.@dgpup@Rajeevkrishna69@CP_Noida@jtcpnoidaHQ@jtcpnoida श्रीमान, ग्रेनो वेस्ट गौर सिटी पुलिस चौकी के पास होटल/ढाबे मे शराब परोसे जाने का विडियो @SudarshanNewsTV द्वारा प्रसारित किए जाने पश्चात @DCPCentralNoida ने बताया था कि 05 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाई किया गया, परंतु इस कार्यवाई से संबन्धित कोई भी FIR @Uppolice के CCTNS पोर्टल पर नहीं दिख रहा।
@SHObisrakh जी, क्या वाकई मे कोई कार्यवाई हुआ है? क्या इस प्रकरण में गौर सिटी पुलिस चौकी प्रभारी के संलिप्तता को उजागर करने के लिए कोई जांच गठित की गई है?
मा० @myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP जी, ग्रेनो वेस्ट में 8 लाख से अधिक की आबादी रहती है लेकिन सरकारी अस्पताल के नाम पर केवल एक बिसरख CHC संचालित हो रही। बिसरख CHC में सुविधाओं का घोर अभाव भी है। कृप्या ग्रेनो वेस्ट में एक मल्टी स्पैशलिटी सरकारी अस्पताल बनवाने की कृपा करें।
01-मार्च-2024 को @OfficialGNIDA के 134वीं बोर्ड बैठक में लिए निर्णय की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहेंगे जिसके अंश है - "विशेष परियोजनाओं के लिए 930.67 करोड़, उद्यानीकरण के लिए 43 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें मुख्यतः फुटओवर ब्रिज, अंडरपास, एसटीपी, विद्युत सबस्टेशन, नये कॉलेज के निर्माण, ग्रेनो वेस्ट में अस्पताल / हेल्थ सेन्टर, अल्फा मार्किट का पुनर्विकास, कासना सुरजपुर का पुनर्विकास कार्य, बस शेल्टर, गंगाजल का अवशेष कार्य आदि शामिल हैं"
134वीं बोर्ड बैठक में ग्रेनो वेस्ट में अस्पताल / हेल्थ सेन्टर के लिए बजट का प्रावधान किया गया था, परन्तु अभी तक ग्रेनो वेस्ट में अस्पताल / हेल्थ सेन्टर के लिए जगह का चयन नहीं किया गया है। लोगों को मजबूरी मे निजी अस्पतालों का ही रुख करना पड़ता है।
@ChiefSecyUP@CommissionerMe3@dmgbnagar@MedhaRoopam@MhfwGoUP@nhm_up@brajeshpathakup
.@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@UPGovt आप हमेशा जनता को सुविधा देने की बात करते हैं, वहीं @CeoNoida@OfficialGNIDA@YamunaAuthority उन सुविधाओं को फ्लॉप करने की कोई कसर नहीं छोड़ते।
आज से गौतमबुद्ध नगर मे ई-बस सेवा शुरू हो रही, लेकिन आपके अधिकारियों ने शुरू करने से पहले ही उसे फ्लॉप करने की तैयारी कर ली है।
1. न्यूनतम किराया रु10 और अधिकतम रु25 रखा जा रहा था, परंतु अंतिम समय पर किराया 20 से 50 कर दिया गया, ऐसा क्यों?
2. न्यूनतम किराया रु20 बहुत अधिक है। यह रु10 होना चाहिए जो कि @dtchq_delhi बसों का भी न्यूनतम किराया है।
3. यदि बसों का किराया ऑटो से कम नहीं होगा तो बस के लिए कौन इंतजार करेगा?
4. जब ऑटो के बराबर ही किराया देना है फिर बस सेवा का क्या फायदा???
5. बसों के चार्जिंग के लिए पर्याप्त सुविधा अभी तक विकसित नहीं की गई है। बसें चार्ज ही नहीं होगी तो चलेगी कैसे? @surendrasnaagar@DhirendraGBN@dr_maheshsharma@PankajSinghBJP@tejpalnagarMLA@dmgbnagar@MedhaRoopam आप सभी से आग्रह है कि ई-बस सर्विस का किराया न्यूनतम रु10 और अधिकतम रु25 करवाने की कृपा करें। किराया ही तय करेगा कि बस सर्विस हिट होगी या फ्लॉप।
.@dmgbnagar@MedhaRoopam मैडम, गौतमबुद्धनगर के सरकारी महकमे का यह कौन सा नामित चुनाव अधिकारी है जिसने ना अपना नाम बताया ना विभाग का अता-पता? और चुनाव अधिकारी नियुक्त करने से पहले अधिकारी को यूपी अपार्टमेंट एक्ट की जानकारी है या नहीं क्या यह बिलकुल भी नहीं देखा जाता?
देखिए इस कार्यालय आदेश को.........
