जमालपुर में पीट लाइन बनकर तैयार हो गया है, हम @EasternRailway और @drmmalda से अनुरोध करते हैं कि निम्न ट्रेन चलाया जाए:-
जमालपुर - दिल्ली SF express प्रतिदिन
जमालपुर - बनारस इंटरसिटी via Gaya
जमालपुर - मुंबई एक्सप्रेस via नवादा
जमालपुर - बंगलौर एक्सप्रेस
जमालपुर - सांसाराम मेमू
गया से नवादा, किऊल, जमालपुर, खगड़िया होते हुए कटिहार के लिए नई दैनिक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन शुरू किया जाए! गया, नवादा और शेखपुरा के लोगों की यह मांग वर्षों पुरानी है और किऊल-गया रेलखंड के दोहरीकरण होने का कुछ तो फायदा हो।
@RailNf@ECRlyHJP@_vivekthakur@ArunBhartiLJP
गया–किऊल–झाझा–देवघर–बांका के बीच आज भी कोई दैनिक MEMU/Passenger ट्रेन नहीं है, जबकि इस रूट पर लाखों विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी एवं श्रद्धालु यात्रा करते हैं।
श्रावणी मेला, पर्यटन, शिक्षा और व्यापार को देखते हुए गया–देवघर–बांका दैनिक ट्रेन सेवा समय की मांग है।
@drmmalda
Currently there's no Daily train to Deoghar from Nawada expect VB which runs 6 days a week. But we all know not all afford Ticket of VB. That's why we request @ECRlyHJP and @EasternRailway to start New Train from Banka to Gaya via Deoghar, NWD.
@drmmalda@drmdnr@DRM_DDU
नवादा, गया और शेखपुरा के लोगों की वर्षों पुरानी मांग है कि गया–देवघर के बीच एक दैनिक ट्रेन चलाई जाए।
वर्तमान में केवल दो साप्ताहिक ट्रेनें और एक वंदे भारत ही उपलब्ध है, जिसका किराया हर यात्री वहन नहीं कर सकता।
महोदय,
गया जं –किऊल–झाझा होते हुए बांका तक दैनिक मेमू ट्रेन चलाना आवश्यक है, इससे लाखों यात्रियों, श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को फायदा होगा।
कृपया संज्ञान लें।
@drmmalda@DRM_DDU@ECRlyHJP@EasternRailway@RailMinIndia
नवादा, गया और शेखपुरा के लोगों की वर्षों पुरानी मांग है कि गया से देवघर के लिए एक दैनिक ट्रेन चलाई जाए, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
वर्तमान में नवादा को देवघर से जोड़ने वाली केवल दो साप्ताहिक ट्रेनें हैं, जबकि एकमात्र दैनिक विकल्प वंदे भारत है, जिसका किराया हर यात्री वहन नहीं कर सकता।
श्रावणी मेला हो, बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा हो या सामान्य दिनों की यात्रा, लाखों लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी की जरूरत है।
Gaya - Banka के बीच नवादा, शेखपुरा, किऊल, झाझा और देवघर होते हुए एक दैनिक MEMU/Passenger ट्रेन शुरू की जाए।
@RailMinIndia@ECRlyHJP@drmmalda@DrmAsansol@drmdnr@DRM_DDU@EasternRailway
🚆 बिहार रेल यूजर्स की मांग
👉🏻गया–किऊल–झाझा रेलखंड पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों, श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए बांका तक दैनिक रेल संपर्क की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
👉🏻वर्तमान में गया- देवघर और बांका के बीच कोई दैनिक साधारण ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। इससे बिहार और झारखंड के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है, विशेषकर श्रावणी मेला, त्योहारों और अन्य अवसरों पर।
👉🏻देवघर पूर्वी भारत के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में से एक है, जबकि गया अंतरराष्ट्रीय धार्मिक महत्व का शहर है। इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों के बीच दैनिक और किफायती रेल सेवा क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगी तथा यात्रियों को बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करेगी।
🗣️बिहार रेल यूजर्स मांग करता है कि "गया–देवघर-बांका" के बीच किऊल एवं झाझा होते हुए एक दैनिक MEMU/Passenger ट्रेन शीघ्र प्रारंभ की जाए।
👉🏻यह सेवा बिहार और झारखंड के बीच सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी और लाखों यात्रियों को लाभान्वित करेगी।
@RailMinIndia@ECRlyHJP@drmmalda@DrmAsansol@drmdnr@DRM_DDU@EasternRailway
#BiharRailUsers
#GayaDeogharTrain
#RailConnectivity
#PassengerFirst
@INDEX_Nawada@ravidinkar@DMNawada@_vivekthakur बेहद दुःखद घटना है इतना भ्रष्टाचार बढ़ गया है कि सोच भी नहीं सकते है खासकर सरकारी कम में एक मासूम बच्चे की जान ले लिए इस भ्रष्ट सिस्टम ने,
एक 6 साल का मासूम जो अपने घर से खेलने निकला था, उसकी जान इस निर्दयी सिस्टम ने ले ली।
@ravidinkar@DMNawada@_vivekthakur और तमाम अफसर-संसद-विधायक तुमलोगों को नींद कैसे आती है रे।
आम जानता का बच्चा, बच्चा नहीं है क्या??
