पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रखर राजनेता आदरणीय श्री अरुण जेटली जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन करता हूं।
कुशल अर्थशास्त्री, प्रभावशाली वक्ता एवं दूरदर्शी नीति-निर्माता के रूप में जेटली जी ने देश की आर्थिक एवं राजनीतिक दिशा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संसद में उनकी तार्किकता, विषयों की गहरी समझ और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। राष्ट्रहित के प्रति उनका समर्पण, उनके विचार एवं आदर्श सदैव हमें राष्ट्रसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
ऐसा आंदोलन मैंने देखा नहीं रात भर लोग जंतर मंतर आते रहे गिरफ्तार होते रहे और मैं छुड़ाता रहा जो पीटते रहे मैं इलाज करवाता रहा अभी तक चल रहा है
#आरक्षण_विरोधी_आंदोलन
यह “सस्ता केजरीवाल” फिर एक्सपोज़ हो गया। 😂
सवाल: CJP सिर्फ BJP शासित राज्यों को ही क्यों निशाना बनाता है?
जवाब मिला: “मैं राजस्थान में पैदा हुआ, डिपके महाराष्ट्र में, सौरव दिल्ली में पैदा हुआ। इसमें हमारी क्या गलती कि वहाँ BJP है?”
तो फिर आफरीन का क्या? वह कर्नाटक की है और CJP का हर जगह चेहरा थी। लेकिन जैसे ही कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार आई, वह अचानक गायब हो गई। 🤔
RHA को ले कर सरकार से कुछ बात और माँगें
सरकार अपने स्तर से हर आंदोलन को फूट, समझौता, बल-प्रयोग, समझदारी, मिसइन्फॉर्मेशन कैम्पेन या कायरता दिखा कर कर समाप्त करना चाहती है। और वही उनका कार्य भी है। RHA का नाम ले कर कुछ लोगों ने आंदोलन के लिए जनता को बुलाया और लगभग 7000 की भीड़ जंतर मंतर पर भीतर दिखी, उतने को ही बाहर होल्ड किया गया या लौटा दिया गया।
मैंने केवल दिल्ली पुलिस की बकलोली की अवज्ञा के लिए इसमें भाग लेने की बात की और फिर बहुत लोग मेरे आने पर भी आए। फिर दुबे को पाठक जी ने नेता मान कर एक ऐसे पत्र पर चर्चा के लिए आश्वासन दिया जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं है।
खैर, मैं ये सब तकनीक देखता और जानता आया हूँ। मुझे इस विषय पर सरकार को भीड़ दिखाने की आवश्यकता न पहले थी, न आज है, पर जब चाहूँ वह भी कर सकता हूँ। अगली बार बिना अनुमति के भी ऐसा किया जा सकता है यदि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट चाहिए, तो वह भी दिखा देंगे। पर मेरा लक्ष्य वह है ही नहीं।
सरकार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से इसलिए नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक भीड़ पूरे कनॉट प्लेस को घर कर पत्थरबाजी करते हुए संसद घेर लेगी। सरकार को इसलिए डरना चाहिए कि ऐसी कोई भीड़ ही नहीं है, न ही हम संसद को घेरने की योजना बना रहे हैं।
आंदोलन की तपन केवल जलती हुई कार की आग और अराजक भीड़ की ही नहीं होती। एक तपन ऐसी भी होती है जब जनमानस को वैचारिक रूप से इतना सक्षम बना दिया जाता है कि वह स्वयं ही अपने लिए वह निर्णय कर ले, जो वो कल तक किसी दूसरे बहकावे में आ कर कर रहा था।
हमारी माँगें:
१. आरक्षण पर श्वेत-पत्र: क्या लाभ हुआ, किन जातियों को अनुपात से अधिक लाभ लगातार मिला, कौन सी जातियाँ पूर्णतः छूट गईं। आरक्षण किस तरह से देश या समाज के उत्थान में सहायक है, उसके लिए आँकड़े क्या कहते हैं आदि आदि! इस से जुड़ी हर वह रिपोर्ट और सर्वेक्षण जो सार्वजनिक नहीं हुई।
