@DainikBhaskar झूंसी भगदड़ की जानकारी आपके पास नहीं है क्या सर, जो 29/01/2025 की रात में हुई थी हल्दीराम कैंटीन के रास्ते पर, लल्लन टॉप के यूट्यूब चैनल पर 43 मिनट की रिपोर्ट है, देखिए आप।
उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई। उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
हमारे सवाल:
• आखिर 500 करोड़ रुपये की जमीन 1 रुपये में क्यों दी गई?
• यदि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट झूठी है, तो FIR क्यों नहीं हुई?
• BJP के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल जमीन पर पूछा गया, तो जवाब जाति पर दिया गया। क्या यही इनकी सोच है?
• मुख्यमंत्री बनने के बाद, मोहन यादव के परिवार द्वारा तेजी से जो जमीन खरीदी गई, उसके लिए पैसे कहां से आए?
• क्या मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों का पूरा विवरण जनता के सामने नहीं आना चाहिए?
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
“मोदी के बाप का देश नहीं है, हमारा देश है यह किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी ने मिलकर इस देश को बनाया है और सबने अपनी कुर्बानियाँ दी हैं।
अगर इनका बस चले तो मुसलमानों को गायब कर दें, दलितों को गायब कर दें और सिर्फ अपने भक्तों को रखें इनके लिए सिर्फ वही सही है जो बीजेपी के साथ है जो इनके खिलाफ बोले, उसे दबाने, डराने या खरीदने की कोशिश होती है अगर पैसों से नहीं बिकोगे तो छापे पड़वा देंगे यही इनकी राजनीति का तरीका बन गया है।”
बाड़मेर में गरीब भील आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, महिलाएँ और बच्चे खुले आसमान के नीचे आ गए। भजनलाल सरकार बताए कि घर तोड़ने से पहले इन परिवारों के रहने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
उज्जैन में मुहर्रम के इस वीडियो पर माहौल ना बनाएं, ये किसी आतंकी सिम्बॉल या धर्म को डराने के लिए नहीं था, पुलिस जांच में साफ हो गया है अखाड़ों का कॉम्पटिशन था ...आरोपी हैं शोएब, तालीम, जाहिद और गोपाल
किसी को नहीं पता था कि अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ में ली गई ये सेल्फी कंचन गुप्ता की आखिरी तस्वीर बन जाएगी। 30 दिन लगातार मेडिकल टेररिज्म, धनपशु डॉक्टर के आतंक से लड़कर कंचन ने प्राण त्याग दिये। पीछे छोड़ दिया निरंकुश डॉक्टरों और लुटेरों अस्पतालों का ऐसा कच्चा चिट्ठा जो इस पूरे पेशे को ही कटघरे में खड़ा कर देता है। तसल्ली से पूरी कहानी पढ़ियेगा।
कन्नौज की कंचन भाजपा से पार्षद भी रह चुकी हैं। उनके पति पुनीत गुप्ता बीजेपी में हैं, उन्होंने हमें फोन पर जो बताया, उसे वैसे ही लिख रहा हूं।
कंचन को पेट में दर्द हुआ। स्थानीय डॉक्टर ने बताया कि पित्त की थैली की जगह पर पथरी है। ऑपरेशन होगा। दोस्त ने बताया कि लखनऊ के अपोलो हॉस्पिटल में इसके अच्छे डॉक्टर हैं। पुनीत कंचन को लेकर अस्पताल पहुंचे। जांच हुई। 50 हजार रुपए का खर्च बताया गया। 21 अप्रैल को तारीख सुनिश्चित हुई।
पहला दिन- डॉक्टर सही बीमारी नहीं पकड़ पाए। इंडोस्कोपी के दौरान आंत में कट लग गया।
दूसरा दिन- बिना सीटी स्कैन, बिना ऑपरेशन के जनरल वार्ड में भर्ती कराया।
तीसरा दिन- शरीर में इंफेक्शन फैलने लगा। कंचन को बेइंतहा दर्द हुआ। सीटी स्कैन हुआ। पेट में ड्रेन नली पड़ी। ICU में शिफ्ट किया गया।
चौथा दिन- मरीज आईसीयू में रहा, कोई अपडेट नहीं दी गई।
पांचवां दिन- पहले दिन डाले गये गलत स्टंट को निकालकर बड़ा मेटल स्टंट डाला गया। इसके बाद अगले तीन दिन तक अस्पताल में रखा।
आंठवां दिन- रात में पेट का बड़ा ऑपरेशन कर इंफेक्टेड फ्लूड निकालने के लिए 5 जगह से ड्रेनेज नली लगी। लिक्विड फूड देने के लिए आंत से जुड़ा फूड पाइप डाला गया।
तेरहवां दिन- एक नस से फ्लूड बैग में प्योर ब्लड आने लगा। एंज्योग्राफी करके नस को ब्लॉक किया गया।
