He did not even show it on his phone and I gave him Rs 166 in cash.But now he is not giving the remaining money and is not even picking up the phone. I also request the Consumer Ministry to take strict action against such people. @JoshiPralhad@jagograhakjago
@rapidobikeapp I am extremely dissatisfied with your service. Today your bike captain took ₹166 from me instead of ₹66. After booking the ride my phone got switched off. When I reached my destination your rider charged me the full amount of Rs. 166 instead of Rs. 66.
दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की डायरेक्टर मैडम छात्रों को जूते से मारने की बात कह रही हैं!
मैडम जी को सूचित किया जाए कि कॉलेज छात्रों से बनता है, उनके पद से नहीं। उनका यह व्यवहार छात्रों के प्रति उनकी दूषित मानसिकता को दर्शाता है!
मैं इसका कड़ा विरोध करता हूँ और कल कॉलेज में विरोध करने आऊंगा!
इंकलाब जिंदाबाद!
राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर आपके आनंदपूर्ण संदेश के लिए हृदय की गहराईयों से आभार महामहिम राष्ट्रपति महोदया! @rashtrapatibhvn
आपका प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदेश की प्रगति, शांति, और समृद्धि की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। हम आपके द्वारा प्रदत्त प्रेरणा से उत्साहित होकर, राजस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
#RajasthanDiwas2025
अद्भुत साहस और पराक्रम के प्रतीक प्रदेश राजस्थान के अपने सभी भाई-बहनों को राजस्थान दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। यहां के परिश्रमी और प्रतिभाशाली लोगों की भागीदारी से यह राज्य विकास के नित-नए मानदंड गढ़ता रहे और देश की समृद्धि में अमूल्य योगदान देता रहे, यही कामना है।
कुछ CET के कैंडिडेट्स ने बताया की कि सीईटी फॉर्म पर लाइव फोटो upload करने में टाइम लग रहा है। हमारी रिक्वेस्ट पर RISL ने एक वीडियो तैयार किया है जिसकी हेल्प से आप अपनी लाइव फोटो upload कर सकते हैं। समय से अपना सीईटी फॉर्म भरें। ज़्यादा से ज्यादा दोस्तों से इसे शेयर करें।
राष्ट्रीय गौरव के महाराष्ट्रीय गौरव के महापर्व स्वतंत्रता दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ
जय हिंद, जय भारत🇮🇳
#IndependenceDay2024#15August2024
#Maharaj ये फिल्म पत्रकारिता के विद्यार्थियों को देखनी चाहिए क्योंकि महाराज, करसनदास मुलजी नामक एक पत्रकार की कहानी है। फिल्म को कुछ कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ये सत्य घटना पर आधारित ऐतिहासिक घटनाओं का एक काल्पनिक विवरण है लेकिन पूरी तरह से तथ्यात्मक नहीं। ये आमिर खान के बड़े बेटे जुनैद खान की डेब्यू फिल्म भी है।
महाराज - #jaideepahlawat
करसनदास मुलजी - #JunaidKhan
यदि आप महाराज देखने में रुचि रखते हैं, तो यह नेटफ्लिक्स पर है। आपको इस फिल्म में क्या देखने को मिलेगा?
1. पत्रकार करसनदास मूलजी के बारें में
2. दादा भाई नौरोजी के बारे में
3. तब के अंधविश्वासों और कुप्रथाओं के बारे में
4. तब अखबार कैसे छापे जाते थे?
5. और भी बहुत कुछ...
कौन है करसनदास मूलजी?
-> 25 जुलाई 1832 को जन्मे करसनदास मूलजी एक गुजराती भाषी पत्रकार थे। साल 1874 में करसनदास को काठियावाड़ राज्य में प्रशासन के लिए नियुक्त किया गया था। गुजराती वैष्णव परिवार में पैदा हुए करसनदास आधुनिक विचारों वाले थे।
केस के बारे में, जो फिल्म में है -
-> 21 अक्टूबर 1860 को बंबई से प्रकाशित होने वाले एक गुजराती अखबार में "हिन्दुओं का सच्चा धर्म आज के समय में पाखंडी मत" शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित हुई। इस लेख को सत्यप्रकाश अखबार में करसनदास मूलजी ने लिखा था। इसमें उन्होंने वैष्णव सम्प्रदाय के एक धर्मगुरु द्वारा कथित रूप से महिलाओं के यौन उत्पीड़न की पोल खोली थी। अपने ऊपर लगे कथित आरोपों के बाद धर्मगुरु ने मूलजी और अखबार के प्रकाशक के खिलाफ साल 1862 में बॉम्बे सुप्रीम कोर्ट में केस दर्ज कराया था।
सत्य प्रकाश और रस्त गोफ्तार के बारे में -
-> करसनदास ने सत्य प्रकाश अखबार शुरू करने से पहले एंग्लो गुजराती अखबार और रस्त गोफ्तार में भी काम किया था। Rast Goftar एक महत्वपूर्ण समाचार पत्र था जिसकी स्थापना 1854 में दादाभाई नौरोजी और खरशेदजी कामा ने की थी। एंग्लो-गुजराती समाचार पत्र जिसका संचालन बंबई से होता था, इस पत्र ने मुख्य रूप से पश्चिमी भारत में पारसियों के बीच सामाजिक सुधारों को बढ़ावा दिया। रस्त गोफ्तार उस समय के अन्य समाचार पत्रों से अलग था क्योंकि यह सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर लिखता था और रूढ़िवादी विचारों को चुनौती देता था। इसने भारतीय समाज में एक नई चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती दौर के महत्वपूर्ण प्रकाशनों में गिना जाता है।
#LokSabaElctionResults : दौसा में कांग्रेस के मुरारीलाल ने दिखाया विक्ट्री साइन, कांग्रेस प्रत्याशी मुरारीलाल मीणा ने हासिल की निर्णायक बढ़त, कार्यकर्ताओं ने बांटे लड्डू ... @AapkaMurarilal@INCRajasthan
इसे पत्रकारिता की भाषा में PTC कहते हैं। ख़बर शूट होने के बाद रिपोर्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है, कि कैसे आjaप 30-60 सेकेण्ड में पूरी ख़बर को समाहित करके अपने दर्शकों को समझाते हैं। पत्रकारिता के दिग्गज लोग बताए। क्या @IIMC_India में मुझे सही सिखाया गया है?
#iimc