इस आदेश को जारी करने वाले "गुमनाम" नामित चुनाव अधिकारी को या तो यूपी अपार्टमेंट एक्ट की कोई जानकारी नहीं है, या यह मौजूदा "गुमनाम" नामित चुनाव अधिकारी पूर्व के नामित चुनाव अधिकारी आशीष मौर्य की तरह ही भ्रष्टाचार मे संलिप्त है।
यदि इस नामित चुनाव अधिकारी को यूपी अपार्टमेंट एक्ट की जानकारी होती तो अपने आदेश मे यह बिलकुल भी नहीं लिखता कि "सभी निवासी जन जो AOA सदस्यता लेना चाहते हो........"
सोसाइटी का AOA चुनाव एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ज़िम्मेदारी भरा काम है परंतु इसमे नामित चुनाव अधिकारी के स्तर पर अप्रत्याशित भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार का एक नमूना इस कार्यालय आदेश मे भी दिख रहा। @myogioffice@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPGovt@CommissionerMe3@ChiefSecyUP आपसे अनुरोध है कि AOA चुनाव अधिकारी नामित करने के दौरान संबन्धित अधिकारी कि यूपी अपार्टमेंट एक्ट की जानकारी होना सुनिश्चित किया जाए।
.@CP_Noida@dmgbnagar@CeoNoida@noidafire@upfireservice@ChiefSecyUP@myogiadityanath
🚨 वीडियो में दिख रही यह तस्वीर नोएडा Noida Sector 75 Ivy County की है, जो नोएडा जैसे आधुनिक महानगर की एक कड़वी सच्चाई को उजागर करती है।
आज शहर में दर्जनों ऊंची-ऊंची बहुमंजिला इमारतें खड़ी हैं, लेकिन यदि किसी ऊपरी मंजिल पर भीषण आग लग जाए तो वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है, यह बड़ा सवाल है।
नोएडा से सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, फिर भी राष्ट्रीय राजधानी के पड़ोस में बसे इस बड़े शहर में अग्निशमन व्यवस्था कई स्थानों पर ऊंची इमारतों की चुनौतियों के अनुरूप दिखाई नहीं देती।
जब किसी भवन की ऊपरी मंजिलों तक समय पर राहत और बचाव नहीं पहुंच पाता, तो लोगों का भरोसा व्यवस्था से ज्यादा किस्मत और भगवान पर टिक जाता है।
यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अब समय आ गया है कि ऊंची इमारतों की बढ़ती संख्या के साथ अग्निशमन संसाधनों, उपकरणों और आपदा प्रबंधन क्षमता को भी उसी स्तर पर मजबूत किया जाए।
जनता सिर्फ Tax और वोट देने के लिए नहीं है, सुरक्षा का भरोसा भी माँगती है।
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The most common and one of the oldest forms of encroachments in our country is people extending the ramps to cover a portion of the road. Visuals from Gurugram where authorities have begun demolishing these illegal ramps.
Fraud people and fraud company.I handed them my projector to ship to Egate company for repair but Delhivery people opened my parcel stole the product and filled it with stone now they put blame on me that I have sent stone in the parcel and asked for proof of packing.
.@Uppolice@noidapolice@2_noida@DCPCentralNoida@CP_Noida@dgpup कृपया संज्ञान लें और जिम्मेदार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें:
यह सिर्फ़ @gaursons_india@shobisrakhgbn की लापरवाही नहीं, यह सीधा-सीधा लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के Gaur City Mall में जो नज़ारा देखने को मिला, वो किसी भी बड़े हादसे की चेतावनी है। Escalator पर इस तरह भीड़ खड़ी करना, ओवरलोड करना-क्या मॉल मैनेजमेंट को इतनी बेसिक सेफ्टी की समझ भी नहीं है? अगर वह टूट जाता, तो दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो सकते थे, उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
क्या सिर्फ किसी बॉलीवुड स्टार को बुलाने के चक्कर में लोगों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया? ऐसे इवेंट्स के लिए क्या Bisrakh Police से परमिशन ली गई थी या नहीं? अगर ली गई थी, तो पुलिस की मौजूदगी में इतनी खतरनाक भीड़ कैसे इकट्ठा होने दी गई? क्या उनका काम सिर्फ तमाशा देखना है?
मॉल मैनेजमेंट और पुलिस प्रशासन दोनों की यह घोर नाकामी है। भीड़ नियंत्रण के कोई इंतजाम नहीं, सेफ्टी प्रोटोकॉल का कोई पालन नहींl
अगर आज कुछ हो जाता, तो जिम्मेदारी से बचने के लिए यही लोग एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आते। लेकिन सच्चाई ये है कि यह पूरी तरह से गैर-जिम्मेदार, लापरवाह और खतरनाक आयोजन था।
इस मामले की तुरंत जांच होनी चाहिए और मॉल मैनेजमेंट के साथ-साथ जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी की जान इस तरह के घटिया इंतजामों की भेंट न चढ़े।