EWS यानी सुदामा के लिए @narendramodi जी ने संविधान संशोधन कर दिया और वह तेजी से लागू भी हो गया।
लेकिन मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण पिछले 7 वर्षों से कानूनी विवाद में लंबित है।
@ChouhanShivraj जी @DrMohanYadav51 जी ने कोई प्रयास नही किया,
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष @jitupatwari जी बंदर की तरह उछल-कूद कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब कमलनाथ सरकार द्वारा घोषित 27% OBC आरक्षण वर्षों से कानूनी विवाद में फंसा है,
इसके कांग्रेस क्या कर रही है , इसे लेकर कितना बड़ा आंदोलन किया?
न धरना, न प्रदर्शन, न प्रदेशव्यापी जनआंदोलन—फिर आज अचानक इतनी बेचैनी क्यों?
अगर कांग्रेस को लगता है कि केवल बयानबाज़ी और राजनीतिक उछल-कूद के सहारे विधानसभा चुनाव जीत लिए जाएंगे, तो यह उसकी बहुत बड़ी गलतफहमी हो सकती है। जनता अब भाषण नहीं, संघर्ष और परिणाम देखना चाहती है।
आज म प्र में 13% होल्ड ओबीसी आरक्षण के मामले में ओबीसी महासभा के नेता एवं 13% होल्ड ओबीसी अभ्यर्थियों के साथ सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट एवं सांसद मान्यवर @PWilsonDMK के साथ 24 जून को होने वाली हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर प्रकरण संबंधित वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया।
@ANI
" @Hkhandelwal1964 जी, पिछड़े वर्ग के नाम पर गाल मत बजाइए"
पिछड़े वर्ग के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन असली परीक्षा अधिकार दिलाने की होती है।
यदि सचमुच @BJP4MP सरकार को ओबीसी समाज की चिंता है तो 27% ओबीसी आरक्षण, होल्ड भर्तियों और 7 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे ओबीसी युवाओं के सवालों पर जवाब दीजिए।
ओबीसी समाज अब भाषण, बयान और राजनीतिक नौटंकी नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों का क्रियान्वयन चाहता है।
ओबीसी के नाम पर राजनीति बहुत हो चुकी, अब अधिकार और हिस्सेदारी की बात होनी चाहिए।
जो ओबीसी की बात करेगा, वही समाज का विश्वास जीतेगा।
ओबीसी आरक्षण मामले में फिर Day-to-Day Hearing का ऐलान हुआ है।
ओबीसी अभ्यर्थियों की हालत अब ऐसी हो गई है कि "Day-to-Day Hearing" सुनते ही वे पूछते हैं—फैसला आया या सिर्फ नई तारीख़?
7 साल से ओबीसी होल्ड अभ्यर्थी Day-to-Day उम्मीद, Day-to-Day इंतज़ार और Day-to-Day निराशा झेल रहे हैं।
24 जून को सुनवाई शुरू होगी, यह स्वागतयोग्य है। लेकिन लाखों अभ्यर्थियों का सवाल वही है—
Day-to-Day Hearing कब Day-to-Day Justice में बदलेगी?
क्योंकि नौकरी की तैयारी करने वालों की उम्र Day-to-Day बढ़ रही है, लेकिन मामला अभी भी Date-to-Date चलता दिखाई दे रहा है।
#OBCReservation #DayToDayHearing #27PercentOBCReservation
"डेली हियरिंग" का ऐलान हुआ है। कुछ लोग नियुक्ति पत्र खोज रहे हैं, कुछ मिठाई की दुकान।
मैं भी खुश हूं, लेकिन अपने जीते-जी यह "डेली हियरिंग" की गोली पांचवीं बार खा रहा हूं।
अब 24 जून को बड़ी उत्सुकता रहेगी। शायद उस दिन यह सुना जाएगा कि सुनवाई कैसे सुननी है, कौन पहले बोलेगा, कौन बाद में बोलेगा और कितने दिनों तक डेली हियरिंग चलेगी।
ओबीसी अभ्यर्थी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि व्यवस्था अभी भी प्रक्रिया की फिटनेस टेस्ट ले रही है।
खैर, इस बार उम्मीद करते हैं कि "डेली हियरिंग" का अर्थ डेली हियरिंग ही निकले, कहीं ऐसा न हो कि बाद में पता चले कि यह भी "अगली तारीख़" का प्रीमियम संस्करण था!
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि जब 2019 के कानून पर कोई रोक नहीं है, तो फिर उसे लागू करने में हिचकिचाहट क्यों?
