जरा गौर से देखिए, इन बच्चों को पढ़ने लिखने के उम्र में खुलेआम हथियार से फायरिंग कर रहे हैं, अगर इनके पास पढ़ाई या रोजगार रहता तो क्या ये ऐसा करते, जी बिल्कुल नहीं,नोट राजनीतिक पार्टी ऐसे ही लंपटों से अपना वोट बैंक बनती है
हरियाणा की शिक्षिका बेटी मनीषा के साथ हुई दर��ंदगी पूरे समाज की आत्मा पर हमला है।
हैवानियत के बाद पुलिस की लापरवाही ने इंसाफ़ की उम्मीदों को कुचलकर रख दिया।
यह सिर्फ़ मनीषा की लड़ाई नहीं, बल्कि इस देश की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है।
जय भीम साथियों बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद की संसद के अन्दर बात नहीं सुनी गई तो संसद के बहार अपनी बात रखते हुए बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद जी के हाथों को मजबूत करों