२. EWS को हर वह आर्थिक सहायता दी जाए जो SC को मिलती है। निःशुल्क कोचिंग, निःशुल्क फॉर्म, शून्य हॉस्टल और कोर्स फीस। फिर भी लोन यदि लेना पड़े तो उसमें भी सुविधा।
३. तीनों ही आरक्षित वर्ग में ‘कोटा विदिन कोटा’ लागू हो ताकि वास्तविक दलित-पीड़ित-वंचित जातियों तक लाभ पहुँचे। अभी SC और OBC में हजार-हजार जातियाँ ऐसी हैं जिन्हें नगण्य आरक्षण मिला है। और 4-5 जातियाँ ऐसी हैं जो 70-80% आरक्षण खा रही हैं। इसका आधार पारिवारिक आय हो, न कि वैयक्तिक और दुरुपयोग की संभावना न रहे।
४. मेरिट का सम्मान हो। आरक्षित वर्ग का कटऑफ किसी भी हालत में सामान्य वर्ग के कटऑफ के (से नहीं) 10% के रेंज से बाहर न जाए। और यह भी आज की परीक्षा के अधिकतम आयु सीमा वाले बच्चों की आयु के बाद समाप्त किया जाए। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तो तय होना ही चाहिए।
५. सरकार यह सर्वेक्षण करे कि क्या गरीबी, भेदभाव या पिछड़ेपन से किसी की बौद्धिक क्षमता घट या बढ़ सकती है? इम्पीरिकल एविडेंस सार्वजनिक करें और उसी आधार पर आरक्षण की नीतियाँ बनें।
६. एक व्यक्ति को एक बार आरक्षण मिले। एक परिवार को एक बार आरक्षण मिले।
७. दशकीय समीक्षा हो। समाप्ति के लिए एक ‘सनसेट क्लॉज’ या रोडमैप कि कब तक रहेगा।
८. कॉलेज/यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों में पुस्तकों के अलॉटमेंट का आरक्षण तत्काल निरस्त हो। इसका कोई लॉजिक नहीं है। यह आरक्षण से लड़ कर वहाँ पहुँचे बच्चों को सताने की व्यवस्था मात्र है। या आप पुस्तकों की मात्रा दोगुनी कीजिए और वहाँ ‘आरक्षित सेक्शन’ लिख दीजिए।
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अन्य माँगें:
९. यूजीसी नियमावली निरस्त हो या समीक्षा कर के हर जाति समूह को इसमें सम्मिलित किया जाए।
१०. SC/ST Act की तर्ज पर ‘सवर्ण उत्पीड़न (रोकथाम) कानून पास’ हो। दोनों ही कानून में केस झूठा पाए जाने पर, उस केस में होने वाला दंड आरोप लगाने वाले को झेलना पड़े। आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाए।
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सरकार और सुधिजन देख लें। बाकी, चाहे आप दुबे, शेखावत या अन्य को मैनेज कर लें, आंदोलन चलता रहेगा।
इतनी पुलिस तो साला कॉकरोच जिस दिन पुलिस वालों की लिंचिंग का प्रयास कर रहे थे, तब भी नहीं उतारी थी! पर अच्छा लगा कि मोदी जी सवर्णों की सुरक्षा का इतना ध्यान रखते हैं।
ठाकुर शिवम सिंह (RHA संयोजक) का साफ संदेश🔥
रात के 2 बजे संसद मार्ग थाना से लौटे। तीन दिन से परमिशन के चक्कर में घुमाया जा रहा है।
डीसीपी बोले – सुबह देंगे परमिशन।
राष्ट्रवादी लोगों को परमिशन नहीं, देश-विरोधी को आसानी से मिल जाती है। एक महीने से संघर्ष कर रहे हैं। हम परमिशन के मोहताज नहीं।
आज जंतर मंतर पर सवर्ण समाज के लोग आ रहे हैं। प्रोटेस्ट करेंगे। जेल हो या गोली – कोई फर्क नहीं पड़ता।
सवर्णों, मैं तो दिल्ली के लिए रवाना हो चुका हूँ।
मिलता हूँ कल, 21 अगस्त को दिल्ली जंतर-मंतर पर।
उम्मीद करता हूँ कि आप सब निराश नहीं करेंगे और अपने मान-सम्मान, स्वाभिमान तथा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिल्ली पहुँचेंगे।
अभी नहीं तो फिर कभी नहीं!
