@MrMishra ये गलत है ये इंसान नहीं जानवर है ऐसे बेरहम आदमी को इनसान नहीं कहा जा सकता इस तरह से किसी को भी मारना गलत है तुम टोपी लगा के किसी को भी इस तरह मारो इस्लाम इसका इजाजत नहीं देता बिल्कुल नहीं देता,तुम मुस्लमान नहीं हो सकते,नहीं हो मुसलमान तुम कौम को बदनाम कर रहे हो गद्दार, हो कौम के
@ABPNews ये गलत है राजनीति मे विरोध करना जायेज है लेकिन इस तरह से प्रधान मंत्री की तस्वीर को हटाना ठीक नहीं,सभी राजनेताओं को अटल जी द्वारा नेहरू जी के तस्वीर को सम्मान दिये जाने की भावना को याद करना चाहिए,राज ठाकरे साहब को तस्वीर पुनः लगाने अमित को भेजना चाहिए,
ये भाजक विचार त्याग करें
@IAmNehaBhart ऐसा है देश हमारा
जंहा सदियों से हैं एक साथ
वो हिंदू,मुस्लिम और सिख ईसाई
चन्द गद्दार हैं,चन्द दुश्मन हैं
जो बाटने मे लगे हुए है हमको भाई,
आओ उनसे दूरी बनाएं,
सबको ये बात बताएं,
भाईचारा और प्रेमभाव सबको सिखाएं,
यही है पैग़ाम हमारा,ये हिंदुस्तान हमारा,
धर्म के नाम पर जनता को खून-खून करवाते हैं,
खुद देश की प्रॉपर्टी बेच कर अम्बानी-अडानी जैसा बना रहे हैं।
मंदिर दिखाओ, मस्जिद दिखाओ, फ्लैग दिखाओ…
लेकिन रेलवे, बीएसएनएल, एयर इंडिया, पीएसयू सब बेच दो।
ये चंदा चोर, वोट चोर मंडली वाले... जनता को धर्म का नशा पिला कर देश का माल खा जाते हैं।
ये पूरे देश के गद्दार हैं।
@dromsudhaa मुस्लिम माएं कभी पराश्रीत नहीं होती, गरीब पञ्चर बनाके अपनी माँ ओं की सेवा करते हैं, न वृद्धा आश्रम होता है ना हि विधवा आश्रम होता है,,और ना कभी बनेगा,,मुस्लिम बेटे बेटियां कपूत नहीं होते, 😄😄😄😄😄😄😄😄😄
@ABPNews बस ऐसा हि आज तक हुआ है मंदिरों का विकास,मुर्ख किसी को भी भगवान मान लेते हैं,और खड़ा कर देते हैं मंदिर,फिर चढ़ावा दान खाते रहते हैं, बड़ा आस्था है,
क्या मोदी जी भगवान् है जो उनका मंदीर बनाया जाए,
और हाँ तो फिर तुम्हारे सारे
भगवान् मोदी हि जैसे रहे होंगे
Hello @nytimes@guardian@lemondefr@BBCWorld@AJEnglish@FT please watch how police in Indian state of Bengal watch complicit as PM Modi’s ruling BJP goons in a lynch mob attack an Opposition MP’s premises & keep her confined for 4 hours.
