अखिलेश जी,
आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्री रामलला का दर्शन कर लीजिए। कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी...
आइए, खुलकर बोलिए कि श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए...
आज आयरलैंड जैसी टीम से हार के बाद सवाल उठना लाज़िमी है।
जिम्मेदारी किसकी है—कोच की, चयनकर्ताओं की या टीम प्रबंधन की?
शायद वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मौका मिलता, तो नतीजा कुछ और भी हो सकता था।
@JagranNews@DainikBhaskar
मुझे लगता है कि जिस तरह से कैमरे के सामने आकर बहुत अहंकार के साथ कुछ दानवीरों ने राम मंदिर ट्रस्ट को सोने -चाँदी के दिए दान पर संदेह जताया है, उससे बेहतर होगा कि संबंधित लोगों को चाँदी की ईंटें और काकभुशुंडि ससम्मान लौटा दिया जाए। राम मंदिर ट्रस्ट को साथ ही यह भी अपील करनी चाहिए कि यदि किसी दानवीर को रत्ती भर श्रद्धा पर संदेह हो तो आप अपना दान वापस ले जा सकते हैं । समर्पण पर संदेह की गुंजाइश नहीं रहना चाहिए। यहां चढ़ावा चोरी की जाँच चल रही है। राम मंदिर निर्माण के समय चंदा या दान का मामला अलग है।
चढ़ावा चोरी की घटनाएँ दुर्भाग्यपूर्ण हैं, SIT रिपोर्ट के बाद चोरों पर केस भी हो चुका है। सजा उदाहरण बननी चाहिए। लेकिन इसके बहाने पूरे मंदिर को मिले समर्पण पर सवाल उठाना उचित नहीं। यदि इतनी ही लूट होती तो शायद कम समय में भव्य राम मंदिर तैयार न हो पाता।
दोषियों को फांसी पर लटकाओ
अयोध्या के श्री रामलला मंदिर में चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा समेत आठ आरोपियों के खिलाफ नामज़द मामला दर्ज करवाया है । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने भी अपनी जांच में गड़बड़ी पाई थी।
जिनके खिलाफ आरोप प्रमाणित हों, उनका अयोध्या की सड़कों पर नंगा करके जुलूस निकाला जाए। फिर किसी अच्छे भीड़भाड़ वाले दिन अयोध्या के प्रमुख चौराहे पर ही फांसी पर लटकाया जाए। मंदिर में चोरी करने वालों ने महज चोरी नहीं की है। इन लोगों ने इस देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। कहीं ये लोग चोरी के आरोप में छोटी-मोटी सजा पाकर छूट नहीं जाएं।
@myogiadityanath@narendramodi
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में पहुँचे बड़े बड़े लोगों..राम कथा के नाम पर करोड़ों कमाने वाले कथावाचकों..खुद को सबसे बड़ा राम भक्त साबित करने की होड़ में लगे लोगों में से किसी की भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है अभी तक..राम मंदिर में हुई डकैती को लेकर(चोरी तो अब छोटा शब्द है)..इन सबका हिसाब भी राम ही करेंगे एक दिन 🙏 दरअसल राम के नाम पर कमाए हुए पैसे,जीवन की महत्वाकांक्षाओं ने इस तरह से मूंह बंद कर दिया है सबका कि अब राम नाम पर हुई लूट पर बोल नहीं पा रहे हैं बेचारे..
#rammandirayodhya
बिहार में भरत भूषण तिवारी का पुलिस द्वारा किए गए फर्जी एनकाउंटर से जुड़े घटनाक्रम ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जब कानून का शासन सर्वोपरि माना जाता है, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हुईं ?
पुलिस ने जिस व्यक्ति को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया उसका फर्जी एनकाउंटर क्यों किया ? इस घटनाक्रम की जवाबदेही किसकी है ?
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को कहना चाहता हूं कि बिहार सरकार ने मामले की जांच के आदेश तो दिए मगर सरकार का दायित्व केवल जांच के आदेश देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि आम नागरिकों का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे ऐसे में बिहार में पुलिस द्वारा किए गए इस कृत्य से जुड़े मामले में आपको संज्ञान लेना चाहिए |
@officecmbihar
NTA के गजब नियम 🤔 #अजमेर में बुर्का पहनकर आई छात्रा को हंगामे के बाद अनुमति और #अहमदाबाद में कलावा उतरवाया
विद्यार्थियों में ऐसा भेदवाव क्यों ?
#NEET@RamaKRoy
सबसे बड़ी चुनौती है इससे जूझना। आप और परीक्षार्थियों के कान, नाक से कील निकाल लेंगे, क्लच निकाल लेंगे, कलावा खुलवा लेंगे लेकिन इनका हिजाब, बुर्खा आपके लिए ऐसी चुनौती है जिसका कोई तोड़ नहीं। समूचा प्रशासन हलकान हो जाएगा। अनुमति देनी पड़ेगी.. #NEETexam
@RamaKRoy NTA के गजब नियम 🤔 #अजमेर में बुर्का पहनकर आई छात्रा को हंगामे के बाद अनुमति और #अहमदाबाद में कलावा उतरवाया
विद्यार्थियों में ऐसा भेदवाव क्यों ?
#NEET
@JaikyYadav16 भाई उम्र देख कर आलोचना किया करो।
तुम्हारी आलोचना से वैभव सूर्यवंशी को घण्टा भी फर्क नही पड़ता है
क्योकि उसके पास तुम्हारे ट्वीट देखने का समय नही है।
इसलिए जो भी खिलाड़ी स्थिति परिस्थिति के अनुसार खेलता है वो खिलाड़ी ही समझ सकता है इसलिए मैच को देख कर Enjoy करो ट्वीट ट्वीट छोड़ो