लगभग 90% घरवालों को पता होता है कि उनकी लड़की अब हाथ से निकल चुकी है उसको सुधारने की जगह ये मादरचोद उसका रिश्ता करने में व्यस्त हो जाते है,ताकि खुद का टेंशन किसी दूसरे के सर मड़ सके
To us hisab se puri bjp party aur RSS ko desh se sab kuch chhod dena chahiye qki inhone desh ki aazadi k liye kabhi kuch nhi kiya ulta angrejo ki chaukidari ki h
चंदा चोरों का तो हिसाब हो रहा है अतुल लौंढे जी,
सब जेल भी जायेंगे. रामभक्तों ने तो राम के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी, वो बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा.
राम के भक्त जो चाहेंगे वही होगा…
लेकिन इस देश के लिये ये अच्छी खबर है कि जो लोग राम के नाम से ही दूरी बना लेते थे, जय श्री राम बोलने वालों पर हमले करवाये जाते थे, अयोध्या को जिन लोगों ने खून से लथपथ और असहाय छोड़ दिया था. और तो और राम मंदिर बनने के बाद से अब तक जिन्होंने मंदिर जाकर रामलला के दर्शन भी नहीं किये, जिन्होंने राम मंदिर के लिये कभी कोई लड़ाई ही नहीं लड़ी . जिन्होंने रामलला के दरबार में एक रुपये का चंदा भी नहीं दिया.
वो भी आज खुद को रामभक्त साबित करने में लगे हुए हैं.
सही है पाटिल साहब.
मौत के अगले दिन इनमे से एक शहीद सैनिक के भाई ने ट्विटर डीएम में सम्पर्क किया था।
नाम, लाश की कॉफिन में फ़ोटो और छोड़ने आये फौजी दल की तस्वीरे दी। उस वक्त देश के रक्षा मंत्री संसद में बयान दे रहे थे कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई भारतीय सैनिक नही मरा।
◆●
शहीद के भाई चाहते थे कि इस पर पोस्ट लिखूं, सबको बताऊं। मगर जब देश युद्ध मे हो, तो वह वक्त फौज और नेतृत्व से, डिस्प्यूट करने का नही होता।
तो यदि वे इस मौत को छुपाना चाहते हैं,
तो यही सही।
मैंने वह पोस्ट नही लिखी। मगर हृदय में बोझ रहा। आज सरकार ने एक नही, 6 मौते कबूल ली हैं। देर सवेर गिरे विमानों की सँख्या भी पब्लिक डोमेन में आ जायेगी।
पर आर्मी सर्कल्स में तो पहले पता होगा सबको। क्या बीती होगी फौजियों के दिलों पर। हम मरें, और शहादत की कृतज्ञता तक यह देश नही दिखाता।
जब यह सरकार जाएगी तो उनके मेमोयर्स भी आएंगे। जाने क्या क्या खुलासे हों। जो भी होगा, शॉकिंग होगा। शर्मनाक होगा।
●●
मगर जनता के लिए इसके फौरी तौर पर अर्थ समझिए। पहलगाम अटैक, पुलवामा अटैक के बाद हुआ। दोनों ही मामलों में इसके कलप्रिट पकड़े नही जा सके। हां, पाकिस्तान पर चटपट हमला कर दिया गया।
पहली बार, बालाकोट स्ट्राइक एक सरप्राइज थी। क्योंकि क्रॉस बॉर्डर एरियल अटैक के उदाहरण पहले नही थे। सिन्दूर के समय यह सरप्राइज खत्म हो चुका था।
अबकी बार दुश्मन तैयार था।
चीनी के दिये सेटेलाइट सपोर्ट और मिसाइलों के साथ... (जो आगे भी रहेगा)
हमारे लोग मरे, विमान खोए। कुछ हासिल किए बिना युद्ध विराम कर लिया। शहादते बेकार हो गयी। उनके नाम छुपाए।
●●
आतंकी खत्म हो गए हैं, या उनकी हिम्मत टूट गयी,ऐसा कहना बचपना होगा। ये लोग, आतंकी हमले रोक पाते नही, कलप्रिट्स को पकड़ पाते नही। यह हुआ इंटेलिजेंस का, इन्वेस्टिगेशन का फेलियर..
अब भविष्य में आतंकी हमला हुआ, तो एडे बेड़े कराची पे हमला करने की हिम्मत भी ये नही कर सकेंगे। याने सैन्य विकल्प खत्म..
वैश्विक कूटनीति के स्तर पर मामला पहले खत्म है।सिन्दूर के बाद थरूर सहित तमाम दल देश दुनिया घूमें। और नतीजा सिफर रहा। ईरान युद्ध के बाद पाकिस्तान ऊंचे लेवल पर बैठा है। । तो कूटनीति भी नहीं जीरो।
क्या बचा??