सबसे दिलचस्प बात यह है कि 87:13 का फार्मूला न तो संविधान में लिखा है, न विधानसभा ने बनाया, न ही कोर्ट ने दिया।
यह @drmohanoffice51@BJP4India@BJP4MP सरकार और उसके विधि @minlaw5 सामान्य प्रशासन विभाग @GADdeptmp तंत्र की ऐसी अद्भुत खोज है,
जिसने 27% OBC आरक्षण को कागज़ पर तो जिंदा रखा, लेकिन लाखों युवाओं के लिए उसका 13% हिस्सा फ्रीज़र में रख दिया।
जब मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी को श्रेय लेना हो तो पूरा 27% हमारा। जब नियुक्ति देनी हो तो 13% होल्ड।
जब सवाल पूछो तो जवाब—मामला कोर्ट में है।
अरे भाई, कोर्ट ने कब 87:13 का फार्मूला बनाया? कोर्ट तो बार-बार पूछ रही है कि जब कानून पर रोक नहीं है, तो उसे लागू क्यों नहीं कर रहे?
लगता है 87:13 का फार्मूला गणित की किताब में नहीं, बल्कि OBC युवाओं को उलझाने की प्रयोगशाला में तैयार हुआ है।
OBC समाज पूछ रहा है— अगर 27% आरक्षण का कानून बना है, तो 87:13 का यह जादुई फार्मूला आखिर आया कहां से?
और लाखों युवाओं के छिने हुए अवसरों का हिसाब कौन देगा?
#JusticeForOBC #OBCReservation #OBCRepresentation #SocialJustice #MeritMyFoot
वाह @narendramodi जी, क्या गज़ब का ओबीसी प्रेम है!
मंच से ओबीसी, भाषण में ओबीसी, चुनाव में ओबीसी, पोस्टर में ओबीसी.
लेकिन मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण 7 साल से फाइलों और अदालतों के चक्कर काट रहा है।
लगता है @BJP4India@BJP4MP का नया नारा है— "ओबीसी का वोट हमारा, लेकिन अधिकार इंतज़ार में बेचारा!"
जब वोट चाहिए तो "हम भी ओबीसी", और जब 27% आरक्षण लागू करने की बात आए तो "मामला विचाराधीन है"।
इतना लंबा इंतज़ार देखकर तो लगता है कि @drmohanoffice51 सरकार आरक्षण लागू नहीं कर रही, बल्कि उसे पुरातत्व विभाग को सौंपकर ऐतिहासिक धरोहर बनाने की तैयारी में है।
#JusticeForOBC #OBCReservation #MeritMyFoot #SocialJustice
बेंच बदल गई है। अब WP 5901/2019 का मामला 16 जून 2026 को जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।लेकिन ओबीसी युवाओं की चिंता अब भी बनी हुई है।
पिछले 7 वर्षों से लंबित इस मामले में लाखों OBC अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। हर नई तारीख़ के साथ उम्मीदें भी जुड़ती हैं और आशंकाएँ भी।
अब सबकी निगाहें जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की बेंच पर हैं। सवाल सिर्फ सुनवाई का नहीं, बल्कि उस न्याय का है जिसका इंतज़ार लाखों ओबीसी अभ्यर्थी वर्षों से कर रहे हैं।
16 जून को यह तय होगा कि न्याय की दिशा में ठोस कदम बढ़ेगा या इंतज़ार का एक और अध्याय जुड़ जाएगा।
" @drmohanoffice51@BJP4MP सरकार बताए कि OBC आरक्षण कोई नल का पानी है क्या, जिसे कभी 27% खोल दिया जाए और कभी 13% बंद कर दिया जाए?
यदि 27% आरक्षण वैध है तो वर्षों तक नियुक्तियां क्यों रोकी गईं, और यदि अवैध था तो परिणाम 27% के आधार पर क्यों घोषित किए गए?
मुख्यमंत्री @drmohanoffice51 और उसके विधि
@minlaw5 , @GADdeptmp अधिकारी अपनी प्रशासनिक एवं कानूनी असफलताओं का बोझ लाखों OBC बेरोजगार युवाओं पर नहीं डाल सकते।"
"OBC युवाओं के भविष्य को सांप-सीढ़ी का खेल बना दिया गया है।
कभी 27% आरक्षण का ढोल पीटो, कभी 13% होल्ड कर दो, कभी प्रोविजनल सूची निकाल दो। सरकार और उसके वकील स्पष्ट करें कि भर्ती नियम कानून से चल रही है या मनमर्जी से?
