इस वीडियो को सरकार ब्लॉक करे इसके पहले जल्दी से देख लो, दूसरों को भी दिखाओ और ज़ोरदार RT करो दोस्तो 😁🔥
सच दबाने की कोशिश जितनी होगी, वीडियो उतना वायरल होगा 🚨
दुनिया का सबसे गर्म देश बना भारत ।
दुनिया के सबसे गर्म 100 शहर भारत में ।
कुछ महीने पहले सर्दियों में सबसे प्रदूषित देश था भारत।
जब सैकड़ों साल पुराने पेड़ काटे जाते हैं तो हम भारत के लोग चुप रहते हैं ।
जब जंगल के जंगल अडानी को दे दिए जाते हैं तो हम चुप रहते हैं ।
तो ठीक है , जलेंगे , मरेंगे , लेकिन गलत को गलत नहीं कहेंगे.. चलने दो ऐसे ही.. बस हमें सरकार से सवाल करने को मत कहो..
"पूना पैक्ट के तहत बाबासाहेब ने पृथक निर्वाचन क्षेत्र माँगा था "
"बाबा साहेब ने कभी आरक्षण माँगा ही नहीं था "
"जिसे गांधीजी ने हमसे छिना था "
#जयभीम#जयभारत
▫️ ट्रंप ने भारतीयों को बांधकर सेना के जहाज से भेजा
🔸 मोदी ने कुछ नहीं कहा
▫️ ट्रंप ने भारत को फायदा उठाने वाला देश कहा
🔸 मोदी ने कुछ नहीं कहा
▫️ ट्रंप ने सबसे पहले सीजफायर का ट्वीट किया, और बार-बार इस बात को लेकर बेइज्जत किया
🔸 मोदी ने कुछ नहीं कहा
▫️ अब ट्रंप ने भारत को नरक बता दिया
🔸 मोदी अब भी खामोश हैं
याद रहे- यही मोदी मनमोहन सिंह को मौनमोहन कहकर चिढ़ाते थे.
एक लड़की ने संसद भवन के Constitution Hall में खड़े होकर पूरा हॉल झकझोर दिया! ❤️🔥
हिमाचल की अनन्या नेगी — अभी इतनी छोटी सी उम्र, लेकिन जुनून ऐसा कि बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की याद में खड़े होकर बोली:
“We the People of India… न हिंदू, न मुस्लिम, न पंजाबी, न सिख, न तमिल… सिर्फ We the People of India!”
“बाधाएँ आएँ घेरे प्रलय की घोर,
घुटनों के नीचे अंगारे…
सिर पर बरसे यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों में हँसते-हँसते आग लगाकर चलना होगा…
कदम मिलाकर चलना होगा!”
अनन्या, तुमने साबित कर दिया — भारत की नई पीढ़ी न सिर्फ सपने देख रही है, बल्कि उन्हें बोल भी रही है!❤️
Cr- @Rashmi22302711
बादशाह अकबर की 35 बीवियों के नाम भी सार्वजनिक होने चाहिए.. आखिर देश को पता चले कि उनमें कौन किस रियासत और खानदान की राजकुमारी थी.. 🤣🤣
ओर साथ मे मुँह से बच्चा पैदा करने वालो की तकनीकी भी सार्वजनिक होनी चाहिए 🤣
ब्राह्मणवाद को बेनकाब करने का सबसे अनोखा तरीका!
अंबेडकरवादी एक वीडियो लेकर आए,जिसमें दिखाया गया कि सम्राट अशोक ने हजारों बौद्ध स्तूप और विहार बनवाए थे।
लेकिन आज उनमें से ज़्यादातर जगहों पर हिंदुओं का कब्ज़ा है।
अब सवाल ये है,हिंदू भाई,बौद्ध स्थलों पर कब्ज़ा करना कब बंद करेंगे?
