जिस लालू जी ने रेलवे को 90,000 करोड़ का मुनाफा दिया,जिस लालू ने लाखों युवाओं के लिए रेलवे में भर्ती निकाली,कुलियों को स्थायी किया उस लालू पर 15 साल बाद छापा मरवाया जा रहा है।
और जिस संघ व मोदी-शाह ने रेलवे को बेच दिया, स्टेशन बेच दिए, 72000 पदों को डकार गए वो ईमानदार बन रहे है।
मुस्लिम एक्टिविस्ट,पत्रकार आरक्षण को गालियां दे रहे है और खत्म करने की वकालत कर रहे है. ये इनके अंदर का जातिवादी जहर है जो बाहर आ रहा है, बाकि दलित चिंतकों, पत्रकारों आप चिंता मत करो आप मस्जिद की लड़ाई जारी रखो. वैसे बाबा साहेब को भी पढ़े लिखे लोगों ने ही धोखा दिया था।
बीमार लालू यादव तो बीजेपी को डराते ही हैं। जब लालू नहीं होंगे तो भी संघी अपने बच्चों से कहेंगे, वह आज़ाद होता तो हमें चैन से जीने नहीं देता। लालू यादव सामाजिक न्याय के युद्ध में युद्धबंदी हैं। https://t.co/oSTENe4xff
आज बेटी का जन्मदिन है और समझ नहीं आ रहा क्या लिखूँ, जिसके लिए अब साँसे चलती हैं... 6 दिन छत्तीसगढ़ का सफ़र और पहली बार इतना दूर और इतने दिन के लिए दूर थी. काम में मन नहीं लग रहा था बस मिलने के पल का इंतज़ार था. जैसे ही मिली चेहरे पर कई सवाल के साथ माँ सुनते ही सारी थकान छूमंतर ❤️
आज बेटी का जन्मदिन है और समझ नहीं आ रहा क्या लिखूँ, जिसके लिए अब साँसे चलती हैं... 6 दिन छत्तीसगढ़ का सफ़र और पहली बार इतना दूर और इतने दिन के लिए दूर थी. काम में मन नहीं लग रहा था बस मिलने के पल का इंतज़ार था. जैसे ही मिली चेहरे पर कई सवाल के साथ माँ सुनते ही सारी थकान छूमंतर ❤️
जौहर युनिवर्सिटी के संस्थापक पूर्व मंत्री जनाब आज़म ख़ान साहब आज जेल से रिहा हो गये हैं, माननीय उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रिहाई नसीब हो पाई, मौजूदा दौर की सरकारें इंसाफ़ को कुचलने के लिये किसी भी हद तक जा रही हैं, मुत्तहिद रहिये, इंसाफ़ के लिये लड़ते रहिये।
बिहार के पूर्व सीएम लालूप्रसाद यादव जी पर CBI की छापेमारी की कार्यवाही निंदनीय है। जातिय जनगणना के मुद्दे को दबाने के लिए BJP द्वारा ये रेड करवाई जा रही है, ताकि पिछड़ो की आवाज को गूंगा कर सके। इस प्रकार तंत्र का दुरुपयोग करके विपक्ष को दबाने कि कोशिश करना लोकतंत्र की बर्बादी है।
हमने स्मृति ईरानी जी को याद दिलाने की कोशिश की, उनको वो दिन याद दिलाये जब वो सत्ता के भूखे थे, जब कांग्रेस की सरकार में सत्ता लालच के कारण उन्होंने सिलिंडर सिर पर उठाकर चिल्ला-चिल्लाकर कि "बहुत हुई महंगाई की मार.." लोगों को गुमराह किया।
- महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुश्री @dnetta
लोग बरगद के पेड़ को भगवान मानते हैं, उसकी पूजा करते हैं.! लेकिन वही बरगद अगर घर की दीवार पर उग आए, तो उसे काट डालते हैं... धर्म का बस इतना ही फ़साना है.!!