एक दिवसासाठी बौद्ध बनलेल्या तथाकथित ‘सेक्युलर हिंदू बौद्धांना’ धम्मदीक्षा दिनाच्या मंगलमय शुभेच्छा! 🙏💙 वर्षभर विकतुबाबा, गुणवंतबाबा, अवधूत, बाबा फरीद, हिंदू देवी-देवतांच्या आणि
ग्रुपग्रामपंचायत देहेण बौद्धवाडी ह्यांच्या वतीने बंधारा बांधणी काम पूर्ण केले.
महाराष्ट्रात ८५% दुष्काळ पोहचला आहे, त्यामुळे सर्व बौद्धांनी जमेल तितके प्रयत्न करावे आणि स्वतः काही उपाययोजना कराव्यात.
कांशीराम आणि मायावतीच्या आंडभक्त व चेलेचपाट्यांनी बौद्धवाडी तुमच्या भागात
@Anandraj_boddh@raviadi7793 यशवंत आंबेडकर जी ने भी बाबासाहेब के बाद भारतीय बौद्ध महासभा का नेतृत्व किया और धम्म के प्रचार में योगदान दिया। धम्म के प्रति योगदान सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं. हिंदू दलित नही हे हम.
ऐतिहासिक कार्यों से तय होता है। जय भीम! 💙
@raviadi7793@Virendra_vox हरकत निंदनीय है या नहीं, यह तथ्यों के आधार पर तय होगा, व्यक्तिगत नापसंदगी से नहीं। आलोचना करो. लेकिन पहले तथ्य और प्रमाण रखो। आंबेडकरी आंदोलन में व्यक्ति नहीं
विचार और तर्क सर्वोपरि हैं। जय भीम! 💙
@Virendra_vox@raviadi7793 सवाल सीधा है: उन्हें पहली बार सांसद बनवाने में कांशीराम साहब की भूमिका का ठोस ऐतिहासिक प्रमाण क्या है?प्रमाण दीजिए, सिर्फ दावा मत कीजिए। किसी नेता का सम्मान करना अलग बात है और बिना सबूत उसके नाम पर श्रेय देना अलग। जय भीम!
@Virendra_vox@raviadi7793 मान्यवर कांशीराम साहब का सम्मान है, लेकिन इतिहास तथ्यों से तय होता है, भावनाओं से नहीं
प्रकाश आंबेडकर 1990–96 के दौरान राज्यसभा के सदस्य रहे और 1998 में पहली बार अकोला से लोकसभा चुनाव जीते.
@raviadi7793@GRISHMARAJ25 बाबासाहेब ने व्यक्ति-पूजा नहीं, विचारों की लड़ाई सिखाई थी। नेता नहीं, विचार बड़े रखो!
मान्यवर साहब के नाम पर अपनी राजनीति चमकाना बंद करो! बाबासाहेब के अनुयायी हैं. पहले विचारधारा समझो, फिर ज्ञान बाँटो.
जय भीम! 💙
@raviadi7793@GRISHMARAJ25 किसी ने पोस्ट किया या नहीं, इससे इतिहास और योगदान तय नहीं होता! मान्यवर साहब का योगदान अमूल्य है. लेकिन उनके सम्मान के नाम पर प्रकाश आंबेडकर के खिलाफ नफ़रत फैलाना कौन-सा बहुजन मिशन है? बहुजन आंदोलन किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है।
@PawanKumar__22@Ambekarite2011 लेकिन उनसे पहले बुद्ध और बाबासाहेब को कोई जानता ही नहीं था, यह इतिहास को नकारना है। और रही धर्म की बात, तो सभी धर्मों का सम्मान करना और स्वयं बौद्ध धम्म स्वीकार करना दो अलग बातें हैं। मेरा सवाल प्रमाण का था
इसलिए गाली तथ्य से जवाब दीजिए
जय भीम
@PawanKumar__22@Ambekarite2011 बहन जी का सम्मान अपनी जगह, लेकिन किसी भी नेता को भगवान बनाकर सवालों से ऊपर रखना आंबेडकरी विचारधारा नहीं है। 🙏 बाबासाहेब ने अंधभक्ति नहीं, तर्क और विवेक सिखाया। मायावती जी ने अपने राजनीतिक जीवन में बाबासाहेब के विचारों का प्रचार किया
@PawanKumar__22@Ambekarite2011 मायावती जी ने बोद्ध धम्म स्वीकार कीया हे इसका प्रमाण हे क्या? Cast certificate?
हिंदू दलित बहोत बडा खतरा हे. हम तो बोद्ध हे भाई.
बाळासाहेब आंबेडकर जेंव्हा आदिवासी बांधवांसाठी लढत होते तेंव्हा तु कोणत्या सरंजाम्याच्या बुडाखाली
दबला होतास? भिमराव केराम कोण होते ते माहीत आहे का? अक्कल गहाण ठेवली की विकली तु?
"बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि।"
• महामानव भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर आणि तथागत भगवान गौतम बुद्ध यांच्या विचारांची प्रेरणा आपल्या सर्वांच्या जीवनात सदैव प्रकाश देवो.
• समता, स्वातंत्र्य, बंधुता आणि करुणेचा संदेश संपूर्ण समाजात पसरवो
Babasaheb embraced Buddhism for liberty, equality, and fraternity not merely a change of religious identity, but a transformation of thought and action.
Remember our history,honour our ancestors,but let caste never define our future.
Let Dhamma unite us beyond caste. ☸️
गोबर भक्तापेक्षा ही जड दिमाग असलेले फुरेगामी आहेत
फूरोगामी कायम जातीचे वर्चस्व दाखवत आलेले आहे
पण फुरोगामी एक लक्षात घ्या SC 16%, ST 7.5% OBC 27%
ह्यांची लोकसंख्या तुमच्या 3% टक्क्यांपेक्षा जास्त म्हणून तुम्हालाच नाही तर तुमच्या बापाला सुद्धा ह्यांना निमंत्रण द्यावे लागेल
13 ऑक्टोबर 1935
आज १३ ऑक्टोबर
"हिंदू म्हणून जन्माला आलो असलो तरी हिंदू म्हणून मरणार नाही" -
डॉ. बाबासाहेब_आंबेडकर अशी येवला या ठिकाणी ऐतिहासिक घोषणा करून सर्व भारत बौद्धमय करण्याचं स्वप्न याच भूमीत पाहिलं अशा या महामानवाला त्रिवार अभिवादन. 🙏🏻💙