graduated in Agri(honours) also activist in Agri farm management and rural culture.
tweets are personal opinion not relate any organisation or department.
@vivekkumar84@Uppolice जो पूर्व में मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा घोषणा हुई है उन्हीं का अनुपालन नहीं हुआ।
सिम भत्ता 1000/ वार्षिक
मोटरसाइकिल भत्ता 500/ माह
वर्दी भत्ता 5000/वार्षिक
कुंभ डियूटी 10000/
ये सभी अभी तक लम्बित है
@upprpb उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से विनम्र निवेदन है कि मुख्य आरक्षी मोटर परिवहन के पद पर पदोन्नति विभागीय परीक्षा से जबकि उ०प्र० पुलिस में विभागीय उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के लिए किसी विभागीय परीक्षा की आवश्यकता नहीं है। क्या उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस कम उपयोगी पद है
@dbabuadvocate@GaganSinghAror1 पुलिस को 60000 नहीं 225000 तक सैलरी मिलती है। लेकिन डीजीपी को
सिपाही के लिए 60000 बता रहे हो उसकी सैलरी 21700 +डीए+कुछ भत्ते कुल मिलाकर 32 से 35 हजार रुपए मिलते हैं लेकिन तुम्हारी तो इनकम पुलिस को टारगेट करके ट्विटर से ही लाखों मिल जाते होंगे
@vivekkumar84@bareillypolice@Uppolice सर्व प्रथम उपनिरीक्षक के विरुद्ध मारपीट करने एवं अभद्र व्यवहार के संबंध में तत्काल अभियोग पंजीकृत होना चाहिए था।
निलंबन क्या होता है
@GaganPratapMath कोई कुछ नहीं बोलेगा भारतीय न्यायपालिका और अंग्रेजी उपनिवेशवाद की झलक है केवल भारत ही ऐसा देश है जहां जज को मी लॉर्ड कहना पड़ता है जबकि वह केवल एक नौकरी कर रहा है और उसका अहंकार ऐसे होता है जैसे वह सच का भगवान हो गया। व्यवस्था में चार चांद तब लगे जब जज ही जज को नियुक्त करेगा
@vivekkumar84@Uppolice उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग (आरक्षी)में मिलने वाली समयानुसार (एसीपी)
First ACP 10 वर्ष बाद 2000G.P. से 2400G.P.
Second ACP 16 वर्ष बाद 2400G.P. से 2800G.P. ये (non functional)पद है फिर भी 4200 के बजाय 2800 ही दिया जा रहा
Third ACP 26 वर्ष बाद 2800 से 4200 fix
@vivekkumar84@Uppolice उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी इस चीज को समझते हैं और सरकार भी जानती है जबकि भी रैंकर परीक्षा सपा सरकार में खत्म मौजूदा सरकार सपा सरकार की आलोचना करती है लेकिन इसमें पता नहीं कौन सी खूबी नजर आ रही है आज तक उसके विचार नहीं हुआ
@PROBLEMOFPOLICE@samajwadiparty@DrRKVermamla2@yadavakhilesh@Rajeevkrishna69 माननीय विधायक रानीगंज में पुलिसकर्मियों की जायज मांग को सदन के पटल पर रखा यह बहुत ही सराहनीय है, आमतौर पर जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी पुलिस के छोटे कर्मचारियों की बात को सदन या जनता के रखना पसंद नहीं करते।समस्या पर विचार हो या ना हो विधायक जी का एक बार फिर से बहुत-बहुत धन्यवाद
@vivekkumar84 पुलिस विभाग के पुलिसकर्मियों(आरक्षी/ मुख्य आरक्षी) को मिलने वाले कुछ महत्वपूर्ण भत्ते
1875 ₹ पौष्टिक आहार भत्ता
200 ₹ साइकिल भत्ता(थाने में)
188 ₹ किट मेंटेनेंस/वर्दी धुलिया/ प्रेस आदि
780 ₹ से 2400 ₹ मकान किराया भत्ता अलग-अलग शहरों के हिसाब से अधिकतम बड़े शहरों में 2400
@grok@Deepaksinhav@Ayesha786Majid मतलब जो इस्लाम को ना स्वीकार करें वह जजिया कर को देकर सुरक्षित रह सकता है जजिया न देने पर क्या प्रावधान है, और आफ्टर लाइफ जाहन्नुम की कहानी आम लोग और कम पढ़े-लिखे लोगों को डराने के लिए ही की गई है @grok क्या मैं सही हूं