मेरा हाथ काँप रहा इस ट्वीट को लिखने में।
इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होगी वो मैं यहाँ लिख के देता हूँ।
@samrat4bjp नवादा की जानता आपसे कठोरतम कार्यवाही की माँग करती है, क्यूँकि एक अफ़सर तो दूसरे अफ़सर को कुछ नहीं करेगा वो हमें भी पता है।
I demand @India_NHRC to take this as suo-moto case, don’t just sit back and relax in AC rooms, do something for the People of India.
@UNHumanRights@hrw @nationalhumanrights
62% सामान्य सीटों पर बिहार के बाहरी लोगों ने BPSC में सफलता प्राप्त की है! करीब 530 सीटों में से 333 बिहार के बाहर के लोग हैं। आप रोजगार दे रहे हैं या छीन रहे हैं बिहारी से?
बस बिहार को बदनाम करना है...
बिना बिहार का नाम लिए जिनकी एक रोटी नहीं चलती, उन्हें 132 फीट के टावर वाली खबर मिल गई और पूरा इंटरनेट उसी पर टूट पड़ा।
बिहार में 132 फीट का टावर चोरी हो गया!"
सुनने में सनसनीखेज़ था, इसलिए खूब चलाया गया।
लेकिन हकीकत?
जिस टावर को "चोरी" बताया गया, वह सालों से बंद पड़ा था। भुगतान और स्वामित्व विवाद के बाद उसके मालिक ने ही उसे बेच दिया था।
सच सामने आया, लेकिन तब तक बिहार पर तंज कसने वालों का काम पूरा हो चुका था।
बिहार के असली मुद्दे इन्हें दिखेंगे नहीं।
शिक्षा, रोजगार, उद्योग, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसी विषयों पर बात करने में दिलचस्पी नहीं होगी।
लेकिन नेताओं की तलवे चाटकर राजनीतिक नैरेटिव चलाना हो, या बिहार को नीचा दिखाने वाली कोई अधूरी खबर मिल जाए, तो सबसे आगे यही लोग मिलेंगे।
मामला टावर का नहीं है,
मामला उस मानसिकता का है जो तथ्यों से ज्यादा पूर्वाग्रह को महत्व देती है।
कभी-कभी सच्चाई सिर्फ एक खबर का पर्दाफाश नहीं करती,
बल्कि उन लोगों का भी चेहरा दिखा देती है जो हर हाल में बिहार को बदनाम करने का मौका ढूंढते रहते हैं।
https://t.co/UmXRBHEPMN
@TheLallantop@GaganPratapMath
#GodiMedia
📢 नवादा की हुंकार: "रेल नहीं तो राहत नहीं!" 🚆💔
क्यूल-गया रेलखंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण तो हो गया, लेकिन नवादा के यात्रियों की किस्मत आज भी वहीं की वहीं खड़ी है। बढ़ती आबादी और महंगे बस किराए के बीच, नवादा जिला बुनियादी रेल सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
इलाज, पढ़ाई और कारोबार के लिए यहाँ के लोग दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
🔍 क्या हैं मुख्य समस्याएं?