इस खींचतान में सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों OBC अभ्यर्थियों का हुआ है जिनकी उम्र,अवसर,रोजगार के वर्ष बर्बाद हुए।
आज भोपाल स्थित कार्यालय में कांग्रेसजनों एवं ओबीसी आरक्षण के कारण नियुक्ति प्रक्रिया में होल्ड हुए युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, संघर्ष और न्याय की मांग को गंभीरता से सुना तथा इस विषय पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, पुलिस महानिदेशक @DGP_MP , @minlaw5
ओबीसी आरक्षण के समर्थन में प्रस्तावित शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन हेतु दिनांक 27 मई 2026 को पुलिस प्रशासन के समक्ष विधिवत अनुमति आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आवेदन प्राप्त होने के बावजूद आज तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं दिया गया है।
27% ओबीसी आरक्षण का प्रश्न लाखों युवाओं के भविष्य, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए अनुमति मांगने वाले नागरिकों को अनिश्चितकाल तक प्रतीक्षा कराने का कोई औचित्य नहीं है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्ण और निःशस्त्र सभा करने का अधिकार प्रदान करता है। प्रशासन यदि अनुमति आवेदन पर समयबद्ध निर्णय भी नहीं देता, तो यह इन संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी उपयोग में बाधा उत्पन्न करता है।
हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि आवेदन पर तत्काल निर्णय लिया जाए। यदि कोई आपत्ति या कानूनी बाधा है तो उसका लिखित कारण सार्वजनिक किया जाए। अन्यथा ओबीसी समाज यह मानने के लिए बाध्य होगा कि 27% ओबीसी आरक्षण की मांग को प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
ओबीसी समाज न्याय चाहता है, टालमटोल नहीं। अधिकार चाहता है, बहाने नहीं।
जारीकर्ता
कमलेन्द्र सिंह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य ओबीसी महासभा
ओबीसी के नाम पर @umasribharti , बाबूलाल गौर, @ChouhanShivraj और अब
@DrMohanYadav51 मुख्यमंत्री बने, लेकिन सवाल आज भी वही है—ओबीसी समाज को उसका पूरा संवैधानिक अधिकार कब मिलेगा?
हजारों ओबीसी होल्ड अभ्यर्थी 7 वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
उनकी उम्र निकल रही है, परिवार परेशान हैं, भविष्य अधर में लटका है, लेकिन सत्ता के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
जब चुनाव आते हैं तो ओबीसी याद आते हैं, लेकिन जब 27% आरक्षण के पूर्ण क्रियान्वयन, होल्ड पदों को अनहोल्ड करने और सामाजिक न्याय की बात आती है, तो @BJP4MP , @BJP4India सरकारें चुप हो जाती हैं।
ओबीसी समाज अब केवल चेहरे नहीं, परिणाम मांग रहा है। सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ओबीसी चेहरा बैठाने से सामाजिक न्याय नहीं मिलता, उसके लिए नीतिगत इच्छाशक्ति और अधिकारों का ईमानदार क्रियान्वयन चाहिए।
ओबीसी के नाम पर राजनीति बंद करो, ओबीसी को उसका हक दो!
#obcreservation #justiceforobc #OBC
🚨 27% OBC आरक्षण लागू करो — 13% होल्ड पदों पर तत्काल नियुक्ति करो 🚨
@BJP4MP@drmohanoffice51 सरकार ओबीसी युवाओं के साथ पिछले 7 वर्षों से लगातार अन्याय किया जा रहा है।
27% आरक्षण का कानून होने के बावजूद हजारों पद होल्ड रखे गए हैं, जबकि चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है
हक और अधिकार की लड़ाई में निमंत्रण नहीं भेजे जाते जिनका जमीर जिंदा है वे खुद दौड़े चले आते हैं। आज यदि सम्मान की लड़ाई में घरों से बाहर नहीं निकले तो पीढ़ियां पछताएंगी। इसलिए आगे आओ और अपना अधिकार छीन लो।
जय ओबीसी। जय संविधान।
#27प्रतिशत_ओबीसीआरक्षण_लागू_करो@DrMohanYadav51
देश में 60% आबादी OBC की है, फिर भी सबसे ज़्यादा चुप OBC ही है!
आरक्षण चाहिए, अधिकार चाहिए, हिस्सेदारी चाहिए, लेकिन जब संघर्ष का समय आता है तो घर में दुबककर बैठ जाते हैं।
याद रखो, जो समाज अपने हक़ के लिए सड़क पर नहीं उतरता, उसकी फाइलें दफ्तरों में दबा दी जाती हैं और उसके अधिकार अदालतों और सरकारों के बीच उलझे रहते हैं।
संख्या में 60%, लेकिन संघर्ष में 6% भी नहीं — यही सबसे बड़ी विडंबना है।
अगर OBC समाज अपनी ताकत पहचान ले और एकजुट होकर खड़ा हो जाए, तो कोई भी सरकार, कोई भी दल और कोई भी व्यवस्था उसकी अनदेखी नहीं कर सकती।
हक़ चाहिए तो संघर्ष करना सीखो। आरक्षण चाहिए तो आरक्षण की लड़ाई में भी खड़े होना सीखो।
सोते हुए समाज को इतिहास नहीं, सिर्फ़ उपेक्षा मिलती है।
🔥 "जितनी आबादी, उतना हक़ — यह नारा तभी सच होगा, जब OBC समाज घरों से निकलकर मैदान में आएगा!" 🔥
🚩 भोपाल चलो — अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई को मजबूत बनाओ! 🚩
🚩 13 जून 2026 — चलो भोपाल 🚩
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