🚨ब्रेकिंग : जब नेहरू PM बने, तो भारत के पास कुछ नहीं था, हम खाने के लिए जूझ रहे थे, हमारा बजट सिर्फ़ ₹500 Cr था
फिर भी उन्होंने ISRO, IITs, IIMs और पूरे भारत को शुरू से बनाया💥
दूसरा नेहरू कभी नहीं हो सकता
— मेजर जनरल CS धवन 🫡🔥
क्या दुर्भाग्य है कि देश का प्रधानमंत्री फ़िल्म का प्रमोशन कर रहा। साहेब और कितना डिमोशन करोगे इस पद का ?
सिनेमा के शुरू में लिखा होता है कि यह एक काल्पनिक कहानी है।
फ़िल्म वाले कम से कम डिस्क्लेमर देकर झूठ बोलते हैं पर आप तो बिना डिस्क्लेमर के टेलीप्रॉम्प्टर से झूठ बोलते हो।
मोदी जी ने कहा था - LPG Gas Crisis को COVID की तरह हैंडल करेंगे।
और सच में वही किया।
बिल्कुल COVID के जैसे ही - नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर।
₹500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा - शहर छोड़ो, गाँव भागो।
जो मज़दूर textile mills और factories की रीढ़ हैं - आज वही टूट रहे हैं।
Textile sector पहले से ICU में है। Manufacturing दम तोड़ रही है। और यह संकट आया कहाँ से? कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।
जब अहंकार नीति बन जाए - अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है।
सवाल एक ही है - हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।
पूरी स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी लगता है. पूरी क्रोनोलॉजी समझिए.
28 अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री Jandhan Yojna को लागू किया. इस योजना के तहत जीरो बैलेंस पर हर व्यक्ति का बैंक में खाता खुलवाया गया.
5 सितंबर 2014 को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने JIO लॉन्च किया
8 नवंबर 2016 में रात 8 बजे प्रधानमंत्री ने पूरे देश में नोटबंदी लागू कर दी.
खाता इसलिए खुलवाया गया ताकि नोट बंदी लागू होने के बाद लोग बैंक में कैश जमा कर सकें.
जानकार बताते हैं 99% से ज्यादा कैश बैंकों में वापस आ गया. नोट बंदी के बाद दो उद्योपतियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ.
इमरजेंसी की तरह नोटबंदी भी भारतीय इतिहास पर कलंक है. मुट्ठीभर लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आम जनता और गरीब को लाइन में खड़ा किया गया.
नोट बंदी को DHURANDHAR 2 महिमा मंडित कर रही है. आदित्य धार को चाटुकारिता के लिए पूरे राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए.
एक पॉडकास्ट में अवध ओझा कह रहे हैं कि
नेहरू जी जैसा पॉलिटीशियन सदियों में एक बार पैदा होता है आप आंख बंद करके कल्पना कीजिए
"1947 का भारत...200 साल की गुलामी से आजाद हुआ है देश में भूख और गरीबी है दो तरफ दो दुश्मन बैठे हुए हैं इनमें एक पैदा होते ही हम पर हमला कर चुका है दुनिया में कोई हमें पैसा देने को तैयार नहीं है मतलब चारों तरफ अंधकार है और वो व्यक्ति उस अंधकार से देश को बाहर निकालता है...आज वाले 3-4 लाख जन्म ले लें तब भी नहीं कर पाएंगे जो पंडित नेहरू कर गए"
ओझा जी सही कह रहे हैं लेकिन सवाल ये है कि आज की पीढ़ी को इस लायक छोड़ा ही कहां है कि आंख बंद करके अच्छा या बुरा सोच सकें...
और आज की पीढ़ी को ही क्यों दोष दें हमसे पुरानी वाली पीढ़ी को भी एकदम पैदल कर दिया है जो पेंशन पर मौज कर रहे हैं और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से पढ़कर नेहरू जी को कोस रहे हैं...
#criticalthinking
महाराष्ट्र में भारी बारिश और आंधी-तूफान के बीच बाबासाहेब अम्बेडकर के एक बैनर को बचाने के लिए उसे थामकर खड़े अम्बेडकरवादी👇🏼
इस खूबसूरत दृश्य पर आप क्या कहना चाहेंगे...?