भाइ कुन स्कुलका हुन?थाहा भएन तर साँच्चै साहसी रहेछन्। यस्तो अवस्थामा बच्चाहरूलाई बारम्बार प्रश्न सोधेर हैरान पार्नु वा घटनाबारे बोल्न बाध्य पार्नु भन्दा उनीहरूको मानसिक अवस्थालाई बुझेर उचित काउन्सिलिङको व्यवस्था गरिदिएउत्तम हुने थियो।
@NepalOfficials
Nepal Floods 2026 Explained 🌊🇳🇵
What triggered the devastating flash floods in Nepal? From extreme rainfall to glacial lakes and fragile Himalayan terrain, here’s what happened — and why the disaster turned deadly.
#Nepal#Tibet
नेपाल की जानलेवा बाढ़ के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराने के 6 मजबूत कारण हैं, जिनसे वह मुकर नहीं सकता.
1. खतरे का पहला संकेत चीन को मिला था.
नेपाल में बाढ़ पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले तिब्बत की तरफ चीन के ग्यिरोंग (Gyirong) इलाके में बाढ़ आ चुकी थी. इतना समय पड़ोसी देश को चेतावनी देने के लिए पर्याप्त हो सकता था.
2. नेपाल को समय रहते वास्तविक चेतावनी नहीं मिली.
सीमा पार होने वाली आपदा में कुछ मिनट भी लोगों की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. चीन के पास करीब 45 मिनट का समय था. यही समय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बड़ी संख्या में जानें बचाने के बीच अंतर पैदा कर सकता था.
3. चीन ने शुरुआत में इसे भूकंप का नतीजा बताया.
लेकिन बाद में USGS ने संकेत दिया कि यह सामान्य भूकंप नहीं, बल्कि एक विशाल ग्लेशियर और मलबे के ढहने से जुड़ी घटना थी.
4. चीन इस संवेदनशील क्षेत्र का स्वरूप बदल रहा है.
चीन दुनिया के सबसे कमजोर और भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील पर्वतीय इलाकों में हाईवे, रेलवे, बांध और नए शहर बना रहा है. ऐसे निर्माण हिमालय जैसे नाजुक इलाके में पर्यावरणीय और भूगर्भीय जोखिम बढ़ा सकते हैं.
5. चीनी वैज्ञानिक पहले ही चेतावनी दे चुके थे.
चीनी वैज्ञानिकों ने अस्थिर ढलानों, कमजोर जमीन और इस खतरे की ओर इशारा किया था कि एक जगह का भू-स्खलन दूसरी जगहों पर भी श्रृंखलाबद्ध घटनाएं पैदा कर सकता है. इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहे.
6. चीन ने आपदा का वास्तविक पैमाना छिपाया.
चीनी रिपोर्टों में शुरुआत में केवल कुछ मौतों की पुष्टि की गई, जबकि तिब्बत में सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे थे और सीमा पार नेपाल में हुए नुकसान को भी देखा जा सकता था. आरोप है कि चीन ने जानकारी को नियंत्रित करने की कोशिश उसी तरह की, जैसे नवंबर 2019 में कोविड-19 के शुरुआती दौर में ऑनलाइन सूचनाओं पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठे थे.
चीन को अब क्या करना चाहिए?
चीन को अपना मॉनिटरिंग डेटा, चेतावनी जारी करने की पूरी टाइमलाइन और पर्यावरणीय अध्ययन सार्वजनिक करने चाहिए. उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उसके निर्माण कार्यों ने इस आपदा के प्रभाव को बढ़ाया या नहीं.
I am stunned by the amount of misinformation on the topic. So here is meteorologist @mikebettes explaining what happened during the Nepal glacial collapse. Listen to experts.
Warm congratulations to Mr. Balendra Shah on being sworn in as the Prime Minister of Nepal.
Your appointment reflects the trust reposed in your leadership by the people of Nepal. I look forward to working closely with you to take India-Nepal friendship and cooperation to even greater heights for the mutual benefit of our two peoples.
@ShahBalen
नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर बालेंद्र शाह जी को हार्दिक बधाई!
आपका कार्यभार संभालना नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में भरोसे को जताता है। मुझे विश्वास है कि हम मिलकर भारत-नेपाल की मित्रता और सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे, जो दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक हित में है।
@ShahBalen
सार्है मार्मिक जीवन बिताउन बाध्य प्रकाश र उनको सम्झना, ...घर परिवेश ले ब्युत्यायको सम्झनाले त परिवारको महत्व र मानसिक स्वास्थको अन्तरसम्बन्ध लाइ प्रस्ट पारेको छ। ।। उनको नब जीवनलाई शुभकामनासहित हेर्ने कथा टिमलाई मुरीमुरी बधाई। ।। HOPE @hernekatha