श्रीमान आशुतोष रांका
झूठा श्रेय लेने की कोशिश मत कीजिए
इस स्कूल के लिए 12 लाख सरकार से और 6 लाख स्थानीय विधायक कोष से आपके यहाँ प्रकट होने से पहले ही स्वीकृत हो गए थे
आपको भी इस बात की जानकारी थी , इसीलिए तो श्रेय लेने आप पधारे थे , और गांव वालों ने आपका शानदार स्वागत भी किया था
पुनः पधारियेगा
📌 Big Buzz! Dharmendra Pradhan May Return To Modi Cabinet🤯
Senior journalist Harshvardhan Tripathi claims there are “no ifs and buts”:
=> "If Pradhan is not returning to Odisha as CM, he will be back in the Modi Cabinet."💥
We need this mindset change for our country to progress, where-
Instead of fighting to get backward-category status for their community, their leaders should fight for equal rights, equal opportunities, and fairness for ALL, including unreserved category.
“श्री ओम प्रकाश राजभर जी को हर रोज अपमानित करने का प्रयास करने वाली समाजवादी पार्टी जान ले कि ओम प्रकाश राजभर जी परिवारवाद नहीं, संघर्षवाद की उपज हैं, पूरी समाजवादी पार्टी मिलकर अकेले उनका मुक़ाबला नहीं कर सकती”
🚨 HUGE: Savarna Aayog demand gains momentum. 🔥
Some BJP MPs meet senior ministers over the demand.
🗣️ “If there are SC/ST and OBC Aayogs, why not a Savarna Aayog?”
जैसा कि मैंने कहा है, हर आंदोलन के लिए जंतर मंतर नहीं चाहिए। वो भी जा कर हमने दिखा दिया, पर कई आंदोलन घर बैठे, केवल सूचित करने से भी होते हैं। आंदोलनों में गर्मी केवल जलती बस की आग से नहीं आती, गर्मी हम दूसरे तरह से भी उत्पन्न कर सकते हैं।
यह आंदोलन हमारा है ही नहीं, या आंदोलन हर उस प्रताड़ित व्यक्ति का है जो कभी SC/ST एक्ट, तो कभी UGC तो कभी आरक्षण के कारण घुटता रहता है। कानपुर, आगरा, प्रयागराज, नागपुर, दिल्ली आदि में जो भी सड़क पर हैं, मेरा पूर्ण समर्थन है आपको। जब तक जागरूकता नहीं आएगी, सरकार आपका चूतिया बनाती रहेगी।
Please note:
We don't want just National Commission for General Category.
We want National Commission for General Category with SAME CONSTITUTIONAL STATUS & POWER as NCSC, NCST and NCBC.
A toothless NCGC is useless.
सूत्रों के हवाले से खबर
सवर्ण आयोग को लेकर हलचल तेज
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मिले कुछ बीजेपी सांसद
बीजेपी के कुछ सांसदों ने रखी माँग SC/ST , OBC आयोग तो सवर्ण आयोग क्यो नहीं