●●
बन्द मुट्ठी लाख की होती है।
उसका भय होता है।
हर कवच विदीर्ण है। सारी मुट्ठियाँ खोल दी गई, अब वे खाक की हैं। पाकिस्तान पहले से ज्यादा निर्भय है। और भारत-
तथ्य और सत्य छुपाने वाला निर्बल देश।
●●
इन बहादुरों की शहादत छुपाकर रखने वाले लोगो को लानत देना बेकार है।
उन्हें चुनने वालो को जरूर लानत दें। जिन गालीबाज बड़बोलों के हाथों इस देश, सेना और भारत की अस्मिता मलिन हो चुकी है।
अभी तो हमे और जलील होना है।
फिलहाल आइये, इन शहीदों के लिए 2 मिनट का मौन रखें। इनके परिवारों को हमारी (विलम्बित) सांत्वना पहुँचे।
देश के इन शहीदों को कोटि कोटि प्रणाम।
🙏
तर्क है जो मंदिर आंदोलन में शामिल नहीं थे वो चढ़ावा चोरी पर कैसे बोल सकते हैं ।इसी आधार पर कहा जा सकता है जिनके पुरखे आज़ादी के आंदोलन में शामिल नहीं थेयाअंग्रेजों के समर्थक थे उन्हें देश में होने वाली किसी गड़बड़ी पर सवाल उठाने का हक नहीं है क्या?मुद्दों पर बोलने का हक सबको है।
इस तरह संसद में तेज़ तेज़ मेज़ थपथपाकर इतना बड़ा झूठ बोल देना देश के जनता के साथ धोखा है ।
आज जब सच सामने आ गया है तो क्या हम ये मानें उन 6 जांबाज़ों की मौत पर ये मेज़ पीटी जा रही थी? शर्मनाक
To hum kah sakte h ki bjp/rss/bjp ne mandir banane ki ldai isliye ldi thi taki mandir banne par chadava aur Chanda chori kiya ja sake. Lanat h chatukarita par
राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर हर रामभक्त आहत है.
राम के नाम पर लूट मचाने वालों को जेल होनी चाहिये और बेहद कड़ी सजा भी.
लेकिन सच ये भी है कि राम मंदिर को लेकर ज़मीन से अदालत तक की लड़ाई VHP/RSS/BJP ने ही लड़ी है.
VHP के अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल जी ने तो अपनी संपत्ति इसके लिये दान कर दी. आजीवन राम मंदिर की लड़ाई लड़ते रहे. आडवाणी जी की रथ यात्रा नहीं होती तो राम को लेकर इतना बड़ा आंदोलन ना होता.
हम सब ये भूल जाते हैं कि राम के नाम पर BJP की तीन सरकारें बिना किसी गलती के काँग्रेस ने बर्खास्त की थीं.
सच ये है कि ये तीनों संगठन नहीं होते तो आज राम का इतना भव्य मंदिर भी नहीं होता. मोदी सरकार नहीं होती तो भगवान राम “ उसी फटे हुए टेंट में रह रहे होते जहां पर बरसों से रामलला को रहना पड़ा था’’ बचपन में कई बार अयोध्या जब जाना होता था तो देख कर मन दुखी होता कि हिंदू धर्म को मानने वाले करोड़ों में हैं और उनके आराध्य टपकते हुए टेंट में रहते हैं. आज ये देखकर हिंदू धर्म के लोग गर्व कर सकते हैं कि उनके आराध्य का बेहद भव्य मंदिर बना है और ये VHP/RSS/BJP के बग़ैर असंभव था.
जब मंदिर बना था तो बहुत गाने भजन आए थे ....
अब लूट हुआ तो कोई (अंधभक्त)बोल ही नहीं रहा है .....
लीजिए मैने बनाया है अपने दिल की अंतरात्मा से
एक बार सुने जरूर..
👇🙏👇🙏👇
दिल को छू जाएगा
............................
राम आएँगे.....
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएँगे, राम आएँगे
राम आएँगे, उनका चढ़ावा हम खाएँगे, राम आएँगे
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएँगे, राम आएँगे
मंदिर के द्वारे पे पहरा लगा था,
फिर भी वो चोर देखो कैसे जगा था
चंदे की पेटी साफ कर जाएँगे, राम आएँगे
राम आएँगे, उनका चढ़ावा हम खाएँगे, राम आएँगे
लाखों का दान जो भक्तों ने भेजा,
चोरों ने उड़ाया वो सारा कलेजा
सीसीटीवी के तार भी कट जाएँगे, राम आएँगे
राम आएँगे, उनका चढ़ावा हम खाएँगे, राम आएँगे
भोली है जनता जो शीश झुकाए,
चालाक बैठे हैं जेबें सजाए
भक्ति के नाम पे जो माल दबाएँगे, राम आएँगे
राम आएँगे, उनका चढ़ावा हम खाएँगे, राम आएँगे
कहते हैं न्याय का मंदिर बनेगा,
पर पाप का घड़ा भी यहीं पे भरेगा
झूठ के ये परदे सब हट जाएँगे, राम आएँगे
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएँगे, राम आएँगे
"My 15 month old granddaughter keeps PM Modi's photo next to Sai Baba and performs his pooja daily even offering laddu from the Ganesh Ji mandir."
— Sunil Shetty, Bollywood Star
ये संतरे आपस में भी एक दूसरे पर समलैंगिकता का आरोप प्रत्यारोप करते हैं। चंपत ने चोरी की है, वो महत्वपूर्ण है, वो किसके साथ सोता है, ये उसका निजी मामला है।
देश में दो समलैंगिक मुख्यमंत्री हैं, लेकिन फिर भी भाजपाइयों के दिमाग से इसका हव्वा नहीं निकल रहा।
अब मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के नाम साझा किए हैं
• सूबेदार मेजर पवन कुमार (Army)
• राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र (Army)
• लांस नायक दिनेश कुमार (Army)
• एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनायक (Army)
• हवलदार सुनील कुमार सिंह (Army)
• सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, वायु मेडल (Airforce)
इसका मतलब राजनाथ सिंह ने बतौर रक्षा मंत्री 28 जुलाई, 2025 को भरी संसद में झूठ बोलता था कि एक भी क्षति नहीं हुई है - संसद को जानबूझकर गुमराह किया गया था
यह सदन की अवमानना और breach of parliamentary privilege के साथ साथ उन शहीदों का कितना बड़ा अपमान है - जिनकी शहादत को इस सरकार ने अपनी फ़र्ज़ी छवि के चक्कर में संसद में नकार दिया
लानत है