No one is poor, sad, sorry
No one is ignorant, asymptomatic
Everyone is each other nourisher.
No one is cruel
Everyone is each other protector.
Harmony, Equanimity, Unanimity is the aim of good governance. 🙌🙌
@khuchrep आज काव्य को सब लोग गाली देरहे हैं लेकिन जब यही काम बीसीसीआई ने भारत और पाकिस्तान का मैच कराकर पैसे कमाए तब किसी ने भी जाएगी गलियां नहीं थी और उसका विरोध नहीं हुआ अगर कोई बिजनेस man कर लिया करके पैसा कमा रहा था उसमें क्या बुरी बात है जबकि बीसीसीआई तो खुद ही कर रहा है
@TheLallantop आज काव्य को सब लोग गाली देरहे हैं लेकिन जब यही काम बीसीसीआई ने भारत और पाकिस्तान का मैच कराकर पैसे कमाए तब किसी ने भी जाएगी गलियां नहीं थी और उसका विरोध नहीं हुआ अगर कोई बिजनेस man कर लिया करके पैसा कमा रहा था उसमें क्या बुरी बात है जबकि बीसीसीआई तो खुद ही कर रहा है
@Shubhamshuklamp आज काव्य को सब लोग गाली देरहे हैं लेकिन जब यही काम बीसीसीआई ने भारत और पाकिस्तान का मैच कराकर पैसे कमाए तब किसी ने भी जाएगी गलियां नहीं थी और उसका विरोध नहीं हुआ अगर कोई बिजनेस man कर लिया करके पैसा कमा रहा था उसमें क्या बुरी बात है जबकि बीसीसीआई तो खुद ही कर रहा है
@JaikyYadav16 मैं तो खुलकर काव्य म का समर्थन करता हूं क्योंकि जब हमारे देश की नामी संस्था बीसीसीआई भारत-पाकिस्तान का मैच कर कर पैसा कमा सकती है तो फिर काव्य खुद क्यों नहीं कर सकती हो वैसे भी लीग विदेश में होती है जिसकी मलिक काव्य मरण है तो भारत पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए
@JaikyYadav16 आज काव्य को सब लोग गाली देरहे हैं लेकिन जब यही काम बीसीसीआई ने भारत और पाकिस्तान का मैच कराकर पैसे कमाए तब किसी ने भी जाएगी गलियां नहीं थी और उसका विरोध नहीं हुआ अगर कोई बिजनेस man कर लिया करके पैसा कमा रहा था उसमें क्या बुरी बात है जबकि बीसीसीआई तो खुद ही कर रहा है
हापुड़ उत्तरप्रदेश में समाजवादी नेता ने 55 सिलेंडर ब्लैक में जमा कर लिए ,
मुझे पूरा भरोसा है कि सर ने बांटने के लिए खरीदे होंगे लेकिन कुछ जलनखोर इसको कालाबाजारी और चोरी कहेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन है कि लाडली बहना, सयानी बहना, चतुर सरहज, बातूनी चाची जैसी योजना की तर्ज पर लाडली चुहिया, शैतान चूहा जैसी स्कीमें लाईं जाए,
ताकि ये चूहे लाश खाना बंद करदे, टैक्स पेयर्स तो दबा के पैसा दे ही रहे हैं।
📍मिर्जापुर ,यूपी।
ताई जी का कहना है कि,
ऐसी स्थिति में जब देश मुश्किल में है तो विपक्ष साथ नहीं दे रहा है।
@nsitharaman जी, आपकी सरकार ने कितनी बार सर्वदलीय बैठक बुलाई है?
कितनी बार सभी विपक्ष से सहमति लेकर आपने डिसीजन लिया है?
कोरोना, जैसी आपदा में विपक्ष का सुझाव लिया था क्या?
पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच मैच चल रहा। रिजवान ने शॉट खेला। सलमान को लगी। सलमान ने गेंद उठाकर बांग्लादेश के मेंहदी हसन को दी। उसने रन आउट कर दिया। 😂
दोनों देशों की बीच यही राजनीति में है। आपस में रत्तीभर भरोसा नहीं करते। मौका मिलते ही रेल देते हैं।
पार्क में सुबह-सुबह एक रिटायर्ड अंकल LPG सिलेंडर क्राइसिस पर बहस करने लगे। पहले तो वे मान ही नहीं रहे थे कि ऐसी कोई क्राइसिस है।
फिर कहने लगे कि सबको पता था कि युद्ध छिड़ चुका है, फिर भी लोगों ने इंतजाम करके क्यों नहीं रखा। मैंने कहा कि इंतजाम करना है या नहीं, यह बताना सरकार का काम है। सरकार ही बताएगी कि क्या करना है और स्थिति क्या है।
फिर भी वे बहस करने लगे कि नहीं, अपने कॉमन सेंस से चलना चाहिए।
मैंने कहा कि यही कॉमन सेंस बहुत से लोग जरूरत से ज्यादा लगा चुके हैं, इसलिए जगह-जगह सिलेंडर की जमाखोरी हो रही है। कुछ लोग तो कॉमन सेंस से भी आगे निकल कर एक सिलेंडर तिगुने-चौगुने दाम पर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
इससे अच्छा तो सरकार ही आकर स्पष्ट बता दे, तो शायद इतना पैनिक ही नहीं हो।
विक्टिम के लिए आवाज जाति देखकर उठाएंगे,
खिलाड़ी की तारीफ भी जाति देखकर होगी,
नेता की तारीफ जाति देखकर होगी,
UPSC टॉपर भी जाति देखकर बांट लेते हैं,
सरकारी डिपार्टमेंट के कर्मचारियों की भी जाति देखेंगे,
लेकिन जब जाति का कोई व्यक्ति अपराध करेगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही के बजाए हैशटैग चलाए जायेंगे, हम लोगों का मानसिक स्तर इतना गिर गया है ?
