@IltijaMufti_ मैं मानता हूं कि भगवान श्री राम का नाम लेकर कोई किसी को पीटे यह सही नहीं है कुछ तो इस्लाम धर्म के बारे में बोल लिया करो सर तन के नारे लगाते हैं तो तब तुम्हारा मुंह क्यों चुप हो जाता। ऐसी कट्टरता हिंदुओं के प्रति किसने भरी है।
69,000 शिक्षक भर्ती प्रकरण में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आज माननीय न्यायालय के निर्णय के सभी तथ्यों से मुझे अवगत कराया गया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की लखनऊ बेंच के निर्णय के आलोक में कार्यवाही करने हेतु विभाग को निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट मत है कि संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण की सुविधा का लाभ आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्राप्त होना ही चाहिए एवं किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
✨Good morning to all, Tomorrow class timing morning 5.45 to 7.00am all must come with ur family members..👍
*👉Venue - JSN EDUCATION CENTRE (Maharaja Jewellers Beside Street)Uthukottai🙏🙏🙏
#International yoga day
Yoga Guru Swami Ramdev will soon have a wax statue installed at the Madame Tussauds wax museum in New York where he will be seen striking a yoga pose.
#स्वामीरामदेव_मैडमतुसाद
भगवान श्रीकृष्ण जी की सोलह कलाए...
अवतारी शक्तियों की सामर्थ्य को समझने के लिए कलाओं को आधार मानते हैं। कला को अवतारी शक्ति की एक इकाई मानें तो श्रीकृष्ण सोलह कला के अवतार माने गए हैं। भागवत पुराण के अनुसार सोलह कलाओं में अवतार की पूरी सामर्थ्य खिल उठती है। अवतारों में श्रीकृष्ण में ही यह सभी कलाएं प्रकट हुई थी। इन कलाओं के नाम हैं...
1. श्री: प्रथम कला के रूप में धन संपदा को स्थान दिया गया है। जिस व्यक्ति के पास अपार धन हो और वह आत्मिक रूप से भी धनवान हो। जिसके घर से कोई भी खाली हाथ नहीं जाए वह प्रथम कला से संपन्न माना जाता है। यह कला भगवान श्री कृष्ण में मौजूद है।
2. भू: जिस व्यक्ति के पास पृथ्वी का राज भोगने की क्षमता है। पृथ्वी के एक बड़े भू भाग पर जिसका अधिकार है और उस क्षेत्र में रहने वाले जिसकी आज्ञाओं का सहर्ष पालन करते हैं वह अचल संपत्ति का मालिक होता है। भगवान श्री कृष्ण ने अपनी योग्यता से द्वारिका पुरी को बसाया। इसलिए यह कला भी इनमें मौजूद है।
3. कीर्ति: जिसके मान-सम्मान और यश की कीर्ति से चारों दिशाओं में गूंजती हो। लोग जिसके प्रति स्वतः ही श्रद्घा और विश्वास रखते हों वह तीसरी कला से संपन्न होता है। भगवान श्री कृष्ण में यह कला भी मौजूद है। लोग सहर्ष श्री कृष्ण की जयकार करते हैं।
4. इला: चौथी कला का नाम इला है जिसका अर्थ है मोहक वाणी। भगवान श्री कृष्ण में यह कला भी मौजद है। पुराणों में श्री उल्लेख मिलता है कि श्री कृष्ण की वाणी सुनकर क्रोधी व्यक्ति भी अपना सुध-बुध खोकर शांत हो जाता था। मन में भक्ति की भावना भर उठती थी। यशोदा मैया के पास शिकायत करने वाली गोपियां भी कृष्ण की वाणी सुनकर शिकायत भूलकर तारीफ करने लगती थी।
5. लीला: पांचवीं कला का नाम है लीला। इसका अर्थ है आनंद। भगवान श्री कृष्ण धरती पर लीलाधर के नाम से भी जाने जाते हैं क्योंकि इनकी बाल लीलाओं से लेकर जीवन की घटना रोचक और मोहक है। इनकी लीला कथाओं सुनकर कामी व्यक्ति भी भावुक और विरक्त होने लगता है।
