सार्वजनिक मंच से मजबूत आदमी कभी गाली गलौज नहीं करेगा
कमजोर आदमी तंग हो कर निशान मेट देंगे, नहरों में गुर्जरों का खून बहेगा जैसे डींगे हाकेंगा
फिर फड़ फड़ा के बुझ जाएगा
जिस मजबूती से हाकिम बैंसला ने 39 मुख्य गांवो के हक लिए संघर्ष किया ....
वो काबिल - ए - तारीफ़ !! 🔥
>मोहम्मद बिन कासिम के हमले बंद हो गए,
>गजनी भी मर गया
>गुलाम वंश भी खत्म हो गया
>तैमूर का हमला भी नहीं हो रहा
>मुगल भी चले गए
>अहमद शाह अब्दाली भी लूटने नहीं आ रहा
>अंग्रेज भी चले गए
फिर राम मंदिर को लूटने वाले कौन लोग हैं?
दुनियाभर के सिंधी समाज ने 200 KG चांदी की ईंटें जनवरी–2021 में राम मंदिर पहुंचकर चंपत राय बंसल को सौंपी थीं। ये ईंटें कहां हैं, आज तक कुछ नहीं पता। सिंधी समाज को इसकी रसीद तक नहीं दी गई। चंदा चोरी के बाद सिंधी समाज भी जानना चाहता है कि चांदी की ईंटें कहां गईं?
डॉक्टर साहब को सड़कों पर दौड़ाकर सारे वोट कांग्रेस को दे दोगे, हमेशा सड़क पर आंदोलनों में ही क्यों खपाना चाहते हो इन्हें।
थोड़े दिन पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार रामकेश मीणा जी की रगड़ाई करवाओ जिनको कांग्रेस राज में पाँचना बाँध से ज़्यादा जगतपुरा जोन 4 के सेक्टर-ज़ोनल प्लान में बदलाव की चिंता रहती है ताकि ख़ुद के लैंड बैंक में सड़के आगे-पीछे करके माल कमा सके।
गुर्जरों में एक सामान्य युवा भी अपनी बात मर्यादित तरीके से रख रहा है दूसरी तरफ एक समुदाय की महापंचायत में गुर्जरों को चुनौती गालियां हत्या के फतवे तोप तमंचे दंगा फसाद की बात मंच से की जाती है किराए की भीड़ तालियां पीटती है
पांचना बांध मे जमीन गयी - गुर्जरों की
बांध का पानी किसको नही मिला -गुर्जरों को
बांध के निकट ढाय पे गाँव किसके - गुर्जरों को
बांध निर्माण समय नदी के प्राकृतिक बहाव को बन्द कर जाति विशेष के अधिकारियों ने कमांड एरिया जाति विशेष बाहुल्य गाँव की और बनाया नुकसान किसका हुआ - गुर्जरों का
I fondly remember and pay tributes to my father, Late Shri Rajesh Pilot ji, on his death anniversary.
A life well lived as an air force officer and then as a politician — dedicated to the nation and committed to public service.
His radiant smile and values continue to remind me of the path of service he believed in.
🙏
#राजेश_पायलट_अमर_रहे
अब समय आ गया है कि
विधायकों और मंत्रियों की क्षेत्र के प्रति, जनता के प्रति जवाबदेही तय हो
जब यह उम्मीदवार बनकर वोट मांगने आए तो जनता इनसे अगले 5 साल क्या करोगे, इसकी रूपरेखा बाकायदा लिखित रूप में मांगे और तय समय में काम नहीं होते हैं तो क्यों ना इनको बीच में ही बर्खास्त किया जाए
2027 में UP में विधानसभा चुनाव हैं
अगर आपको सही उम्मीदवार चुनाना है
तो वर्तमान विधायक से प्रश्न पूछना कि पिछले 5 साल में तुमने क्या किया जनता के लिए, काम का लेखा-जोखा दो
कोई पहली बार लड़ रहा है तो पूछना है कि पूरी योजना बताए कि अगले 5 साल में क्षेत्र के लिए क्या-क्या करेगा