🇦🇪UAE bans social media for under-15s.
Countries with similar bans.👇
🇦🇺Australia
🇫🇷France
🇬🇧UK
🇩🇰Denmark
🇵🇱Poland
🇬🇷Greece,
🇸🇮Slovenia and
🇸🇪Sweden
Will 🇮🇳India introduce a similar ban?
$IO WHALE ACCUMULATION DETECTED
A whale wallet has been steadily accumulating $IO recently
The wallet has been DCA’ing across a wide range, with the current average entry around $0.157
Total accumulated: 7.09M $IO, worth around $1.11M
Address: AdGmPw6TxFMMuf2xdYcELvwmCMG4vXxWLTBfVh92AuP4
आजकल समझ ही नहीं आ रहा कि Airtel के साथ क्या चल रहा है?
मैंने 979 का 2GB per day वाला प्लान लिया ताकि रोज डेटा खत्म होने की टेंशन ना रहे
सीधा हिसाब लगाओ तो 979 ÷ 84 = लगभग 11.65 रुपये रोज और 11.65 ÷ 24 = करीब 0.48 रुपये प्रति घंटा
लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब फोन में हर समय 5G दिखता है और डेटा बहुत तेजी से खत्म होने लगता है पहले 50% फिर 90% का मैसेज आ जाता है और उसके बाद ना तो नेट चलता है
इसके बाद 39 रुपये का टॉपअप करने का मैसेज आता है और जैसे ही मैंने 39 का रिचार्ज किया तो तुरंत ये मैसेज आना बंद हो गया और अगले 3 दिन तक ना तो 90% वाला अलर्ट आया और ना ही डेटा उतनी तेजी से खत्म हुआ
लेकिन जैसे ही वो 3 दिन खत्म हुए फिर से वही 50% और 90% वाला खेल शुरू हो गया
अब इसका पूरा कैलकुलेशन देखो
84 दिन में हर 3 दिन पर 39 रुपये का रिचार्ज करना पड़े तो
84 ÷ 3 = 28 बार
यानि 28 × 39 = 1092 रुपये सिर्फ टॉपअप में
अब कुल खर्च = 979 + 1092 = 2071 रुपये
अब असली खर्च देखो
2071 ÷ 84 = लगभग 24.65 रुपये रोज
और घंटे में
24.65 ÷ 24 = करीब 1.02 रुपये प्रति घंटा
यानि जो प्लान 11.65 रुपये रोज का लग रहा था वो असल में 24.65 रुपये रोज का पड़ रहा है
क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि 5G होने के बाद भी पूरा दिन नेट नहीं चल पा रहा है?
I'm not a religious person but I believe in BTC God Candles
Gm to the bulls that didn't capitulate the lows. Depressed Dirty Bears will soon receive some green candle therapy.
now you will see tweets that don't buy the new #Iphone buy #Crypto
but if you need a phone , just go ahead and buy a phone .
having fun is life today is more important than thinking of tomorrow .
if you need it buy it .
else you can skip .
राघव चड्डा आज एक बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है, जो हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है
जब 5 किलो राशन लेने जाएं तो फिंगरप्रिंट जरूरी
किसान यूरिया लेने जाए तो फिंगरप्रिंट जरूरी
पेंशन लेनी हो तो फिंगरप्रिंट जरूरी
लेकिन सवाल यह है कि जब देश की सबसे बड़ी ताकत वोट डालने का समय आता है, तब वही सख्ती क्यों नहीं दिखाई देती?
अगर हर बूथ पर भी फिंगरप्रिंट आधारित व्यवस्था लागू हो जाए, तो वोट चोरी, फर्जी मतदान और गड़बड़ी जैसी आशंकाएं काफी हद तक खत्म हो सकती हैं
लोकतंत्र की मजबूती पारदर्शिता और विश्वास पर टिकी होती है
अगर तकनीक का इस्तेमाल राशन और पेंशन में हो सकता है, तो चुनाव प्रक्रिया में क्यों नहीं?