6. कांति: जिनके रूप को देखकर मन स्वतः ही आकर्षित होकर प्रसन्न हो जाता है। जिसके मुखमंडल को देखकर बार बार छवि निहारने का मन करता है वह छठी कला से संपन्न माना जाता है। भगवान राम में यह कला मौजूद थी। कृष्ण भी इस कला से संपन्न थे। कृष्ण की इस कला के कारण पूरा व्रज मंडल कृष्ण को मोहिनी छवि को देखकर हर्षित होता था। गोपियां कृष्ण को देखकर काम पीड़ित हो जाती थीं और पति रूप में पाने की कामना करने लगती थीं।
7. विद्या: सातवीं कला का नाम विद्या है। भगवान श्री कृष्ण में यह कला भी मौजूद थी। कृष्ण वेद, वेदांग के साथ ही युद्घ और संगीत कला में पारंगत थे। राजनीति एवं कूटनीति भी कृष्ण सिद्घहस्त थे।
8. विमल: जिसके मन में किसी प्रकार का छल कपट नहीं हो वह आठवीं कला युक्त माना जाता है। भगवान श्री कृष्ण सभी के प्रति समान व्यवहार रखते हैं। इनके लिए न तो कोई बड़ा है और न छोटा। महारास के समय भगवान ने अपनी इसी कला का प्रदर्शन किया था। इन्होंने राधा और गोपियों के बीच कोई फर्क नहीं समझा। सभी के साथ सम भाव से नृत्य करते हुए सबको आनंद प्रदान किया।
9. उत्कर्षिणि: महाभारत के युद्घ के समय श्री कृष्ण ने नौवी कला का परिचय देते हुए युद्घ से विमुख अर्जुन को युद्घ के लिए प्रेरित किया और अधर्म पर धर्म की विजय पताका लहराई। नौवीं कला के रूप में प्रेरणा को स्थान दिया गया है। जिसमें इतनी शक्ति मौजूद हो कि लोग उसकी बातों से प्रेरणा लेकर लक्ष्य भेदन कर सकें।
10. ज्ञान: भगवान श्री कृष्ण ने जीवन में कई बार विवेक का परिचय देते हुए समाज को नई दिशा प्रदान की जो दसवीं कला का उदाहरण है। गोवर्धन पर्वत की पूजा हो अथवा महाभारत युद्घ टालने के लिए दुर्योधन से पांच गांव मांगना यह कृष्ण के उच्च स्तर के विवेक का परिचय है।
11. क्रिया: ग्यारहवीं कला के रूप में क्रिया को स्थान प्राप्त है। भगवान श्री कृष्ण इस कला से भी संपन्न थे। जिनकी इच्छा मात्र से दुनिया का हर काम हो सकता है वह कृष्ण सामान्य मनुष्य की तरह कर्म करते हैं और लोगों को कर्म की प्रेरणा देते हैं। महाभारत युद्घ में श्री कृष्ण ने भले ही हाथों में हथियार लेकर युद्घ नहीं किया लेकिन अर्जुन के सारथी बनकर युद्घ का संचालन किया।
12. योग: जिनका मन केन्द्रित है, जिन्होंने अपने मन को आत्मा में लीन कर लिया है वह बारहवीं कला से संपन्न श्री कृष्ण हैं। इसलिए श्री कृष्ण योगेश्वर भी कहलाते हैं। कृष्ण उच्च कोटि के योगी थे। अपने योग बल से श्री कृष्ण ने ब्रह्मास्त्र के प्रहार से माता के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा की। मृत गुरू पुत्र को पुर्नजीवन प्रदान किया।
जय श्री कृष्णा 🚩🚩🙏
It must become a national mission - a mission for all Indians to rid our country and our politics of these shameless exploitative dynasty families of UPA/I.N.D.I.A
These dynasties who hv made themselves rich beyond imagination and always kept people poor and vulnerable
These dynasties are truly the parasites who for decades preyed on peoples vulnerabilities and sucked out our nations & peoples wealth.
