सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि एक बड़े न्यूज चैनल ने आज करीब 120 लोगों को नौकरी से निकाल दिया
जिसमें ऐसे कई एंकर भी हैं जो पिछले 10,12 सालों से चैनल से जुड़े थे, कई कैमरामैन, एडिटर, ग्राउंड रिपोर्टर।
लोगों का न्यूज से भरोसा उठ गया है, TRP नहीं आ रही है ऐड से रेवेन्यू नहीं बन पा रहा है।
मीडिया अपनी विश्वसनीयता खोता जाएगा तो उसकी कमाई गिरती जाएगी।
गोदी मीडिया से निपटने का एक ही आसान तरीका है घर के टीवी पर भूलकर भी न्यूज चैनल मत लगाइये इससे इनकी TRP गिरेगी और इन्हें ऐड मिलना बंद हो जाएगा।
हो सके तो टाटा स्काई, DTH पर कॉल करके वाकायदा नाम ले लेकर गोदी चैनलों को ब्लॉक करा दें इससे भी बड़ा फायदा होगा।
इस मुहीम को आगे बढ़ाए,
गोदी मीडिया आपकी परेशानी टीवी पर नहीं दिखाती तो आप ऐसा करके उन्हें परेशानी में डाल दो।
जय हिंद
हेलो दिल्ली पुलिस @DelhiPolice जाँच करो।
एक व्यक्ति ने दावा किया है कि जंतरमंतर पर लोग स्टूडेंट्स के लिए जो खाना भेज रहे है वो
एक पुलिस वाले ने डिलेवरी बॉय से जबर्दस्ती ले लिया।
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतरे हैं कल भाजपा भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
1. अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
2. दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
3. पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
4. मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
5. लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
अब भाजपा के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं। दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो। इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं।
भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से भाजपा और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी भाजपा की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो ख़ुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें। जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ भाजपा समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया, उत्तराखण्ड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुक़दमे किये, बुलडोज़र व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया… ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे भाजपा का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है।
इसीलिए भाजपा समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के ज़हर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है।
दिल्ली पुलिस ने कहा “पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया।”
सफ़दरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में लिखा है “छात्र पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गय।”
ओ “पत्तलकारों” अब डॉक्टर भी देशद्रोही हैं?
टकला चाकू लेकर पहुंच गया जंतर-मंतर...
फिर युवाओं ने टकला पर इतने थप्पड़ जड़ कि टकला लाल हो गया🤣😂
इनकी एक ही भाषा है , युवाओं को वह भाषा बहुत अच्छे से आती है 🔥
समाजवादी पार्टी के नेता कार्यकर्ता अलीगढ़ में जेन जी युवाओं के पक्ष में प्रदर्शन कर रहे हैं
इस दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट ठाकुर के आदेश पर पुलिस वाले ने पिस्तौल निकाल ली जबकि ये प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के नेता कार्यकर्ता निहत्थे कर रहे हैं
क्या निहत्थे युवाओं पर पुलिस भाजपा के इशारे पर पिस्तौल निकालकर मारने की कोशिश करेगी या धमकाएगी?
यूपी में क्या तानाशाही, गुंडाराज लागू कर दिया है भाजपा और आदित्यनाथ ने?
जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया।
सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है।
इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद हो गया है।
ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है, इन्हें लाठियों से मारा-पीटा गया है।
वो भी इसलिए क्योंकि इन युवाओं का पेपर लीक हुआ है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन कर रहे थे।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
देश के युवा से लेके देश के जवानों के अंदर गुस्सा भरा पड़ा है पर बीजेपी के अंधभक्तों की नजरों में ओर बीजेपी के नजरों में सब anti nationals है सिर्फ बीजेपी ही देश भक्त है जो देश को चांद पर ले जा रही है।
"Press Conference"
#DelhiProtestUpdate#RahulGandhi#StudentsDemandJustice
कुछ लोग पैदायशी संघी भी होते हैँ बस समाज को थोड़ा लेट पता लगता है.
रिपोर्टर - सर वो स्टूडेंट प्रोटेस्ट चल रहा है देश में?
सोनू निगम - मैं यहाँ किसलिए आया हूं, उसपर कोई बात नहीं, बिलकुल नहीं
रिपोर्टर - सर जो बच्चे पीटे गए?
सोनू निगम - बस हों गया उनका, छोड़ो ये सब
इस बेगैरत इंसान के खुद भी एक बेटा है और इसको भी CJI की तरह जंतर मंतर पर मार खाये बच्चों से कोई हमदर्दी नहीं है.
अफ़सोस रहेगा कि इसके गाने सुनकर जवान हुए थे
कायर बॉलीवुड 😡😡
ये है राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष @madanrrathore जी....
ये इंटरव्यू में बोल रहे है कि किसी आंदोलनकारी ने महिला पत्रकार के गले में हाथ डालकर उनका गला “भींच दिया ”...
जबकि सच ये है कि वो व्यक्ति उनका सहकर्मी (Colleague) था और वो उनके गले में हाथ डालकर चल रहा था जो कि उनका निजी मामला है....
लेकिन ऐसे तनावपूर्ण माहौल में राज्यसभा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष जैसे पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा फेक न्यूज फैलाना कि आंदोलनकारी लोगों ने उनके गले को भींचा और पत्रकारों को भड़काना उचित नहीं है क्योंकि ऐसे तनावपूर्ण माहौल में एक झूठी खबर दंगे भड़का सकती है.....
अब देखना ये होगा कि दिल्ली पुलिस निष्पक्ष है या नहीं...
क्या @DelhiPolice इन महोदय को फेक न्यूज फैलाने के लिए कोई नोटिस देगी? क्या ऐसे समय में फेक न्यूज से पत्रकारों को उकसाने और दंगे भड़काने के लिए इनके ऊपर कोई कार्रवाही होगी. ....???
क्या @PoliceRajasthan@RajPoliceHelp कोई नोटिस थमाएगी?
अगर मदन राठौड़ जी को नोटिस नहीं दिया जाता है तो इसका मतलब ये होगा कि सत्ता में बैठे लोगों को फेक न्यूज फैलाकर दंगे भड़काने की छूट होती है.... और पुलिस पर सरकार का दबाव है....
वीडियो के अंत में मैंने दूसरा वीडियो अटैच किया है जिससे साफ पता लग जाएगा कि वो उनका कलिग है...
@zoo_bear@khurpenchh@Cockroachisback@CJP_for_India@hanumanbeniwal@8PMnoCM