कल सवर्णों के जेन-जेड जंतर-मंतर आ रहे हैं , अपने लिए न्याय मांगने कृपया उनका समर्थन करिए यदि पहुँच रहे हैं तो आपका स्वागत है नहीं तो आप जहाँ हैं वही से इस आंदोलन को समर्थन दीजिए ।
अब जब पुलिस ने permission deny की है, तो मैं जाऊंगा, Permission दे देते तो नहीं जाता लेकिन अब जाऊँगा, दिल्ली NCR से जुड़े सभी लोग भी आयें
- @ajeetbharti
कल 21 अगस्त को सिर्फ़ देखना नहीं है, अपनी मौजूदगी दर्ज करानी है ज्यादा से ज्यादा
#ugcrollback#ReservationHataoAndolan
कल जंतर मंतर पर,
2 बजे से,
आरक्षण के खिलाफ मुहिम शुरू होगी!
अगर आप भी देश में समानता चाहते हैं तो आंदोलन से ज़रूर जुड़ें🙏
#21AugReservationHataoAndolan
And that’s a huge FUCK YOU GENERAL CLASS from honourable @narendramodi ji! On 17/08 @DelhiPolice allowed a protest, and now they are saying that BNS 163 is applied in the whole district?
Why are you scared Modi ji? UGC time, you guys got us all under house arrest, this time you are not giving permissions? Do you seriously want this confrontation? Do you want us to take to street illegally and burn cars, stone pelt police like CJP?
When we use civilised and constitutional ways, you stop us at every instance! Our protest was not allowed in March but that Swami Prasad Maurya was allowed?
I am asking you @PMOIndia and @BJP4India, do you seriously want this confrontation? Do you want it to get more vicious? How long can you protect your shitty policies targeting General Castes?
We will answer to this. And FUCK YOU, FUCK YOUR AMBEDKAR LOVE.
नमस्कार साथियों 🙏
लगातार 4 घंटे की मेहनत के बाद हमने अकाउंट को फिर से रिकवर किया है जो लोग हमारे आंदोलन के खिलाफ है वो अकाउंट की रिपोर्ट कर रहे हैं जिसके कारण अकाउंट कुछ समय के लिए ब्लांक कर दिया गया था वह लोग याद रखें आप कितनी भी कोशिश कर लो लेकिन हम हिम्मत नहीं हारेंगे अन्तिम समय तक प्रयास करेंगे....
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳
'Reservation Hatao Andolan'
#reservationhataomovement
आज @tehseenp को हाउस अरेस्ट किया गया। क्यों? क्योंकि शांतिपूर्ण तरीके से, सारी अनुमतियों के साथ, संविधान के वृत्त में, मौलिक अधिकारों के साथ प्रदर्शन करने वालों से सरकार को भय लगता है?
हाउस अरेस्ट के प्रोविजन्स क्या हैं? क्या इसका कोई लीगल प्रावधान है? @DelhiPolice क्या चाहती है? अब लोग प्रदर्शन के अधिकार के लिए भी कोर्ट से अनुमति लें?
यूजीसी पर दो बार अनुमति दे कर रोका गया। इथेनॉल पर तीन बार तहसीन पूनावाला को रोका गया। क्यों? क्योंकि हमारे हाथ में पेट्रोल बम नहीं है? क्योंकि हम केवल बात कहना चाहते हैं?
@PMOIndia इस अंधेरे में न रहे कि जनता इसे मोदी जी की रीलबाजी से भूल जाएगी। इस पूरे वर्ष का लेखा-जोखा हम उचित समय पर निकालेंगे। तुम्हें भी पता है कि ठाकुर-ब्राह्मण की स्थिति, स्थानीय भ्रष्टाचार, जनता के विषयों के फुनसी का बवासीर तुम बना चुके हो।
ऐसी हर एक मूर्खता, तुम्हारे लिए कर्ण की भाँति मुख्य युद्ध में चक्का धँसने और मंत्र भूलने जैसे श्राप साबित होंगे। कोई रील, कोई चाटुकारों की पोस्ट काम नहीं आएगी। हम सड़कों पर अभी नहीं उतरेंगे, पर जब जीना हराम कर दोगे, तब देख लेंगे।