इस दौरान पहले दिन 50 हजार रुपए जमा करवाये गये। इसके बाद कहा गया कि मरीज की हालत खराब हो रही, 3 लाख रुपए और लगेंगे। पुनीत ने कहीं से पैसों की व्यवस्था की। फिर डॉक्टर ने बताया कि अब 1 से डेढ़ लाख रुपए का खर्च प्रतिदिन का है। खैर परिजन पैसों की जुगत में लगे रहे।
15वें दिन डॉक्टर ने कहा कि इन्हें कहीं और ले जाइये। परिजन घबरा गये। बोले कि ऐसी स्थिति में कहां ले जाऊंगा। अस्पताल की तरफ से बताया गया कि 4 लाख रुपए और जमा करिये। पुनीत ने कर्ज लेकर पैसा जमा करवाया। अब 7 लाख से ज्यादा का खर्च हो चुका था। 17 लाख का बिल बन चुका था। गौरतलब है कि ऑपरेशन का खर्च महज 50 हजार रुपए बताया गया था।
16वें दिन कहा गया कि आप अब पीजीआई ले जाइये। वहां हमने डॉक्टर से बात कर ली है। रेफर कर दिया गया
17वें से 30वें दिन- पीजीआई में मरीज को लगातार वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। धीरे-धीरे हार्ट , लीवर, लंग्स , किडनी, पैनक्रियाज सब फेल होने लगा। 20 मई को कंचन ने आखिरी सांस ली। परिजन ने जब मौत की वजह पूछी तो पीजीआई के डॉक्टर ने बताया कि 5वें दिन जो मेटल स्टंट डाला गया था, वह गलत जगह डाल दिया गया था जिसका कोई इलाज नहीं था। सोचिए, वैसे तो पीजीआई में किसी को एडमिट करवाना हो तो छीकें आज जाएं, लेकिन उस दिन तुरंत एडमिट कर लिया गया।
मैं फिर से पुरानी बात दोहरा रहा, इस देश में अगर स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का लूट बंद हो जाए तो मिडिल क्लास की आधी समस्या खुद खत्म हो जाएगी।
अगर बहस में सवाल पूछने वाले, माइक थमाने वाले और सवालों की दिशा तय करने वाले - तीनों एक ही वैचारिक खेमे से दिखाई दें, तो उसे निष्पक्ष बहस नहीं, बल्कि नैरेटिव मैनेजमेंट कहा जाएगा। लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता का बचाव करना नहीं, बल्कि सत्ता से सबसे कठिन सवाल पूछना है।
Greetings From Palais de Nations Geneva...
This is the Jantar Mantar of Geneva where all people can gather and demonstrate
Education & Environment are my two causes and I hope at least one of them would be resolved during this week...
#SonamWangchuk#CockroachJantaParty#CJP
भरत तिवारी एनकाउंटर– कैसे घिरती चली गई बिहार सरकार: सम्राट के ‘अपने’ होने लगे बागी, बाकी एनकाउंटर से कितना अलग, मैनेज करना क्यों मुश्किल हो रहा, देखिए यह रिपोर्ट...
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/rmgT4ZQcqL
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Double face of Media 😳
लेकिन वहां पर उस समय जो जनता ने देखा वह खुद ही बयां किया,
सोचिए यह लोग कितना झूठ फैलाने की कोशिश करते हैं फिर भी सच्चाई जनता के सामने आ जाती है।
"हम मरने के लिए बने हैं.. कभी गड्ढे में गिर कर मरते हैं, कभी पेपर लीक के बाद आत्महत्या करते हैं, कभी लाइब्रेरी में जलकर मरते हैं.. तुम सब सिर्फ हिंदू मुसलमान करने और भाषण देने के लिए हो?"
दिल दुख गया ये सुनकर,पर सवाल है क्या ये सब याद रहेगा जब वोट डालेंगे
चंडीगढ़ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एनएसयूआई एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ छात्रों और युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। शिक्षा मंत्री होने के नाते धर्मेंद् प्रधान को इन विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेनी होगी और देश के छात्रों को जवाब देना होगा।
पेपर लीक पर चुप्पी नहीं चलेगी, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो।
@RahulGandhi@priyankagandhi@nsui@IYC@VinodJakharIN
650 crore scam in Rekha Gupta Govt with in first 16 months of their Govt.
And this is just one department. Imagine what’s happening in other departments.