भारतीय इतिहास में जनजातियों को भुलाकर एक नया मनगढ़ंत ऐतिहासिक दिन हम पर थोपा गया है, जिसका हमारे गौरवशाली इतिहास से कोई सरोकार नहीं हैं। #सब_भारतवासी_मूलनिवासी
ये भारत का मूल नहीं बल्कि छल है, संस्कृति हमारी करता निर्बल। छाएंगे अलगाव के कई बादल, क्षेत्रवाद को मिलेगा फिरसे बल।। इसलिए रहे सब इस षड़यंत्र से सावधान... #सब_भारतवासी_मूलनिवासी
वीर सावरकर ने अंडमान के कारावास में जेल की दीवारों पर कील और कोयले से कविताएँ लिखी फिर उन्हें कंठस्थ किया। इस प्रकार से कंठस्थ की हुई 10 हजार पंक्तियों को जेल से छूटने के बाद पुनः लिखा। #SwatantryaVeerSavarkar