मेरी ज़िंदगी भी अब इस साड़ी जैसी हो गई है
कहीं सुनहरी धूप की चमक तो कहीं धागों-सी उलझी हुई गांठें लोग बस मेरी मुस्कान देख लेते हैं
मेरी आँखों की गहराई में छुपी थकान कोई नहीं देखता क्या कमाल का किरदार निभा रही हूँ मैं भी
सीने में दर्द समेटे हुए
और होंठों पर एक चौड़ी सी मुस्कान लिए
कल की परछाइयाँ आज की रोशनी से लंबी नहीं होतीं।
रास्ता खुद को बदलता नहीं, बस कदम आगे सरकते रहते हैं।
जो छूट गया, वही हवा बनकर सफ़र को धक्का देता है।
शुभ प्रभात��
शुभ रविवार।
#सुप्रभात_जिंदगी
,💕सफ़र के हर मोड़ से वाक़िफ़ हूँ मैं..!!
अपने पन के हर शोर से वाक़िफ़ हूँ मैं..!!
जहाँ दो क़दम चलकर साथ छोड़ देते है.!!
ऐ ज़िन्दगी तेरे उस दौर से वाक़िफ़ हूँ मैं..!!💕
मेरा साधारण चाल-चलन और सादी सी dress देखकर लड़के पहले तो नज़र फ���र लेते हैं
लेकिन जैसे ही उनकी नज़र मेरी गोल-मटोल कमर, गहरी नाभि और नितंब पर पड़ती है...
तभी समझ जाते हैं कि असली संस्कारी अंदर से कितनी dangerous हूँ 🔥🫣
उसके बाद चाहे जितना कोशिश करें, नज़र हटा ही नहीं पाते