As a cover for their corruption and parasitic behavior, they create narratives like "Protecting Dravidian Land" & abuse Hindu faith. The only thing they protect is their own wealth & politics. In all their years, they hvnt done even 1% of what PM @narendramodi ji has done for TamilNadu in only 9 years.
@annamalai_k
@Udhaystalin की जिस सनातन धर्म के बारे में टिप्पणी कहीं उसकी में गौर निंदा करता हूं। यह कैसे राजनेता है @Udhaystalin कुछ भी बोल जाते हैं यह सनातन धर्म इसको बर्दाश्त नहीं करेगा।
#SanatanaDharma#Patanjali Yuva BharatTamilnadu
@RhitDev_YB
@annamalai_k
भारत की आबादी में से 30 करोड़ लोगों में हाइपरटेंशन है और दुर्भाग्य की बात यह है मात्र 12% लोग ही एलोपैथी की दवाओं से अपनी बीपी को कंट्रोल कर पा रहे हैं। योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी से बीपी के कॉम्प्लिकेशंस को 100% कंट्रोल ही नहीं कैसे करें क्योर देखिए कल सुबह 7:56 बजे @indiatvnews पर
महान-योद्धा,कुशल-राजनीतिज्ञ,
प्रभावशाली प्रशासक,
शक्तिस्वरूपा,साहसी,
दूरदर्शी,वीरांगना,
प्रजा के लिए न्यायप्रिय-ममतामयी-मां,
हजारों मंदिरों के उद्धारक
समाज सुधारक,
पहली महिलाओं की सेना बनाने वाली,
नारीशक्ति की प्रतीक,
धर्मपरायण लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि पर नमन।
क्रांतिकारी ध्वज वाहिका
लंदन,जर्मनी,अमेरिका में अंग्रेजों के विरुद्ध जनमत तैयार करने वाली
पहला भारतीय झंडा डिजाइन करने वाली
वीरसावरकर
श्यामजी कृष्ण वर्मा
लाला हरदयाल
की सहयोगी
अंग्रेज जिसे "खतरनाक क्रांतिकारी महिला" मानते थे
भारतीयता की पुजारिन #bhikajikama को पुण्यतिथि पर नमन
-आठ पहर चौसठ घड़ी, घुड़ले ऊपर वास।
सैल अणी स्यूं सैकतो, बाटी दुर्गादास।।
-माई ऐहड़ौ पूत जण, जेहड़ौ दुर्गादास।
मार गण्डासे थामियो, बिन थाम्बा आकास।।
मातृभूमि के अनमोल रत्न, महाप्रतापी, महान विपत्तियों में भी धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले,
क्षात्र धर्म को अपने चरित्र से चरितार्थ करने वाले, राष्ट्रनायक दुर्गादास राठौड़ जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
पतंजलि के यूट्यूब चैनल ( @SwamiRamdevOfficial ) पर योग, आयुर्वेद,सनातनधर्म से प्रेम करने वाले सब्स्क्रीबर्स की संख्या एक करोड़- 100,00000 से ज्यादा हो गई है। सोशल मीडिया पर पतंजलि परिवार 5 करोड़ 11 लाख से ज्यादा ऑफिसियल रूप से हो गया है, हर माह सोशल मीडिया से 7 करोड़ से ज्यादा लोगों तक यह संदेश पहुंचता है।
यूट्यूब पर 171 करोड़, 89 लाख व्यूज के साथ योग, आयुर्वेद से जुड़े वीडियोस दर्शकों द्वारा देखे गए हैं।
आयुर्वेद शिरोमणि पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी द्वारा योग,आयुर्वेद,सनातन धर्म के संदेश को दुनिया की लगभग 120 से भाषाओं में उपलब्ध करवाने की योजना है।
सभी सोशल मीडिया संगठन व पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान, महिला पतंजलि योग समिति, युवाभारत, किसान सेवा समिति व हाम्रो स्वाभिमान के सोशल योगी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत आशीर्वाद।
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