The ministry of external affairs says that a passport is a document travel not the proof of citizen ship . Really ??? . So are they providing this travel document to some people with out being totally convinced that this person is an Indian citizen ?? . It is absurd .
#WATCH | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: TMC सांसद व वकील कल्याण बनर्जी ने चुनाव नतीजों पर हाई कोर्ट में सुनवाई पर कहा, "ममता बनर्जी ने जो चुनावी याचिका दर्ज की थी, उसी याचिका पर आज सुनवाई हुई। हमने कहा था 12 राउंड तक मतगणना ठीक थी। 13वें राउंड में जब शुभेंदु अधिकारी काउंटिंग हॉल में घुसे तो उन्होंने भाजपा के काउंटिंग एजेंट को निर्देश दिया कि TMC के काउंटिंग एजेंट को भगा दो, उन लोगों ने मारकर भगा दिया। CISF की उन्होंने मदद ली। हमने मांग की कि CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। सब कुछ—CCTV, VVPAT, कैमरे और EVM मशीनें—सुरक्षित रखी जानी चाहिए... 2021 में नंदीग्राम में जो रिटर्निंग ऑफिसर थे उन्हें भवानीपुर चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया। उन्होंने सिर्फ शुभेंदु अधिकारी की बात सुनी, और किसी की बात नहीं सुनी। जब शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इस रिटर्निंग ऑफिसर को CMO कार्यालय का संयुक्त सचिव बचाया। पक्षपात, भेदभाव किया गया। मुख्य चुनाव अधिकारी को भी बाद में मुख्य सचीव बना दिया गया, सुब्रत गुप्ता जो स्पेशल पर्यवेक्षक थे उन्हें भी विशेष सचिव बनाया गया। यह सब पक्षपात है।"
अस्सी के दशक में जब से मंदिर आंदोलन शुरू हुआ है, तब से चंदे की चोरी का सिलसिला भी चलता आ रहा है। संभावना है कि इन लोगों ने अब तक कई हज़ार करोड़ रुपये चोरी किया। आज से 36 साल पहले 1990 के एक आयकर अधिकारी का इंटरव्यू सुनिए।
भौतिकी के नियमों को भौंचक्का करने वाली आग 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🤫
हाल ही में चुनाव आयोग के ‘ताज’ में एक और ‘नगीना’ जुड़ गया. दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके में एक सरकारी इमारत में एक चमत्कारिक आग लगी. इसमें 4000 ईवीएम और वीवीपैट मशीनें जलकर राख हो गईं. इस इमारत में अन्य विभागों के अलावा दक्षिण 24 परगना जिला परिषद का कार्यालय भी था.
आग के चरित्र ने भौतिकी के नियमों को भौंचक्का कर डाला. पश्चिम बंगाल के दमकल और आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री Kaushik Choudhury के मुताबिक दूसरी, तीसरी मंजिल से यह आग भड़की. इसके बाद चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को बिना कोई नुकसान पहुंचाए, बिना उन्हें छुए, सीधे छलांग मारकर 7वीं, 8वीं, 9वीं और 10वीं मंजिल पर पहुंच गई.
विद्वानों का कहना है कि यह कोई साधारण आग नहीं थी. पहले यह सीढ़ियों से दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंची. इसके बाद इसे याद आया कि समय ज्यादा लग रहा है, तो इसने लिफ्ट पकड़ ली. और वहां से यह आग सीधे 7वीं मंजिल पर पहुंच गई. इतनी समझदार आग दुनिया ने पहली बार देखी. उसे पता था कि सच्चे लोकतंत्र की राह में आहुति किस मंजिल पर जाकर देनी है.
ये भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। ये मान रहे हैं कि चूँकि भारत आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के दौड़ से बाहर हो चुका है और मैन्युफैक्चरिंग आधारित रोजगार सृजन में काफ़ी पीछे रह गया है, इसलिए युवाओं को अब खाना बनाने, प्लंबिंग, केयरगिविंग जैसी नौकरियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
एक समय था जब भारत के युवाओं को तकनीक, नवाचार और उच्च कौशल आधारित रोजगारों का सपना दिखाया जाता था। आज स्थिति यह है कि सरकार के शीर्ष आर्थिक सलाहकार ही स्वीकार कर रहे हैं कि अब देश उन क्षेत्रों में अपेक्षित अवसर उत्पन्न करने में असमर्थ हैं।
कच्चा तेल बहुत ज्यादा सस्ता हो गया है. अब ये 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है.
मोदी सरकार ने कच्चा तेल महंगा होने की बात कहकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे.
क्या अब पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?
दैनिक भास्कर ने आज बसपा के UP अध्यक्ष विश्वनाथ पाल का स्टिंग किया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मायावती से मिलने का टोकन मनी 5 लाख रुपए है, जबकि विधानसभा टिकट पाने के लिए 3.35 करोड़ रुपए देने होंगे।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा को आप सब तो जानते ही होंगे। अरे वही जिनकी बेंच ने मीनाक्षी नटराजन के केस में पहले नामांकन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद सुनवाई की फिर निचली अदालत में चुनाव याचिका के तहत जाने को कहा। खबर यह नहीं है।
खबर यह है कि इनके बेटे पद्मेश मिश्रा को महज पांच साल के अनुभव पर 2024 में राजस्थान का अतिरिक्त एडवोकेट जनरल बना दिया था।
राज्य सरकार की वाद नीति, 2018 के अनुसार, 10 साल का वकालत अनुभव रखने वाले अधिवक्ता को ही एएजी नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन राज्य सरकार ने इसमें संशोधन कर विशेषज्ञता के आधार पर किसी भी अधिवक्ता को एएजी बनाने का प्रावधान कर दिया।
इसके तहत ही राज्य सरकार ने वकील के तौर पर 2019 में पंजीकृत पदमेश मिश्रा को 23 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पैनल एडवोकेट नियुक्त किया। बात यहीं खत्म नहीं हो इसके तीन दिन बाद ही उसे सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का एएजी बना दिया दिया। खबर यही खत्म नहीं होती।
यह मामला जब हाईकोर्ट गया और इसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से एएजी पद पर की गई नियुक्ति विधिसम्मत है और लॉ ऑफिसर की नियुक्ति करना राज्य सरकार का प्रशासनिक व वैधानिक अधिकार है।
हाईकोर्ट ने पदमेश मिश्रा की एएजी पद पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका भी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी भी तरह की राहत प्राप्त करने का अधिकारी नहीं है।
तो अब खबर फिर से पढ़ें कि मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली।
दो प्रमुख हेडलाइन्स:
>राम मंदिर से भारी मात्रा में दान का धन और सोना-चाँदी गायब।
>RSS कर रहा अपने आय-व्यय की जानकारी देने में आनाकानी।
समाचार समाप्त हुए।
राम राम🙏