ये तस्वीरें बताती हैं कि किस तरह से आदिवासियों और जंगल के बीच भावनात्मक सबंध हैं। वर्तमान सरकारें या अडानी - अम्बानी को इन सब कोई फ़र्क नहीं पड़ता, मगर इन सब से फ़र्क पड़ेगा हमारी आनेवाली पीढ़ियों को, इस सुन्दर धरती को! वक़्त रहते हम मिलकर आवाज़ बनें।
चिराग तले अंधेरा, @LateharDistrict सर महुआडांड़ प्रखंड के आदिवासी बहुल ग्राम सुग्गी में 1 साल पहले आवेदन देने के बावजूद आज तक बिजली विभाग की लापरवाही के कारण BPL कार्ड धारियों के लिए बिजली का मीटर नहीं लगा है, कृपया ध्यान दीजिए @HemantSorenJMM@krishnalakra25@MinzNilofar
@PMOIndia@HemantSorenJMM@DrRameshwarOra1@DC_Chaibasaमहोदय प०सिंहभूम जिला के हाटगम्हरिया प्रखण्ड के दिकूबलकाण्ड पंचायत के दिकूबलकाण्ड गाँव के डीलर सीता यादव,सहेली महिला मंडल,तारणी महिला मंडल के द्वारा अक्टूबर2021एवं जनवरी2022 के NFSAराशन लाभुकों को नही बांटी।लाइसेंस रद्द की जाए
समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आइए, हम सब मिलकर देश में शांति, समरसता और सामाजिक सौहार्द के लिए एकजुट रहने का संकल्प लें और देश के विकास में अपना योगदान दें। #HappyRepublicDay 🇮🇳
नक्सली प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत भेलवाघाटी थाना के 2.5वर्षों से विधवा माता #बड़की_मरांडी विधवा पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए कई बार अंचल कार्यालय की चक्कर लगाई, पर इनकी समस्या निदान नहीं हुवा!आपकीसरकार आपकेद्वार कार्यक्रम जानकारीनहींमिली
आ.@SitaSorenMLAआ.@ChampaiSoren मदद करें
हम लोग आजादी के पहले लड़ाके है,लोकतन्त्र के निर्माता.आप लोग आदिवासियों को लोकतंत्र नही सीखा सकते, बल्कि समानता, सहअस्तित्व ओर लोकतंत्र उनसे ही सीखना होगा!
संविधान निर्माता #जयपाल_सिंह_मुंडा_जयंती पर शत शत नमन💐💐💐
गोलीकांड को किसी भी सरकार ने बच्चों के किताबी पाठ्यक्रम के रुप में प्रस्तुत करने की ज़रुरत नहीं समझी गई क्योंकि ये आदिवासियों से जुड़ा मामला है। यहां तक के गोलीकांड में मारे गए सभी शहीदों की पहचान आज तक नहीं हो सकी है #खरसावा_शहादत_दिवस@ChampaiSoren@Chhotu_Vasava
खरसावां गोलीकांड :अपनी स्वायत्तता की माँग करने वाले आदिवासियों पर आजाद देश के शासन ने निर्ममता से गोली बरसाई ।स्थानीय कहते हैं कि उस गोलीकांड में लगभग दो हजार लोग मारे गए थे।यह आजाद भारत का 'जलियांवाला बाग' बना।संभवतः देश का पहला मार्शल लॉ यहीं लगा।
#खरसावां_गोलीकांड_काला_दिवस
1St Jan,1948 को
जब सारा देश नये साल के जश्न में डूबा था, खरसावाँ हाट में 50,000 आदिवासियों की भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग हुई थी।
जब फायरिंग रूकी तो पुरा हाट में आन्दोलनकारियों के शव बिखरे थे। आजाद भारत का यह पहला सबसे बड़ा गोलीकाण्ड था। सभी वीर पुरखों को नमन हूल जोहार। 🙏🏻🕯️🏹
01 जनवरी 1948 को एक भयानक गोलीकांड हुआ था।ओडिसा पुलिस द्वारा खरसावां हाट मे लगभग पचास हज़ार आदिवासियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई थी
ताकि आदिवासी आंदोलनकारियों की अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को दबाया जाए और खरसावां रियासत को ओडिसा में विलय कर दिया जाए
#खरसावां_गोलीकांड_काला_दिवस
More than 13 innocent tribals were Nagaland killed but no sound in Godi media no debate why? It's very serious issue but no one is taking the responsibility, this Northern state is known for peace and social harmony looking great setback for humanity. #नागालैंड_आदिवासी_नरसंहार