@amrohapolice@khurpenchh अमरोहा पुलिस क्या आप अंधे हो गए हो आपको नहीं दिख रहा है उसे वीडियो में अगर वह वापस लाकर लगता है तो वह वीडियो में क्यों नहीं है पूरा वीडियो फिर रिलीज करवाइए
ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम से लड़ने के लिए आपको फैक्चुअली और लीगली सही होना होता है, आप खड़े होकर उनको मोटी भेंगी लूला लंगड़ा नहीं बोल सकते हैं, मेरी किसी भी ब्यूरोक्रेट्स से कोई सिम्पैथी नहीं है, हमारा उद्देश्य सिस्टम को सही करना है और हर उस व्यक्ति को साथ लेकर चलना है जो इस मुहिम में साथ है,
आपका खुद का सोशल मीडिया अकाउंट है आप क्या कंटेंट बनाते हैं क्या नहीं हमारी टीम को उससे बिल्कुल मतलब नहीं है,
लेकिन आप केवल रीच और इंगेजमेंट के लिए कंटेंट क्रिएट करने के परपज से किसी IAS या IPS को बिना फैक्ट्स बताए केवल ट्विटर से कॉपी पेस्ट करके गाली नहीं दे सकते, जब आप कोई कंटेंट क्रिएट करते हैं उसका उद्देश्य सिर्फ ख्याति से है, फैक्ट्स से कोई रिश्ता नहीं है,
आप कुछ भी बनाइए, लेकिन जब भी IAS IPS के फेक सर्टिफिकेट केस करें,भले हमेशा की तरह कॉपी पेस्ट करें तो हमसे पूरी जानकारी लेलें या खुद रिसर्च कर लें,केस समझ लें, वरना हर बार वही हाल होगा जो इरा सिंघल मैम ने किया और धीरे धीरे ये कैंपेन आप जैसे व्यक्तियों की वजह से डाइल्यूट हो जाएगी,
ये बहुत लंबी लड़ाई है, बहुत मुश्किल से इन लोगों को कटघरे में खड़ा किया है, कई लोगों पर जांच भी बैठी ,लेकिन आपकी कॉपी पेस्ट की आदत से और बिना पूरी रिसर्च के ये पूरी कैंपेन खराब होगी ,
आपको कई बार समझाया, आपने हमेशा फोन में हामी भरी लेकिन बाद में फिर वही हरकतें, मैने आपको समझाया कि वो लोग मुद्दा भटका देंगे,कल को आपसे DoPT या कोई संस्था जवाब मांगती है तो क्या करेंगे आप ? जैसे आप शब्द प्रयोग में लाते हैं चीजें बदल जाएंगी, लेकिन आपकी फेमस होने की भूख खत्म नहीं हुई,
पिछले वर्ष जब आपने पूर्वा चौधरी केस किया तब मैने आपको कॉल किया और पूछा कि आपके पास क्या लीगल प्रूफ है तो आपने बोला कुछ नहीं है, केवल बैग गाड़ियों के आधार पर आपने ट्रोल किया , अगर वो मीडिया के सामने आकर ये बोल दें कि मैने सिर्फ फोटो खिंचाने के परपज से किया था आपके पास कोई डिफेंस है? ( हालांकि हम ये नहीं कह रहे कि पूर्वा चौधरी सही हैं, हम पिछले साल से अब तक उनके बारे में कई डिटेल्स निकाल चुके हैं, कब जमीनें ट्रांसफर हुई,कब क्या हो रहा है हम उसपर काम कर रहे हैं, जब सब कुछ मिलेगा तो केस परसू करेंगे) ,
आपके पास किसी भी केस की कोई रिसर्च नहीं होती, न ही फैक्ट्स, लेकिन आप इतनी तेज चीखते है जैसे अभी इनका इस्तीफा ले लेंगे, ऐसे काम नहीं होता है अमित भाई ,
हमारे पास अभी 70 केसेस हैं, लेकिन हर केस में हम बहुत पेशेंस, केयर बरतते हैं ताकि किसी जेनुइन कैंडिडेट को हार्म न हो जाए, कई बार Prima facie केस लगता है कि फ्रॉड आदमी है लेकिन जब आप डिटेल्स में जाते हैं तब पता चलता है कि केस जेनुइन था और कितना ईमानदार कैंडिडेट है,
जब जल जीवन मिशन कैंपेन हुई तब आपने पूरा इश्यू समझे टीना डाबी को इंस्टा पर बैश किया लेकिन जब PIB ने फैक्ट चेक किया आप परेशान हो गए, आपने कई संदेश भेजे कि खुरपेंच भाई इसका जवाब क्या है, जब हमने जवाब डाला तब आपने फिर उछल कूद मचाई,
अमित भाई ये बहुत अच्छी बात है कि आप उन विषयों पर कंटेंट बनाते हैं, हमें रत्ती भर समस्या नहीं है, लेकिन कृपया इन रिसर्च वर्क्स को यूज करते समय थोड़ा धैर्य और भाषा की मर्यादा बना कर चलेंगे तो बेहतर होगा,
जब आज मेरे कई बार समझाने के बाद भी आप नहीं माने तब मैने ये कमेंट किया और आप ट्वीट डिलीट करके चले गए और मुझे ब्लॉक कर दिया।