यह जातीय पत्रकार न्यूज़ पिंच वाला है बिहार चुनाव से इसके चैनल का व्यू बढ़ा कमाई होने लगी तो सोचने लगा बिहार को ही केंद्रित करते है बदनाम करेंगे और जाति का समर्थन मिलेगा पैसे कमाएंगे।
आज बिहार के मुख्यमंत्री श्री @samrat4bjp जी को बदनाम करने पहुंच गए परन्तु कुछ दिन पूर्व नेपाल में आई बाढ़ से बिहार सम्राट चौधरी के कुशलप्रबधन से कोई बढ़ी तबाही नही हुई तो यह पांडे अभिनव बिहार नही आया।
खैर भूमिका छोड़िए जाति का दंश और इसका ज्ञान देखिये बाबू जगजीवन राम हमारे बाबूजी देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री रहे को अशिक्षित होने की बात बता रहा है जबकि कोलकाता विश्वविद्यालय से विज्ञान संकाय से उच्चतम अंकों से उतीर्ण हुए थे।
बस इस व्यक्ति के चैनल और व्यक्तिगत ज्ञान को समझिए।
लोग बिहार के मुख्यमंत्री श्री @samrat4bjp जी से विरोध इसलिए नही कर रहे है कि उनकी शिक्षा क्या है क्या नही है। बल्कि इसलिए भी कर रहे है कि कुशवाहा जाति का व्यक्ति कैसे मुख्यमंत्री बन गया है।
बाकी न्यूज़ पिंच को अनसब्सक्राइब कीजिये कल से बिहार और मुख्यमंत्री का गुणगान करने लगेगा।
अमन सिंह कुशवाहा
@Bhartendu0309 After an expert medical board compiled by the Civil Surgeon and CMO of Patna explicitly confirmed clinical negligence, the court ordered the hospital to pay ₹35 lakh in compensation and ₹1 lakh in litigation costs. @Ruban Hospital
@Bhartendu0309 Patient, Ramesh Kumar Yadav, underwent a kidney-related surgery (PCNL) back in 2012. During the procedure, two internal ureteric stents were inserted.The surgical team removed only one stent, leaving the right-sided stent inside the patient's body for years.
@CP_Noida@DCPCentralNoida@dmgbnagar@dgpup@CMOfficeUP
#9 days have passed, yet no FIR has been registered. Circumstantial evidence and the name of the person on whose alleged instructions the theft was committed have already been provided. Continued inaction raises serious questions about the #credibility of #NoidaPolice. Kindly intervene.
@DCP_CentralNoida @CP_Noida मेरी XEV 9E की चार्जिंग गन Leisure Park Society के E1 बेसमेंट में जानबूझकर काटकर चोरी कर ली गई। 112 पर सूचना देने के बाद लिखित FIR हेतु बिसरख थाने गया, लेकिन वहाँ मौजूद दोनों SSI कार्रवाई के बजाय टालमटोल करते रहे, यह करेंगे, वह करेंगे।
ACP कमल कांत जी ने आश्वासन दिया था कि चौकी इंचार्ज आधे घंटे में सोसायटी पहुँचेंगे, परंतु अभी तक न कोई पहुँचा, न फोन आया। मैं डेंगू से उबर रहा हूँ और अत्यधिक कमजोरी के बावजूद थाने के चक्कर काटने को विवश हूँ। क्या चोरी की FIR दर्ज कराना भी पीड़ित की परीक्षा बन चुका है? तत्काल FIR, CCTV जाँच एवं कार्रवाई अपेक्षित है।
#NoidaPolice #GreaterNoidaWest #RegisterFIR #PoliceAccountability
#MedantaHospital, पटना भी क्या निराश करने लगा है, बड़ा सवाल है ? क्या यह भी #ParasHospital के रास्ते पर चल पड़ा है ? कहने-मानने को #Medanta पटना का बेस्ट सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है. लोग पैसे की फिक्र नहीं करते, बेहतर इलाज की उम्मीद के साथ जाते हैं.
