वन्दे मातरम् सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम् । शस्यश्यामलाम् मातरम् ।। वन्दे मातरम् ।।
राष्ट्र गीत के रचयिता बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन्
ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल शिवाजी की विजय का विषय नहीं बल्कि इस देश के धर्म, संस्कृति, समाज का संरक्षण कर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के प्रयासों की सफल परिणति है।
शिवाजी युगप्रवर्तन के शिल्पकार थे।
#हिन्दू_साम्राज्य_दिवस
हल्दीघाटी विजय 450 वर्ष पूर्ण होने पर उदयपुर में आयोजित सभा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
📍 चेतक सर्किल, उदयपुर
🎙 मुख्य वक्ता: डॉ मोहन भागवत जी
🏛 आयोजक: प्रताप गौरव केन्द्र
आइए, महाराणा प्रताप के अदम्य शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा को नमन करें।
#HaldighatiVijay450
हल्दीघाटी विजय 450 वर्ष पूर्ण होने पर उदयपुर में आयोजित सभा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
📍 चेतक सर्किल, उदयपुर
🎙 मुख्य वक्ता: डॉ मोहन भागवत जी
🏛 आयोजक: प्रताप गौरव केन्द्र
आइए, महाराणा प्रताप के अदम्य शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा को नमन करें।
#HaldighatiVijay450
राणा पुंजा ने भी तीन कमान धारी भीलों को साथ लेकर महाराणा प्रताप को वचन दिया कि वह भी मेवाड़ की रक्षा के लिए उनके साथ है। राणा पूजा के नेतृत्व में हल्दीघाटी युद्ध के दौरान छापामार युद्ध नीति से मुगल सेना को परास्त किया। ॐ #HaldighatiVijay450#HaldighatiVijay450
राणा प्रताप को समर्पित गाडिया-लूहारों ने प्रतिज्ञा ली कि जब तक चित्तौड़ स्वतंत्र नहीं होगा, वे स्थायी घर नहीं बनाएँगे। यह प्रतिज्ञा 400 वर्षो तक निभाते रहे।#HaldighatiVijay450
#HaldighatiVijay450
वर्तमान शोध दर्शाते हैं कि हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक सैन्य टकराव नहीं था, बल्कि यह एक सुनियोजित सामरिक युद्ध नीति (Strategic Warfare) का हिस्सा था, जिसमें महाराणा प्रताप एक स्पष्ट विजेता के रूप में उभरे।
मां #पन्नाधाय में अपने पुत्र चंदन को उदय सिंह के स्थान पर रखकर अपने पुत्र का बलिदान दिया। अगर उदय सिंह नहीं बचते तो ना ही मेवाड़ होता ना ही महाराणा प्रताप। #HaldighatiVijay450
भामाशाह, चारण जैसा, चारण केशव, डोडिया भीमसिंह, राणा पुंजा, हकीम खाँ सूरी, शालिवाहन तँवर, भवानीसिंह तँवर, प्रतापसिंह तँवर, झाला मान देलवाड़ा, झाला मानसिंह बड़ी सादड़ी, कल्याण पड़ीहार और कोशीथल महारानी जैसे अद्वितीय योद्धाओं ने राणा प्रताप के नेतृत्व में शौर्य की एक अमर गाथा लिखी।
#HaldighatiVijay450
जब संघर्ष के कारण संसाधनों का संकट उत्पन्न हुआ, तब भामाशाह ने विशाल कोष महाराणा प्रताप को समर्पित कर दिया। यह राष्ट्रहित में त्याग की अनुपम मिसाल है।#HaldighatiVijay450
हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर उदयपुर में आयोजित राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
📍 चेतक सर्किल, उदयपुर
🎙 मुख्य वक्ता: डॉ मोहन भागवत जी
🏛 आयोजक: प्रताप गौरव केन्द्र
#HaldighatiVijay450