@AHindinews जिस पार्टी के साथ लोकसभा मे कोई व्यक्ति पहुँचता हो अगर वह पार्टी छोड़ दे तो उसकी सदस्यता शून्य माना जाए चूंकि पार्टी चिन्ह से जीता हुआ है,पार्टी के साथ गद्दारी जनता के साथ गद्दारी माना जाए,जनता के मत के साथ खिलवाड नहीं होना चाहिए,और निर्दलीय को चुनाव लड़ने पर रोक रोक लगाया जाए
@Dr_MonikaSingh_ अरे शेखर जी आपने तो पुराना तेवर फिर से दिखाया है हमने तो समझा था सबने चूड़ियाँ पहन ली हैं,
12 साल मे टीवी के व्यंगकार तो मर गए और जो बड़ी कविता कहा करते थे कभी,अब फेंके हुए टुकड़ों पे पल रहे हैं,सभी
तुमने हिम्मत तो दिखाई है बड़ी,,
शेखर्वा
सम्भल ले कन्ही? वो ईडी न भेज दे,
“आप मुझे नहीं जानते हैं भाई, मेरी सबसे बड़ी इच्छा है कि मेरी मृत्यु एक कांग्रेसी के रूप में हो”
@kcvenugopalmp जी ने एक सच्चे, निष्ठावान, समर्पित कांग्रेसी होने का मानक स्थापित किया है !
जय कांग्रेस
जय हिन्द 🇮🇳
@nimma_51 पहला गाँधी जी!
दूसरा अटल जी!!
गाँधी होंगे तो ये चारो हि आ जायेंगे,गाँधी के साथ कांग्रेस पुनर गठित होगी,लेकिन अटल जी होंगे तो निश्चित ही कटर्ता खत्म होगी और समाजिक तानाबाना मजबूत होगा,भारत की अनेकता मे एकता मजबूत होगी और सहिष्णुता का भाव जागृत होगा,विश्व बंधुतव्व मे आगे होगा👍
@srinivasiyc ये भाजपा की हि सरकार है और जितने भी दर्शक बने हुए हैं, ये हरकत देख रहे हैं सब अच्छे कपड़े हुए जानवर हैं सबके सब को पोलिस ऐसे हि मारे जल्लाद के जैसे सबके पैर को तोड़ा जाये जैसे इसको मारा जा रहा है...
@epanchjanya निश्चित रूप से ये अच्छा कदम है सरकार हि एक तरह से कोर्ट मैरिज को गलत रूप से संरक्षण दे रही थी, अब इसका एक जबरदस्त प्रभाव पड़ेगा,लोग कोर्ट की तरफ मुँह उठा कर भागने की कोशिश भी नहीं करेंगे,इसे सभी प्रदेशों मे स्वीकारा जाना ,,
चुनाव के परिणाम आने के बाद चुनाव करानेवालों को कुछ लोगों को ‘लोकतंत्र के जाबांज’ नाम के एवार्ड से निम्नांकित क्रम में सम्मानित करना चाहिए:
1. एक अवार्ड उस व्यक्ति को जिसने मिल्कीपुर में भाजपा के लिए अकेले 6 वोट डालकर ‘मतदान के महान अधिकार’ का कर्तव्य एक बार नहीं, 6 बार निभाया।
2. एक अवार्ड उन लोगों को जिन्होंने उन लोगों से मतदान करवाया जो दुनिया से जा चुके है और उनसे भी जिनके मतदान के दिन सशरीर तो कहीं ड्यूटी करने के प्रमाण हैं, पर उन्होंने वोट कहीं और डाला।
3. एक अवार्ड उन कर्मचारियों को जिन्होंने आँखें बंद करके ऐसे लोगों से मतदान करने को संभव बनाया।
4. एक अवार्ड उन अधिकारियों को जिन्होंने सत्ताधारियों द्वारा दिये गये टार्गेट को स्वयं अपने करकमलों से पूरी कर्तव्य निष्ठा से सफलतापूर्वक संपन्न करके किसी पर ‘एहसान’ किया।
5. और सबसे बड़ा अवार्ड चुनाव करानेवालों को ख़ुद को ही देना चाहिए जिन्होंने ‘सत्ता सेवा’ के लिए अपनी गौरवशाली निष्पक्ष चुनाव कराने की परंपरा का संपूर्ण त्याग कर दिया। ऐसा महान त्याग अगर पुरस्कृत नहीं होगा तो पुरस्कारों का महत्व ही क्या रह जाएगा… और ऐसा करने के बाद अंत में उन्हें अपने गले में एक माला भी डाल लेनी चाहिए।