@radhameena147@_KajalKushwaha 800 साल (गुलामी के समय) मूल निवासी की चूलें तोड़ी गईं, तब शायद एस सी एस टी ऐक्ट नहीं था अन्यथा आक्रमणकारी घबरा कर भाग जाते और आरक्षण भी नहीं था यदि होता तो आरक्षणास्त्र चला देते, तो क्या मूल निवासी की उत्पत्ति आजादी के बाद हुई।
वंदेमातरम।
आरक्षण लेने वालें लोग आरक्षण बढ़ाने के लिए जिस तरह से लड़ रहें है…
कहीं एक दिन ऐसा न हो कि ये लोग पेपर के प्रश्नों में आरक्षण मांगने लगें….कहेंगे कि आरक्षण वालों का प्रश्न सरल हो और सवर्णो का प्रश्न कठिन हो,जिसे हम लोग आसानी से हल कर सके।
क्यो भीमांडुओ 😜🤣🤣🤣
यह लाल झा हैं
जाति से ब्राह्मण हैं
मधुबनी के रहने वाले हैं
नारियल बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं
लेकिन इन्हें जातिगत आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा
क्योंकि सरकार के अनुसार ब्राह्मण जन्म से राजा होता है
क्या समानता लाने के लिए जातिगत आरक्षण खत्म नही होना चाहिए? आरक्षण को जड़ से मिटाना होगा
आरक्षण मिटाओ अभियान का हिस्सा बनें 🤟
जंतर मंतर पे जो जेन जी ने गालीया दी मै उसका विरोध करता हु
लेकिन फिर याद आया
मैं तो सवर्ण हु मैं सबको प्रताड़ित करता हु
लोगो की नजर में मैं सबका शोषण करता हु
मेरे लिए ugc बिल लाया जा रहा था