👉🏻महंगा हुआ सफर: डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से बसों का किराया आसमान छू रहा है। ऐसे में मध्यम वर्ग, छात्र और छोटे व्यापारियों के लिए ट्रेन ही एकमात्र सहारा है।
👉🏻हावड़ा के लिए लंबी और थकाऊ यात्रा: जिले से कोलकाता (हावड़ा) के लिए सिर्फ एक ट्रेन है, वो भी मुख्य मार्ग के बजाय लूप लाइन से जाती है, जिससे समय बहुत बर्बाद होता है।
👉🏻पटना और मुंबई के लिए सीधी ट्रेनों का टोटा: पटना के लिए सुबह तो एक ट्रेन है, लेकिन पूरे दिन कोई सीधी ट्रेन नहीं है। शाम को पटना से लौटने वाले यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है।
🗣️ जनता की मांग और आक्रोश (पब्लिक ओपिनियन)
"हमारा अधिकांश कारोबार कोलकाता के बाजारों पर टिका है। हावड़ा जाने वाली एकमात्र ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं मिलती। रेल मंत्रालय को तुरंत इस रूट पर कम से कम दो नई ट्रेनों की सौगात देनी चाहिए।"
— अमर कुमार (व्यवसायी)
"अरबों रुपये खर्च कर रेलखंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण किया गया, अगर इसका सीधा फायदा नवादा की जनता को ही न मिले तो इस विकास का क्या फायदा?"
— अजय कुमार व बच्चन कुमार पांडे (सामाजिक कार्यकर्ता)
🏛️ रेल मंत्रालय से सीधे हस्तक्षेप की गुहार!
हमारी मांग स्पष्ट है:
1.हावड़ा के लिए कम से कम 1 नई ट्रेन वाया झाझा,जसीडीह।
२.पटना के लिए कम से कम 1 नई फास्ट पैसेंजर ट्रेन।
३.मुंबई के लिए "झाझा LTT" साप्ताहिक सीधी एक्सप्रेस ट्रेन।
४. दिल्ली के लिए "झाझा ANVT" साप्ताहिक सीधी एक्सप्रेस ट्रेन।
5. गया झाझा मेमू (63315/16) का जसीडीह/ देवघर तक विस्तार।
इन सेवाओं के शुरू होने से न केवल नवादा,बल्कि लखीसराय,जमुई और झारखंड को भी सीधा लाभ मिलेगा।
अब देखना यह है कि दिल्ली के रेल भवन तक नवादा की यह गूंज कब तक पहुंचती है और कब यहाँ के यात्रियों के सफर के दिन बहुरते हैं!
#NawadaRailway #IndianRailways #NawadaNews #RailwayInfrastructure #PublicDemand #BiharNews
CC: @AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@_vivekthakur@ArunBhartiLJP@damodarrawat59@Office_Shreyasi@GM_ECRly@ECRlyHJP@drmdnr@nishikant_dubey
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp महोदय,
मुख्यमंत्री सचिवालय, बिहार, पटना।
विषय: बिहार पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) मुख्य परीक्षा (विज्ञापन संख्या-05/2025) में कथित पेपर लीक एवं संगठित कदाचार की उच्च स्तरीय जांच तथा परीक्षा रद्द करने हेतु निवेदन।
महोदय,
मैं बिहार का एक प्रतियोगी अभ्यर्थी हूँ और दिनांक 27 मई 2026 को आयोजित बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करना चाहता हूँ। परीक्षा के दौरान और बाद में सामने आए घटनाक्रमों ने लाखों अभ्यर्थियों के मन में परीक्षा की पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
मीडिया रिपोर्टों एवं पुलिस कार्रवाई के अनुसार गया जिले में परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं बाहरी सॉल्वर नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं पूर्णिया जिले में परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर भेजे जाने के आरोप में एक वीक्षक की गिरफ्तारी की सूचना भी सामने आई है।
इन घटनाओं से यह आशंका उत्पन्न होती है कि परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हुई हो सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के बिना परिणाम प्रकाशित किया जाना ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों के विरुद्ध प्रतीत होगा।
अतः विनम्र निवेदन है कि—
पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच (SIT/EOU अथवा सक्षम एजेंसी) कराई जाए।
यदि जांच में व्यापक अनियमितता की पुष्टि हो तो परीक्षा रद्द कर सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था के साथ पुनः आयोजित करने पर विचार किया जाए।
जांच पूरी होने तक आगे की चयन प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए।
हमें विश्वास है कि राज्य सरकार लाखों मेहनती युवाओं के हितों की रक्षा हेतु उचित निर्णय लेगी।
भवदीय
अभ्यर्थी, बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा