UGC के नए बिल के हिसाब से स्वर्ण जाति वालों को अपनी लड़कियों को कॉलेज में पढ़ाना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि अब उनकी इज़्ज़त का रखवाला कोई नहीं होगा।
दलित जाति का एक लड़का उसे प्रपोज़ करेगा और अगर उसने मना कर दिया, तो वह तुरंत नए क़ानून के हिसाब से उसके ख़िलाफ़ केस कर देगा। कोई सबूत नहीं चाहिए। या तो प्रस्ताव स्वीकार करो या 3 साल की जेल और करियर खत्म!
हालाँकि यह क़ानून लड़कों के लिए भी है—बेहतर है कि वे भी चाहें तो कॉलेज में एडमिशन न लें और अब्दुल पंक्चर वाले के साथ बैठकर पंक्चर लगाना सीख लें।
ये समीक्षा मिश्रा है, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही है, भाजपा युवा मोर्चा से जुड़ी है और अब सरकार और UGC के खिलाफ बोल रही है।
@BJP4India को कितना बड़ा नुकसान होगा इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है।
मंत्री जी ने अभी तक UGC का नए प्रावधानों का अध्ययन तक नहीं किया ,क्योंकि समय नहीं है मंत्री जी के पास अपने बच्चों का भविष्य भी तो बनाना है।
नेताओं के बच्चे तो विदेश में पढ़ते है ,उन्हें क्या ही फर्क पड़ेगा ,एक भी ऐसा कोई सवर्ण सांसद , विधायक नहीं है जिसने UGC का विरोध किया हो।
UGC कानून की पहली शिकार बीजेपी नेता की बेटी बनी।रोंगटे खड़े कर देने वाले इस वीडियो को सुनने के बाद आप खुद सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव अत्याचार का आकलन कर सकते है।कुछ लोग अभी भी मोदी योगी का फैन बन रहे हैं।
@jpsin1 तुम ठहरे सरकारी टैटू तुम्हारे माने न मानने से कुछ होगा , तुम्हे तो पैसे ही बचाव के मिलते है आकाओं से , किसी भी तरह बचाव करो बस चाहे वह सही हो या गलत
‘अरे इतना ही तो बदला है…’
‘अरे थोड़ा ओबीसी ही तो जोड़ा है…’
‘अरे गलत शिकायत पर दंड का प्रावधान ही तो हटाया है…’
‘अरे SC/ST एक्ट में तो ये सब पहले से ही था…’
‘अरे तुम भी कम्प्लेन कर सकते हो दूसरी जगह…’
‘कहाँ हो रहा है नरसंहार…’
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सुधिजन ज्ञान ज्ञान की बातें लिखे जा रहे हैं कि बस यही बदला है, बाकी तो ठीक ही है। सब तो जिंदा ही हैं, कौन मर गया!
१. कोई नहीं मरा, पर किसी विद्यार्थी को एक अतिरिक्त सतत मानसिक तनाव में रखना, मनोविज्ञान की किस थ्योरी में उचित माना गया है?
२. थोड़े-से OBC को जोड़ने में पौने दो करोड़ एक्स्ट्रा विद्यार्थी जुड़ जाते हैं जो सामान्य वर्ग के लड़कों से चार-पाँच गुणा अधिक हैं।
३. जब 92% शिकायतें झूठी होती हैं तो ऐसे नियमों में झूठी शिकायतों पर अपील/शिकायत का प्रावधान किस तर्क से हटाया गया? या जोड़ा ही नहीं गया? एक 18-20 वर्ष के बच्चे पर झूठी शिकायत का मानसिक बोझ क्या काम करते सामान्य व्यक्ति के बराबर होगा? क्या उसके तीन वर्ष के अकादमिक करियर में एक भी सेमेस्टर रस्टिकेशन/निलंबन का प्रभाव भयावह नहीं दिखता? क्या बच्चे दवाब में आत्महत्या नहीं करेंगे?
४. जब किसी एक्ट में ये सब पहले से ही था तो कैम्पस में क्यों लाया जा रहा है? इक्विटी स्क्वॉड और कमिटि में सवर्णों का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है? जहाँ पिछले वर्षों में 93 लाख SC/ST विद्यार्थियों में वार्षिक शिकायत 378 रही, कुल प्रतिशत 0.004 रहा, वहाँ इस बकलोली का मतलब केवल एक ही है- हम समाधान दे रहे हैं, समस्या स्वयं खड़ी हो जाएगी।
५. सवर्ण किसी दूसरी जगह क्यों कंप्लेन करेंगे? विद्यार्थियों में यह जातिवादी भावना घुसाने का तात्पर्य क्या है जबकि आपके सामाजिक न्याय मंत्रालय के आँकड़े आपके तर्क के विरोध में हैं?
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गोल-गोल मत घूमो। कई बार, कुछ विषय को ‘बस यही तो किया’ लगा कर ट्रिवियलाइज करना, कश्मीर के नरसंहार को पलायन कह कर नकारने जैसा है। इसका प्रभाव आज नहीं दिखेगा, कल दिखेगा। इसीलिए, कुछ जगह पर चुप बैठना उचित रहता है।
तुम इतने बड़े तोप हो गए कि तुम अब चैलेंज कर रहे हो कि असम-बंगाल हरा दो? असम-बंगाल का यूजीसी से क्या लेना देना? और क्या हर चीज इसी बायनरी पर चलेगी कि यदि तुमने हाथ में ले कर सहलाना शुरु किया है तो तुम हर नीति पर तेल की मात्रा बढ़ाते रहोगे?
हम बायनरी में नहीं जीते। यूजीसी पर @BJP4India और @narendramodi के साथ @dpradhanbjp और @EduMinOfIndia को पेलेंगे, माघ मेला पर @BJP4UP और @myogiadityanath के साथ खड़े रहेंगे।
अनिल मिश्रा जी अब एक आवाज़ नहीं, बल्कि क्रांति बन गये है।
अब तक एक लाख से अधिक लोगो ने अनिल जी के लिये आवाज़ उठाई है।
पूरा सोशल मीडिया हिल चुका है।
#Release_Anil_Mishra ✅
मध्य प्रदेश की मस्जिदों में हथियार जमा करने की अपील हो रही है ताकि दंगों में हिंदुओं के खिलाफ़ इस्तेमाल हो सकें
और राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून अनिल मिश्रा पर लगने की बात हो रही है 🤨
इनका नाम हैं श्रवण विश्वकर्मा , उन्नाव के रहने वाले हैं!
कभी पढ़ाई में मन नहीं लगता था तो ऑटो चलाया , फिर धंधे में उतरे और 400 ट्रकों का काफिला खड़ा कर दिया !
अब खुद की एयरलाइंस Shankh Air के नाम से शुरू की है , 15 जनवरी से उड़ान भी चालू हो जाएगी !
श्रवण विश्वकर्मा ने कहा कि Shankh Air अन्य एयरलाइंस की तरफ अपने टिकट के दाम त्योहार या स्पेशल दिन पर नहीं बढ़ाएगी !
@Vipin007Rajput@Uppolice@aligarhpolice@myogiadityanath@AmitJaniIND विपिन भाई किसे कह रहे हो कार्यवाही के लिए , यह निकमे भरे पड़े है प्रशाशन में इनके प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के लिए कैसे कैसे शब्द बोल रहा है ये और कितने निकल निकल कर बोल रहे है आज तक करा क्या इन्होंने किसी का कुछ