रुप को टैक्स डिमांड और कारण बताओ नोटिस जारी किए।
* कंपनी ने इन आरोपों और वित्तीय विसंगतियों के खिलाफ कानूनी अदालतों और टैक्स अपीलीय प्राधिकरणों में अपील दायर की।
यू.पी. के जिला गाजियाबाद में खोड़ा के एक नौजवान युवक सूर्या चौहान की हुई हत्या की घटना अति दुखद व चिन्ताजनक। इस प्रकार की आयदिन हो रही घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन को सही कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही इस घटना में शामिल अपराधियों की पहचान करके उन्हें कानूनी सजा जरूर दी जाए।
इसके साथ ही चुनाव का समय जैसे-जैसे नज़दीक आता जाएगा ऐसी घटनाओं के व्यापक दुष्परिणाम होंगे। अतः सरकार पूरी तरह सतर्क रहे।
आदरणीय बहन जी होती तो अब तक #राघव_चड्ढा को निष्कासित कर चुकी होती?
अगर समय रहते राघव चड्डा को निलंबित किया होता तो बाकी सब पार्टी के अंदर होते?इस तरह गुटबाजी नहीं कर पाते
बहनजी जैसा कोई नहीं है। अनुशासन मतलब अनुशासन
@Mayawati
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की परीक्षाओं में एक बार फिर सीतापुर की छात्रा प्राची निगम ने अपनी मेहनत और प्रतिभा का लोहा मनवाया है. साल 2024 में हाईस्कूल (10वीं) परीक्षा में पूरे प्रदेश में टॉप करने वाली प्राची ने इस बार इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा में 91.20 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनकी पिछली सफलता कोई संयोग नहीं थी, बल्कि लगातार मेहनत और लगन का परिणाम है.
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1. देश के SC, ST व OBC समाज के संवैधानिक/क़ानूनी अधिकारों आदि के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलने वाली यह पार्टी भी, महिला आरक्षण में, जो अब इन वर्गों की बात कर रही है, तो यही कांग्रेस पार्टी है जिसने अपनी केन्द्र की सरकार के रहते हुये किसी भी क्षेत्र में इनके आरक्षण के कोटे को पूरा कराने की कभी पहल नहीं की है।
2. तथा ना ही OBC समाज हेतु मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के हिसाब से उन्हें सरकारी नौकरी व शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण को भी लागू किया, जिसे फिर BSP के अथक प्रयासों से पूर्व प्रधानमंत्री श्री वी.पी. सिंह की सरकार में अनततः लागू किया गया था, जो सर्वविदित है।
3. इसी प्रकार, यू.पी. में पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने के लिए, पिछड़ा वर्ग आयोग की जुलाई 1994 में ही आई रिपोर्ट को भी सपा सरकार ने ठण्डे बस्ते में डालकर इसे लागू नहीं किया था, जिसे फिर यहाँ बी.एस.पी. की दिनांक 3 जून सन् 1995 में पहली बनी सरकार ने इसे तुरन्त लागू किया, जो कि अब यही सपा अपना रंग बदलकर अपने राजनैतिक स्वार्थ में इनकी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है।
4. इस प्रकार, अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी सपा जब सरकार में नहीं है तो अलग रवैया अपना रही है, किन्तु जब सरकार में होती है तो अलग संकीर्ण जातिवादी व तिरस्कारी रवैया अपनाती है। अतः इन सभी वर्गों को ऐसी सभी छलावा एवं दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से हमेशा सावधान रहना होगा, तभी कुछ बेहतर संभव हो पायेगा।
5. जहाँ तक महिला आरक्षण के लिए पिछली (सन् 2011) जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का सवाल है, तो इस बारे में यही कहना है कि यदि इसे जिन भी कारणों से जल्दी लागू करना है तो फिर इसी जनगणना के आधार पर करना है और यदि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी केन्द्र की सत्ता में होती तो फिर यह पार्टी भी बीजेपी की तरह ही यही क़दम उठाती।
6. कुल मिलाकर, कहने का तात्पर्य यह है कि देश में SC, ST व OBC एवं मुस्लिम समाज के वास्तविक हित, कल्याण व उनके भविष्य संवारने आदि के किसी भी मामले में कोई भी पार्टी गम्भीर नहीं रही है।
7. इसीलिये महिला आरक्षण के मामले में इन वर्गों को अभी जो कुछ भी मिलने वाला है तो उसे इनको फिलहाल स्वीकार कर लेना चाहिये और इस मामले में आगे अच्छा वक्त आने पर इनके हितों का सही से पूरा ध्यान रखा जायेगा अर्थात् इन्हें किसी के भी बहकावे में नहीं आना है क्योंकि इनको खुद अपने पैरों पर खड़े होकर अपने समाज को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाना है। यही सलाह है।
संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की इमारत नीली रोशनी से सराबोर!
न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के उनके महान आदर्शों को समर्पित एक विनम्र श्रद्धांजलि।
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भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के महान प्रेरणास्रोत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
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