लेकिन, भारत सरकार के मंत्री #JitanRamManjhi के इलाज में जिस स्तर की लापरवाही की बातें सामने आ रही हैं, वह अलार्मिंग है. पिछले हफ्ते मांझी बिहार में ही थे. तेज बुखार और बॉडी पेन ने परेशान किया. उन्हें #मेदांता के एम्बुलेंस से ही अस्पताल ले जाया गया. परिवार वाले बहुत परेशान हो गए थे. मांझी के बेटे #SantoshSuman बिहार में #SamratChoudhary सरकार में मंत्री हैं.
तीन दिनों तक मांझी मेदांता में रहे. बुखार आ-जा रहा था. यह सभी जानते हैं कि #Calpol जैसी टैबलेट भी बुखार को कुछ घंटे के लिए उतार देता है, लेकिन असर खत्म होते ही फिर चढ़ जाता है. कहने का मतलब यह कि मांझी का बुखार भले ही दवा के असर से कम हुआ हो, लेकिन बीमारी डॉक्टरों ने अभी ठीक से नहीं पकड़ी थी.
मांझी और कमजोर हो गए थे. लेकिन, घर में आराम करने लायक स्थिति ठीक बता मेदांता से उनकी छुट्टी कर दी गई. फिर, मांझी दिल्ली चले गए, उन्हें लगा, ठीक हो जाएंगे. दिल्ली में अगले दिन वे मंत्रालय भी गए, लेकिन स्थिति वहीं खराब हो गई.
स्थिति खराब देख मांझी के सहयोगी उन्हें तुरंत #AIIMS ले गए. यहां केंद्रीय मंत्री की ऐसी स्थिति देख आनन-फानन में #ICU में भर्ती किया गया. एम्स के डॉक्टरों ने तुरंत पकड़ा, डेंगू के गंभीर लक्षण हैं, प्लेटलेट्स बहुत कम हैं.
मांझी के निजी सचिव से एम्स के डॉक्टरों ने पटना के मेदांता में हुए इलाज की रिपोर्ट्स देखी. फिर, इस बात से चौंक गए कि अंतिम में डेंगू की रिपोर्ट तो लगी है, लेकिन पटना में मांझी का इलाज प्रॉपर नहीं किया गया. प्लेटलेट्स कम होने के बाद भी अस्पताल से छुट्टी हुई.
एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने साफ माना कि और देरी बहुत गंभीर हो सकती थी. हम मांझी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. पर, मेदांता, पटना को लेकर सवाल भी यहीं से शुरु होते हैं. जब आप मांझी जैसे VVIP पेशेंट की देखभाल ठीक से नहीं कर सकते, तो फिर अन्य का क्या ? मैं तो इसलिए परेशान हूं, क्योंकि यह मानता रहा कि जब कभी कोई इलाज की जरुरत होगी, तो पटना में मेदांता ही जाएंगे. मेदांता प्रबंधन को अब यह बात समझने की जरुरत है कि सिर्फ महंगे रुम और लक्ज़री सुइट्स से बेहतर इलाज नहीं होता. अच्छे इलाज की व्यवस्था आपको करनी होगी.
जीतन राम मांझी के लोग पहले उन्हें पूर्ण रुप से ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद इलाज में लापरवाही को लेकर मेदांता, पटना से सवाल-जवाब करेंगे. यह जरुरी भी है. वैसे यह भी स्पष्ट कर दें कि इस मामले में यदि मेदांता, पटना का कोई पक्ष आता है, तो वह भी आपसे अवश्य शेयर करेंगे.
#ज्ञानेश्वर_की_डायरी
@irctc_app@Indianrlyinfo@railcomplaint we are waiting at Patna junction , train no 13248 is late no update, very pathetic running time of Indian rail , @ECRlyHJP Indian rail is now days creating history for running late trains