आदरणीय डॉक्टर कुमार विश्वास जी @DrKumarVishwas आपने एक शैक्षणिक संस्थान के कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए हमें ये बतलाया था कि G for Gentleman मतलब टाई कोट और शर्ट पैन्ट वाला बाबू ही जेन्टलमैन है ऐसी सीख दी जा रही है।
ये जिलाधिकारी महोदय उसी शिक्षा से निकले हुये हैं।
हामिद अंसारी
फ़ारूक़ अब्दुल्ला
और
अब ‘अविमुक्तेश्वरुद्दीन’
(ये शब्द अविमुक्तेश्वरानंद जी ने ही इस्तेमाल किया)
-बीच PODCAST light काटी
-Camera बंद करने की कोशिश
-टीम के mobile छीने
- सहयोगियों ने गालियां दी,धमकाया (सब कैमरा में रिकॉर्ड )
-महाराज जी ने स्वयं मुझे उग्र करने की धमकी दी
-बाहर निकल कर सहयोगियों ने हाथ मरोड़ा और देख लेने की धमकी दी।
लेकिन सारे सवाल TAP किए।
TAP का पहला PODCAST है।
Premiere कल Saturday 7 PM करूँगा।
धन्यवाद 🙏
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ये छोटी सा हिस्सा।
लोकसभा के प्रतिपक्ष के नेता की गरिमा को किसी ने सबसे ज्यादा निचले स्तर पर ले गया है तो वो राहुल गांधी @RahulGandhi हैं।
इनकी सोच देशद्रोही तो है ही साथ में इनके कृत्य भी उतने ही जघन्य है। समाज और लोकतंत्र कि मर्यादा को गिराने के साथ-साथ ये बंटी बबली की जोड़ी सनातन पर भी प्रहार कर रही है।
मद्रास आईआईटी के डायरेक्टर के विषय में कि गई "गौमूत्र विशेषज्ञ" वाली टिप्पणी यहीं दिखातीं है। इतने बड़े शिक्षाविद् को इस तरह कुर्सी पर बैठे लोगों को टिप्पणी करने का अधिकार किसने दिया।
नेता प्रतिपक्ष का वैचारिक शीघ्रपातन रोजन देखने को मिल रहा है।
राहुल गांधी जी, जो वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष हैं, उनसे अधिक परिपक्व और जिम्मेदार राजनीतिक आचरण की अपेक्षा की जाती है। किंतु उनके हालिया बयान इस अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखाई देते।
कानून-व्यवस्था (Law & Order) से जुड़े सभी निर्णय सीधे गृह मंत्री द्वारा नहीं लिए जाते। जिला मजिस्ट्रेट (DM), स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग परिस्थितियों का आकलन कर अपने अधिकार क्षेत्र में निर्णय लेते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।
राहुल गांधी पहले धर्मेंद्र प्रधान जी के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे। सरकार ने नैतिक आधार पर जो उचित समझा, वह निर्णय लिया। लेकिन अमित शाह जी का इस घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। ऐसे में बिना ठोस आधार के उनके इस्तीफे की मांग करना न केवल राजनीतिक रूप से अनुचित है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी अनुरूप नहीं माना जा सकता। किसी भी गंभीर मुद्दे पर आरोप और मांगें तथ्यों तथा संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए, न कि केवल राजनीतिक बयानबाज़ी के लिए।
हल्के मजाक के कुछ उदाहरण:
'देश का युवा रोता है, मोदी का लं* छोटा है'
'मेरे सर में दर्द है, मोदी तो नामर्द है'
'इस्तीफ़ा नहीं दे सकते तो अपनी गां* ही दे दो'
From Independence to 2014, India had only 51,000 MBBS seats.
Today, in just 12 years, we have added extra 90,000 MBBS seats
More than 150% increase.
AIIMS was just 7, today we have 23
There are more than 20 IITs and IIMs
This is PM Modi's contribution.
This is PM Modi's expansion.
वड़ा पाव खाओ खिलाओ
पर दिमाग की बत्ती जलाओ
फेक न्यूज मत फैलाओ !
बड़ा पाव गर्ल ने जंतर मंतर के प्रोटेस्ट को लेकर पीयूष गोयल की एक फेक वीडियो शेयर की और खूब व्यूज बटोरे।
अब हाथ जोड़ कर माफी मांग रही हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में पत्रकारों को लिंच करके मारने की कोशिश हुई, महिला पत्रकारों के साथ बदसलूकी हुई लेकिन एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, प्रेस क्लब और विमेन प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं ने शर्मनाक चुप्पी ओढ़ ली है। इसके पदाधिकारी लुटियंस दिल्ली के अपने क्लबों में बैठ कर पैग लगा रहे हैं। कम से कम कोलकाता के पत्रकारों में रीढ़ की हड्डी तो है!
#DoTook
Seriously?
The CJP leadership throwing a victory party at a hotel! After Delhi witnessed days of violence, these so-called youth activists switched on the music and began dancing.
More serious questions:
Who funded the travel, food, accommodation, equipment and logistics throughout this agitation?
Who financed the people who kept Delhi on the boil?
I blame the parenting. Their parents failed to raise them well. No children from a decent family would use such words against anyone, let alone the PM of the country...
They wanted to be famous; let's make them famous....
I blame the parenting. Their parents failed to raise them well. No children from a decent family would use such words against anyone, let alone the PM of the country...
They wanted to be famous; let's make them famous....
CJP प्रोटेस्ट में जिस तरह की गंदी गालियां देश
के प्रधानमंत्री @narendramodi जी को दी
गई महिला के छलके आँसू गाली देने वाली भी
लड़कियां ही थी खैर उन कुछ दो कौड़ी की सड़क
छाप लड़कियों से हम अपनी अन्य बहनों को उस
दृष्टि से न देखें इतनी सी विनती है असल में वो
लड़कियों के नाम पर कलंक हैं सारी की सारी।
Rahul Gandhi, Congress & INDI Alliance opposed Anti-Paper Leak Bill in Parliament.
The Bill provides:
• ₹10 Cr fine
• Up to 10 years jail
• Fast Track courts with Judgments within 3 months