आज देश भर में जिस तरह ईसाई मिशनरियां गाँव के गाँव आदिवासी गरीबों का दो-दो बोरी चावलों में धर्मपरिवर्तन करा रही है । वहाँ अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए केवल भजन नही बल्कि उनके लिए भोजन की भी व्यवस्था संत आसाराम बापूजी के शिष्यों द्वारा करके घर वापसी कराई जा रही है ।