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*कुछ बचाकर मत रखो,*
*क्योंकि कोई दिन लौटकर नहीं आता।*
*हर दिन को जो अधिकतम दे सकते हो,*
*वो दे दो और विदा करो।*
*जो जीतने पर बहुत इतराते हैं,*
*अक्सर वही हार से बहुत घबराते हैं।*
*न मुझे जीत पर इतराना है,*
*न हार से घबराना है।*
*मुझे बस कोर्ट पर उतरना है *
*और अपना सब कुछ अर्पित कर आना है।*
*यज्ञ है मेरे लिए, आहुति देनी है।*
*मुझे कुछ नहीं बचाना है। *
*मैं आया हूँ ख़ुद को लुटाने।*
*~ आचार्य जी 💫🪔*
🙏🏻🙏🏻
@Advait_Prashant@Prashant_Advait
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Tiredness must co-exist with joy.
~ 🙏
Reflection
In the face of fear, tiredness, nervousness, anxiety everything, I still have the choice to remain smiling.
I can run, I can play, I can work whole heartedly even with a painful body.
The loving grace has given a chance to serve the highest, now why let even a moment slip...
@Advait_Prashant@Prashant_Advait
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अपहरण: माँ से उसका बच्चा छीन लिया
"जन्म लेते ही बछड़े को उसकी माँ से अलग कर दिया जाता है, उसे माँ का दूध पीने नहीं दिया जाता और थोड़ा बड़ा होने पर उसका बंध्याकरण कर दिया जाता है, ताकि वो इंसानों के काम आ सके।
आगे चलकर नर बछड़ों के साथ क्या होता है? आखिर भारत में इतने बड़े पैमाने पर माँस का निर्यात कैसे होता है?
क्या हमने कभी सोचा है कि हमारे इस्तेमाल की चीज़ों के पीछे किसी जानवर की कैसी ज़िंदगी छिपी हो सकती है?"