@priteej33@amazonIN We heard you... We will fight untill that delivery guy gives its resignation. Also @amazonIN will not want such delivery agent in their team, who spoil there reputation.
@Ministry_CA plz look into the matter on the accountability of airlines. They cancel the flight or reschedule the flight.
When you argue they say sorry and tell to take the money back. As a consumer they don't left us with any option other than pay more for immediate booking.
.@IndiGo6E की नौटंकी बंद नहीं हुई। चूँकि मेरे कुछ फॉलोवर्स हैं, और मैंने लिखा तो विमान का गेट खुलते ही दो कर्मचारी आ कर ‘सॉरी सर, आपको कष्ट हुआ’ कह कर साथ चलने लगे।
मैंने कहा कि 180 लोगों से जा कर क्षमायाचना करें अगर गंभीर हैं तो। चुप हो गए। बस में साथ चलते रहे, “सर आपका चेकइन लगेज है क्या?” नहीं है, होता भी तब भी इस कॉर्पोरेट चूतियापे के कारण मैं तुम्हारी सहायता नहीं लेता।
बाहर आने से पहले फिर एक कर्मचारी क्षमायाचना करता हुआ आया जो संभवतः पहले दो से ऊँचे पद पर हो। “सर, मुंबई से फ्लाइट देरी से आई इसलिए आपको असुविधा हुई।”
मैंने कहा कि कोरोना के बाद से जितनी फ्लाइट ली है आपकी एकाध बार को छोड़ कर, हर बार देरी से ही चलती है। अहमदाबाद, सूरत, पटना, कोलकाता, दिल्ली, लखनऊ आदि से जितनी बार आया हूँ, हर बार लेट रहती है फ्लाइट।
मैं जानता हूँ कि इस झाँटू सर्विस से मुक्ति नहीं मिलेगी क्योंकि भारत में हर अच्छी चीज को झाँटू बनाने की अद्भुत शक्ति है क्योंकि न तो नियामक संस्थाएँ, न ही संबद्ध मंत्रालय इसका संज्ञान लेता है। आप चाहे RBI ऑम्बड्समैन की बात करें या कन्ज्यूमर फोरम की, ये सब संस्थाएँ उपभोक्ता की शिकायतों का निवारण करने में अक्षम हैं। आप इनकी बकलोलियाँ सुन-सुन कर थक जाएँगे। ये आपको एक ही उत्तर दे-दे कर थका देंगे।
इंडिगो इतनी घटिया सेवा दे कर भी केवल इसलिए चल रही है क्योंकि उसे पता है कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। @Ministry_CA की कोई सीडी होगी इनके पास। और कोई कारण तो मुझे दिखता नहीं।
.@IndiGo6E की नौटंकी बंद नहीं हुई। चूँकि मेरे कुछ फॉलोवर्स हैं, और मैंने लिखा तो विमान का गेट खुलते ही दो कर्मचारी आ कर ‘सॉरी सर, आपको कष्ट हुआ’ कह कर साथ चलने लगे।
मैंने कहा कि 180 लोगों से जा कर क्षमायाचना करें अगर गंभीर हैं तो। चुप हो गए। बस में साथ चलते रहे, “सर आपका चेकइन लगेज है क्या?” नहीं है, होता भी तब भी इस कॉर्पोरेट चूतियापे के कारण मैं तुम्हारी सहायता नहीं लेता।
बाहर आने से पहले फिर एक कर्मचारी क्षमायाचना करता हुआ आया जो संभवतः पहले दो से ऊँचे पद पर हो। “सर, मुंबई से फ्लाइट देरी से आई इसलिए आपको असुविधा हुई।”
मैंने कहा कि कोरोना के बाद से जितनी फ्लाइट ली है आपकी एकाध बार को छोड़ कर, हर बार देरी से ही चलती है। अहमदाबाद, सूरत, पटना, कोलकाता, दिल्ली, लखनऊ आदि से जितनी बार आया हूँ, हर बार लेट रहती है फ्लाइट।
मैं जानता हूँ कि इस झाँटू सर्विस से मुक्ति नहीं मिलेगी क्योंकि भारत में हर अच्छी चीज को झाँटू बनाने की अद्भुत शक्ति है क्योंकि न तो नियामक संस्थाएँ, न ही संबद्ध मंत्रालय इसका संज्ञान लेता है। आप चाहे RBI ऑम्बड्समैन की बात करें या कन्ज्यूमर फोरम की, ये सब संस्थाएँ उपभोक्ता की शिकायतों का निवारण करने में अक्षम हैं। आप इनकी बकलोलियाँ सुन-सुन कर थक जाएँगे। ये आपको एक ही उत्तर दे-दे कर थका देंगे।
इंडिगो इतनी घटिया सेवा दे कर भी केवल इसलिए चल रही है क्योंकि उसे पता है कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। @Ministry_CA की कोई सीडी होगी इनके पास। और कोई कारण तो मुझे दिखता नहीं।
Largest Lithium reserves, 2023 (million tonnes):
Chile: 9.2
Australia: 5.7
Argentina: 2.2
China: 1.5
USA: 0.7
Yesterday India announced the discovery in Jammu of 5.9 million tonnes of Lithium, an essential component of EV batteries. Congratulations, Jammu. May you prosper.
We understand that these codes fall under the concurrent list, which means States have to approve them as well, but this limbo cannot go on indefinitely.
@LabourMinistry When are you implementing 4 labour codes?
@AdvisorLaborLaw#JagrukJanta
It's been 3 years since 4 Labour Codes were approved by the parliament, yet their enforcement is nowhere in sight.
This is taking a major toll on the growing number of gig workers who get almost no benefits or protection under the old labor laws.