@DelhiAirport My Mother is traveling with my niece but she is old and can't speak English at all. She never travelled by herself outside India. Can you help please? @JM_Scindia
सिर्फ अनुमान लगाइए देश का पीएम कोई ब्राह्मण समाज से हो !
और मोदी जी जैसे बोलते हैं पिछड़ा पिछड़ा करके पिछड़ों की हित की बात करते हैं ।
ऐसे ही वो ब्राह्मण PM बोल दे मैं ब्राह्मण हूं ब्राह्मणों को हर जगह मौका दूंगा तो फिर देश में कैसी हवा चलेगी किसी को कोई अंदाजा है ।
जिस तरह से मोदी जी, मोहन यादव जी कहते हैं मैं पिछड़ा हूं पिछड़े समाज से आता हूं और मैं पिछड़ों के लिए समर्पित हूं पिछड़ों को सरकारी नौकरी के साथ साथ Pvt ठेकदारी तक में आरक्षण देकर रहूंगा यही कोई ब्राह्मण नेता ब्राह्मणों के लिए बोल दे तो क्या होगा ।
इस देश में आप बड़े गर्व से कह सकते हैं मैं पिछड़ा हूं मैं सवर्णों से हर मामले में पीछे हूं पर आप ये नहीं बोल सकते मैं ब्राह्मण हूं, सवर्ण हूं ।
बौद्ध सम्राट हर्षवर्धन के काल में खटिक , मछुआरे, नर्तक, जल्लाद और मेहतर (सफाई कर्मचारी) आदि के घर , नगर के बाहर होते थे। आते-जाते समय इन लोगों को अपने घर पहुँचने के लिए सड़क के बाईं ओर चलने का सख़्त निर्देश था।
How many of you know that there’s reservation even in NIT and IIT libraries?
SC/ST – 8 Books
General Category – 3 Books
Imagine paying ₹10 lakhs in a top college and still not getting full access to the library.
This isn’t social justice; it’s pure revenge.
Not only in MP OBC reservation case but also for Maratha reservation, BJP has given an affidavit in the Supreme Court targeting and promoting hate against Brahmins.
In the Supreme Court, they said in Hindu Dharma there are only two castes i.e, Brahmins and Non Brahmins.
Maharashtra govt also targeted Upnayana Sanskar of Hindus.
ठेंगड़ी/ संघ ने जो अम्बेडकर के लिए ५० वर्ष पूर्व ही जो "विक्टिम कार्ड" Unitarian Church का motto प्रसारित किया और लिखा, उसमें "भीमाष्टकम" भी है। उसकी कुछ पंक्तियां, जिसमें हिन्दुओं को पाखंडी और ब्राह्मणों को नीच ढोंगी कहा गया है। गलत इतिहास भी लिखा गया है जो वामपंथी ईसाई विचारधारा का ही एक अंग है।
(संघी प्रोपेगंडा वाले लोकहित प्रकाशन, लखनऊ और प्रज्ञाभारत़ी से उद्धृत),👇